बलात्कारियों का मनोबल बढाने का कुकृत्य कर रहे हैं गहलोत- रेप के बाद हत्या वाले बयान पर बोले राठौड़

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7 Aug 2022
Politalks.News/Rajasthan/RapeCases. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा हाल ही में देशभर में बढ़ते रेप के बाद हत्या के मामलों को लेकर दिए गए बयान को लेकर देशभर की सियासत गरमा गई है. देश के कुछ सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बना सीएम गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इसी कड़ी में राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि फांसी की सजा के प्रावधान से रेप के बाद हत्या की घटनाओं के बढ़ने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दिया गया बयान दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक है. मुख्यमंत्री जी, जो गृह विभाग के मुखिया भी हैं वह बेतुके बयानों से राज्य में बढ़ते रेप के मामलों में अपनी सरकार की नाकामी से बच नहीं सकते हैं. https://youtu.be/pFi3nWJ2X1E यहां पहले आपको बता दें कि, लगातार बढ़ती महंगाई और घटते रोजगार को लेकर पार्टी के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देशभर में बढ़ रहीं रेप के बाद हत्या की घटनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया था. मीडिया से बातचीत में सीएम गहलोत ने कहा कि, 'निर्भया कांड के बाद जिस तरह से आरोपियों को फांसी देने की मांग ने जोर पकड़ा और फिर कानून लाया गया अमल में, लेकिन उसके बाद से रेप के बाद महिलाओं की हत्या के मामलों में इजाफा हुआ है. सीएम गहलोत ने कहा कि यह एक खतरनाक ट्रेंड बनकर उभरा है देश में, कि रेप करने वाला देखता है कि यह मेरे खिलाफ गवाह बन जाएगी, तो वह रेप भी करता है और फिर हत्या भी कर देता है. सीएम गहलोत ने कहा कि जो रिपोर्ट देशभर से आ रही हैं, वह बड़ा खतरनाक ट्रेंड है. यह भी पढ़ें: 2024 में क्या होगा हरियाणा में भाजपा का? बिश्नोई का इतिहास सियासी गलियारों में बना चर्चा का विषय अब सीएम अशोक गहलोत के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा है. दिग्गज बीजेपी नेता राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि एनसीआरबी और पुलिस प्रतिवेदन के आंकड़े चीख-चीख कर कह रहे हैं कि राजस्थान दुष्कर्म के मामलों में देश में पहले पायदान पर हैं. राजस्थान में हर साल 2000 के करीब बच्चियों से रेप के मामले सामने आते हैं. जनवरी 2020 से जनवरी 2022 तक 4091 केस पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुए हैं. राठौड़ ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में नाबालिग से रेप के आरोपियों को फांसी की सजा के प्रावधान का कानून बना था, दुर्भाग्य है कि मासूम बच्चियों से रेप की घटनाओं पर अंकुश लगाने में विफल मुखिया जी अब फांसी की सजा के प्रावधान की ही खिलाफत कर रहे हैं. अगर हिम्मत है तो इस कानून के विरोध में विधानसभा में प्रस्ताव लेकर आयें तब हम उन्हें माकूल जवाब देंगे. यह भी पढ़े: सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर राजस्थान का दबदबा, ‘बाबोसा’ के बाद जगदीप धनखड़ बने 14वें उपराष्ट्रपति विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने आगे कहा कि राजस्थान में प्रतिदिन दुष्कर्म की 16 घटनाएं हो रही है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी दुष्कर्म के 48% मामलों को झूठा बता चुके हैं. राठौड़ ने कहा कि मुखिया जी इस प्रकार की बयानबाजी करके बार-बार दुर्दांत बलात्कारियों के मनोबल को तोड़ने की बजाय बढ़ाने का कुकृत्य कर रहे हैं. यक्ष प्रश्न यह है कि जब गृहमंत्री ही रेप के मामलों को झूठा बताकर अपराधियों के लिए रेड कार्पेट बिछाएंगे तो फिर पुलिस की जांच का रूप क्या होगा?