PoliTalks News
uttar-pradesh-vidhan-sabha-election

सपा को BJP का बड़ा झटका, पूर्वांचल के बाद पश्चिम यूपी पर फोकस, गुर्जर नेता के जरिये साधा वोट बैंक

17 नवंबर 2021
साझा करें:
सपा को BJP का बड़ा झटका, पूर्वांचल के बाद पश्चिम यूपी पर फोकस, गुर्जर नेता के जरिये साधा वोट बैंक

Politalks.News/UttarPradesh. उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गठजोड़ की राजनीति अपने चरम पर पहुंच चुकी है. सभी दल किसी भी तरह आगामी चुनाव के लिए अपना कुनबा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी कड़ी में बीजेपी ने सपा और बसपा को बड़ा झटका दिया. समाजवादी पार्टी के 4 और 6 बसपा MLC बीजेपी में शामिल हो गए. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी का यहां दांव पश्चिमी उत्तरप्रदेश में गुर्जर वोटरों में सेंधमारी के तहत किया गया है. क्योंकि प्रदेश की सियासत में गुर्जर भी अपनी अलग पहचान रखते हैं. साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि, ‘चुनाव से पहले कई सपा विधायक बीजेपी में शामिल हो जायेंगे’. वहीं … Read more

Politalks.News/UttarPradesh. उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गठजोड़ की राजनीति अपने चरम पर पहुंच चुकी है. सभी दल किसी भी तरह आगामी चुनाव के लिए अपना कुनबा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी कड़ी में बीजेपी ने सपा और बसपा को बड़ा झटका दिया. समाजवादी पार्टी के 4 और 6 बसपा MLC बीजेपी में शामिल हो गए. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी का यहां दांव पश्चिमी उत्तरप्रदेश में गुर्जर वोटरों में सेंधमारी के तहत किया गया है. क्योंकि प्रदेश की सियासत में गुर्जर भी अपनी अलग पहचान रखते हैं. साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि, ‘चुनाव से पहले कई सपा विधायक बीजेपी में शामिल हो जायेंगे’. वहीं इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि,’ये तो बस शुरुआत है. आज रात सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को नींद नहीं आएगी’.

बीजेपी ने सपा में सेंधमारी कर MLC रविशंकर सिंह, नरेंद्र भाटी, सीपी चंद और रमा निरंजन को शामिल कर लिया है साथ ही बसपा के भी 6 MLC बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने इन सभी नेताओं को पार्टी में शामिल करवाया और कहा कि, ‘आज सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को नींद नहीं आएगी. इन सभी  नेताओं के आने से भाजपा को बहुत ताकत मिली है’. स्वतंत्र देव सिंह ने आगे बीजेपी में शामिल हुए नेताओं से कहा कि,’आप लोगों से उम्मीद है कि सपा में जो आपके मित्र हैं उनको आप भाजपा में लाएंगे’.

यह भी पढ़े: यूपी के चुनावी रण में कांग्रेस की अकेले उतरने की मजबूरी, पार्टी को अब प्रियंका की सक्रियता से चमत्कार की आस

यूपी चुनाव के ठीक पहले चार एमएलसी के यूं पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हो जाने को अखिलेश यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. कहा तो ये भी जा रहा है कि बीजेपी ने सपा से बदला लिया है और उनके एक विधायक की जगह बीजेपी ने 4 MLC को अपने साथ शामिल कर लिया है. वहीं बीजेपी का दावा है कि,’सपा के कुछ मौजूदा विधायकों को भी पार्टी में शामिल कराने की तैयारी है. ऐसे में अखिलेश यादव को अपने नेताओं को बचाने के लिए नई रणनीति के तहत काम करना होगा’.

बीजेपी में शामिल हुए नरेंद्र सिंह भाटी पश्चिमी उत्तरप्रदेश की गुर्जर राजनीति में अपना अलग ही स्थान रखते हैं. साथ ही नरेंद्र सिंह सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे हैं. पहले ही सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा के विवाद के चलते उत्तर प्रदेश में गुर्जर राजनीति गरमाई हुई है. क्षेत्र के प्रमुख गुर्जर नेता और यहां के पूर्व लोकसभा सांसद और राज्यसभा सांसद सुरेन्द्र नागर पहले ही सपा छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं. ऐसे में तय है कि यहां पर गुर्जर राजनीति भी तेज होगी और गुर्जर नेताओं के दो धड़े होंगे.

यह भी पढ़े: जे&के में कांग्रेस को बड़ा झटका, 3 विधायकों और 4 पूर्व मंत्रियों के इस्तीफे, कहा- पार्टी की हालत खराब

स्वतंत्र देव सिंह ने आगे कहा कि ‘जहां शांति होती है, वहीं विकास होता है. भारत का प्रधानमंत्री अब त्रिपुंड लगाता है. गरीब का सम्मान करता है.’ वहीं स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश यादव के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जाने पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि ‘अखिलेश यादव एक्सप्रेस-वे पर निकल रहे हैं, लेकिन कोरोना के वक़्त नहीं निकले, जबकि उन्हें कोरोना के समय भी निकलना चाहिए था. जब मजदूर प्रवासी सड़क पर निकले थे तब सपा कार्यकर्ता कहां गए थे. अखिलेश अब घर से न निकलें, और आराम करें.

वहीं सूत्रों के अनुसार बीजेपी अब अन्य दलों में और भी बड़ी सेंधमारी की तैयारी कर रही है. इसके साथ ही बीजेपी ने सपा के कुछ मौजूदा विधायकों को भी पार्टी में शामिल कराने की तैयारी की है. उम्मीद जताई जा रही है कि इसी महीने में कुछ अन्य एमएलसी और विधायक भी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. गौरतलब है कि चुनाव से पहले नेताओं का दल बदलने का सिलसिला जारी है. इससे पहले अखिलेश यादव ने बसपा के सात और बीजेपी के एक विधायक को पार्टी में ज्वाइन कराया था.

PoliTalks News - Authoritative News Portal