महंगाई-बेरोजगारी पर लगाम लगाने में केंद्र पूरी तरह नाकाम, मुद्दों से ध्यान भटकाने का हो रहा है काम- पवार

पवार के निशाने पर केंद्र सरकार
11 May 2022
Politalks.News/MaharashtraSharadPawar. हाल ही में देश के 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव ने आम आदमी पार्टी की कमर तोड़ कर रख दी है. लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर लगातार विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है. महाराष्ट्र के दिग्गज नेता एवं NCP प्रमुख शरद पवार ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. यहीं नहीं शरद पवार ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के आयोध्या जाने के कार्यक्रम पर भी तंज कसा. शरद पवार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, 'अयोध्या जाना कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है लेकिन मीडिया में दिन रात बस इसे ही दिखाया जा रहा है. केंद्र सरकार महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से निपटने में 'शत प्रतिशत नाकाम' रही है.' वहीं महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में विपक्षी दलों के नेताओं पर हो रही सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर भी शरद पवार ने सवाल उठाए. https://www.youtube.com/watch?v=yybWj1LhGpA महाराष्ट्र में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर शुरू हुई सियासत ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. महाराष्ट्र में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने एक आह्वान करके विवाद खड़ा करने वाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने हाल ही में कहा था कि, 'वह भगवान राम का आशीर्वाद लेने के लिए पांच जून को अयोध्या जाएंगे.' उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने भी पहले कहा था कि वह अयोध्या का दौरा करेंगे. अब इस राम दर्शन पॉलिटिक्स को लेकर महाराष्ट्र के दिग्गज नेता एवं NCP प्रमुख शरद पवार की प्रतिक्रिया सामने आई है. शरद पवार ने मंगलवार को कोल्हापुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, 'महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मसलों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अयोध्या जाने और पूजा-पाठ करने जैसे मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है.' यह भी पढ़े: सीएम गहलोत पर जेपी नड्डा के आरोपों का OSD शर्मा ने दिया जवाब- आपसे छुपाए जा रहे हैं तथ्य शरद पवार ने पत्रकारों से रुबूर होते हुए कहा कि, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर लोगों को आश्वस्त किया था,कि महंगाई कम होगी लेकिन ये कम होने की बजाय तेजी से बढ़ती जा रही है. सरकार इससे निपटने में 'शत प्रतिशत नाकाम' रही है और लोग उचित समय पर उससे इसकी भरपाई करेंगे.' शरद पवार ने आगे कहा कि, 'आज देश का आम आदमी कई समस्याओं का सामना कर रहा है, लेकिन केंद्र में बैठे लोग इन पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं. समस्याओं से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए धर्म से जुड़ी इस तरह की हरकतों को बढ़ावा दिया जा रहा है जो कि गलत है. पुरे दिन मीडिया में सिर्फ यही सबकुछ दिखाया जा रहा है. यह भी पढ़े: राजस्थान कांग्रेस का फ़ार्मूला- खुद का साथ-खुद का विकास, जनता त्रस्त है और सरकार मस्त- मैडम राजे वहीं राकांपा प्रमुख पवार ने राजद्रोह कानून को लेकर कहा कि, 'हम अब एक स्वतंत्र देश में रहते हैं और हर व्यक्ति को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है. राजद्रोह कानून की समीक्षा एक स्वागत योग्य कदम है और ब्रिटिश काल के कानून को खत्म करने की जरूरत है.' वहीं पवार ने बीजेपी के खिलाफ एक वैकल्पिक मोर्चा बनाए जाने संबंधी सवाल के जवाब में कहा कि इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है. संयुक्त मोर्चे के गठन से पहले विपक्षी दलों के बीच मतभेदों को दूर करने की जरूरत है. पिछले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान, ममता बनर्जी और NCP एक साथ थे, लेकिन कांग्रेस और वाम दल भाजपा के खिलाफ चुनाव के दूसरे पक्ष में थे. अगर कांग्रेस और वामपंथी दल हमारे साथ होते तो तस्वीर बिल्कुल अलग होती. इसी तरह केरल में कांग्रेस विपक्ष में है जबकि हम और कम्युनिस्ट पार्टियां राज्य सरकार चला रही हैं. पहले इन सभी मुद्दों को सुलझाया जाना चाहिए और यह प्रक्रिया जारी है.'