Politalks.News/MaharashtraPolitics. महाराष्ट्र में शिवसेना के अधिकांश विधायक भले ही टूट कर बागी एकनाथ शिंदे के साथ सरकार में शामिल हो गए हों, लेकिन ठाकरे परिवार के प्रति इनकी वफादारी में कोई कमी नहीं आई है. बल्कि ताजा घटनाक्रम ने इस बात पर सवालिया निशान लगा दिया है कि
शिंदे गुट और बीजेपी का यह गठबंधन कितने दिन चलने वाला है? दरअसल, उद्धव ठाकरे पर बीजेपी नेता किरीट सोमैया की व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर एकनाथ शिंदे खेमे और बीजेपी के बीच दरार आ गई है. शिंदे खेमे के प्रवक्ता दीपक केसरकर और बुलढाणा के विधायक संजय गायकवाड़ ने सोमैया को दो टूक जवाब हुए भाजपा से ठाकरे परिवार को निशाना न बनाने की चेतावनी देने को कहा है. गायकवाड़ ने यहां तक कह दिया कि उन्हें
सरकार की परवाह नहीं है, लेकिन ठाकरे के खिलाफ किसी भी व्यक्तिगत हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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दरअसल, शिवसेना प्रवक्ता दीपक केसरकर और विधायक संजय गायकवाड़ बीजेपी नेता किरीट सोमैया के उस ट्वीट पर भड़क गए थे जिसमें सोमैया ने कहा था कि, '''
रिक्शावाला' के सीएम एकनाथ शिंदे से आज मंत्रालय में नील सोमैया ने मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं, माफिया सीएम को बदलने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया.'' इस पर गहरी आपत्ति जताते हुए केसरकर ने कहा, 'हम सोमैया द्वारा उद्धव ठाकरे के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्दों से सहमत नहीं हैं. ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. इस पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है.
मैंने पहले ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य विधायकों से उद्धव ठाकरे की आलोचना या कोई बयान नहीं देने का अनुरोध किया है.' केसरकर ने आगे कहा, 'हम उद्धव ठाकरे के खिलाफ सोमैया की आलोचना के बारे में फडणवीस को बताए हैं, उम्मीद है कि फडणवीस सोमैया से कहें कि उद्धव ठाकरे के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी न करें, जो हुआ वह हमें पसंद नहीं आया.'
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वहीं दूसरी ओर शुरू से किरीट सोमैया के कटु आलोचक रहे बुलढाणा के विधायक संजय गायकवाड़ ने तो सीधी चेतावनी दी है कि वे ठाकरे परिवार के खिलाफ आलोचना बर्दाश्त नहीं करेंगे. गायकवाड़ ने कहा कि, '
सोमैया को ध्यान रखना चाहिए कि हम ठाकरे परिवार पर उनके हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे, अगर सोमैया ठाकरे परिवार के खिलाफ अपना बयान जारी रखते हैं तो हमें सत्ता की परवाह नहीं होगी.' गायकवाड़ ने कहा कि, 'किरीट सोमैया को यह नहीं सोचना चाहिए कि विधायक शिवसेना से अलग हो गए हैं या अलग गुट बना लिया है, हम शिवसेना हैं.
सोमैया को यह नहीं सोचना चाहिए कि हमने बालासाहेब ठाकरे, उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे के प्रति अपनी वफादारी छोड़ दी है और हम उन्हें कोसते हुए अलग हो जाएंगे.'
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आज चुनाव करवा कर देख लें, पता चल जाएगा: उद्धव ठाकरे
वहीं एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद उद्धव ठाकरे ने पहली बार बीते शुक्रवार को जनता को संबोधित किया. उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना बीएमसी चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ेगी, क्योंकि कार्यकर्ता हमारे साथ हैं. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और बागी विधायकों को चेतावनी देते हुए कहा कि, मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि आज विधानसभा चुनाव कराएं, अगर हमने गलत किया है, तो लोग हमें घर भेज देंगे और अगर आपको यही करना था, तो आपको इसे ढाई साल पहले करना चाहिए था और यह सम्मानपूर्वक हो गया होता. यह सब करने की कोई आवश्यकता ही नहीं पड़ती.' इसके साथ ही उद्धव ठाकरे ने पार्टी के सिंबल को लेकर कहा कि शिवसेना से धनुष-बाण का चिन्ह कोई नहीं ले सकता.