पश्चिम बंगाल की सुवेंदु सरकार में प्रवासी राजस्थानी अशोक कीर्तनिया को मिली जगह, अशोक कीर्तनिया बंगाल की राजनीति का हैं जाना-पहचाना चेहरा, कीर्तनिया की जड़ें जुडी हुई हैं राजस्थान की माटी से, अशोक कीर्तनिया उन प्रवासी राजस्थानियों के परिवार से आते हैं जो दशकों पहले व्यापार और रोजगार के सिलसिले में राजस्थान से निकलकर बसे थे बंगाल में, राजनीतिक रूप से बंगाल में सक्रिय रहने के बावजूद, अशोक कीर्तनिया का राजस्थान से गहरा सांस्कृतिक और सामाजिक लगाव आज भी है बरकरार, कीर्तनिया भाजपा के उन 5 विजयी प्रवासी राजस्थानी उम्मीदवारों में हैं शामिल जिन्होंने भाजपा के टिकट पर बंगाल विधानसभा चुनाव में लहराया परचम, 52 वर्षीय अशोक कीर्तनिया एक सधे हुए राजनेता होने के साथ-साथ हैं एक सफल व्यवसायी भी, बता दें पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत 9 ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था जिनका संबंध था राजस्थान से, इन 9 में से 5 उम्मीदवारों ने जीत की दर्ज की, जो यह दर्शाता है कि प्रवासी राजस्थानी समुदाय अब बंगाल की राजनीति में 'किंगमेकर' की भूमिका में, इस चुनाव में राजस्थान से जुड़े विजय ओझा, भरत कुमार झंवर, अजय कुमार पोद्दार, राजेश कुमार, अशोक कीर्तनिया ने भाजपा के टिकट पर जीता चुनाव
सुवेंदु के मंत्रिमंडल में 'राजस्थानी' का दबदबा! इस नेता को कैबिनेट में मिली जगह, PM ने लगाया गले

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