लोकतंत्र में पत्रकारों पर हमला निंदनीय, CHA के धरने को जबरन हटाना अलोकतांत्रिक- सांसद बेनीवाल

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25 May 2022
Politalks.News/Rajasthan/Beniwal. प्रदेश की राजधानी जयपुर कालवाड़ क्षेत्र में बुधवार को पत्रकार कमल देगड़ा, विवेक सिंह जादौन व रामनिवास पर हुए जानलेवा हमले को लेकर रालोपा संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है. मामले को लेकर सांसद बेनीवाल ने राज्य के पुलिस महानिदेशक व जयपुर पुलिस कमिश्नर से दूरभाष पर वार्ता करके हमले में संलिप्त सभी आरोपियों व घटना के साजिशकर्ताओं को तत्काल गिरफ्तार करने व उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है. यही नहीं सांसद हनुमान बेनीवाल ने आरएलपी के प्रदेश अध्यक्ष व भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग व पार्टी के पदाधिकारियों को घायल पत्रकारों से मिलने चिरायु अस्पताल भी भेजा. विधायक गर्ग ने घायलों से मुलाकात करके उनके समुचित इलाज करने के निर्देश चिकित्सकों को दिए वहीं घटना स्थल का मुआयना कर अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता की. यह भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव से पहले तेज हुई सियासत, अब कांग्रेस विधायक बिधुड़ी के निशाने पर CM गहलोत कोविड स्वास्थ्य सहायकों के धरने के मामले को लेकर वित्त विभाग के प्रमुख शासन व जयपुर पुलिस कमिश्नर से की दूरभाष पर वार्ता वहीं आज एक बार फिर कोविड स्वास्थ्य सहायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर स्थित सांसद आवास पहुंच कर हनुमान बेनीवाल से मुलाकात करते हुए बताया की पुलिस उनके धरने को जबरन हटाने पर आमदा है. ऐसे में सांसद हनुमान बेनीवाल ने तत्काल उनके समक्ष ही जयपुर पुलिस कमिश्नर से दूरभाष पर वार्ता कर शहीद स्मारक पर सीएचए द्वारा लोकतांत्रिक रूप से दिये जा रहे धरने को जबरन नही हटाने के निर्देश दिए. यह भी पढ़ें: करोडों की जमीन पर धारीवाल का अवैध होटल, बनवाना चाहते हैं पट्टा, अफसर को जाना पड़ेगा जेल- गुंजल यही नहीं इसके साथ ही सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा से दूरभाष पर वार्ता करके कोविड स्वास्थ्य सहायकों की मांगो का सकारात्मक हल निकालने की मांग की. जिस पर अरोड़ा ने 27 मई को CHA के एक प्रतिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया है. इसके साथ ही सांसद बेनीवाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी राजस्थान सरकार से अपील करते हुए लिखा की, 'CHA की मांगो पर जल्द से जल्द सहमति व्यक्त करें, क्योंकि एक माह से भी अधिक समय इनके आंदोलन को लेकर हो गया और धरना स्थल पर गर्भवती महिलाएं तथा कई महिलाओं के साथ छोटे बच्चे भी हैं.'