मेरठ में महागठबंधन की ‘सराब’ बनाकर फंसे पीएम नरेंद्र मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी की भाषण देने की कला के सब मुरीद हैं. कई लोग तो यहां तक कहते हैं कि मोदी खा ही बोलने की रहे हैं. धुंआधार बोलते हैं. धाराप्रवाह बोलते हैं. मंच यदि चुनावी सभा का हो तो मोदी का भाषण और धारदार हो जाता है. विपक्ष की ऐसी बखिया उधेड़ते हैं कि विपक्ष के नेता बगले झांकने लगते हैं. नेताओं की परंपरागत शैली के इतर नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में तुकबंदी का गजब प्रयोग करते हैं. उनकी यह तुकबंदी इतनी हिट रहती है कि मीडिया इनसे सुर्खियां बनाता है और बीजेपी के छोटे-बड़े नेता इन्हें ब्रह्मवाक्य की तरह रट लेते हैं. सियासत के शब्दकोश में नित नए … Read more