BJP में अंदरूनी कलह वाले राज्यों के दौरे पर निकले शाह पहुंचे बंगाल, CAA के जिन्न को निकाला बाहर

अमित शाह उन राज्यों में पार्टी को बूस्टअप करने में लगे हैं जहां भाजपा में अंदरूनी खींचतान चरम पर है, कर्नाटक और बिहार के बाद आज पश्चिम बंगाल पहुंचे और अब जल्द ही राजस्थान के दौरे पर जाएंगे शाह, बंगाल में ममता बनर्जी को जमकर लिया आड़े हाथ तो कोरोना की लहर समाप्त होते ही CAA लागू करने का किया एलान

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...सियासी मिशन पर बीजेपी के चाणक्य
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Politalks.News/BJP/AmitShah. हाल ही में हुए पांच राज्यों के चुनाव के पहले और बाद में यह कहा जाने लगा था कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व में अमित शाह की स्थिति कमजोर हो गई है, लेकिन असल मे ऐसा है नहीं, बल्कि शाह पार्टी के अंदर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों तरह से पूरी कमान संभाले हुए हैं. कुछ राज्यों के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अमित शाह (Amit shah) उन राज्यों में पार्टी को बूस्टअप करने में लगे हैं जहां भाजपा (BJP) के अंदर कलह या अंदरूनी खींचतान चरम पर है. हाल ही में कर्नाटक और बिहार के दौरे के बाद तीन दिवसीय दौरे पर अमित शाह आज पश्चिम बंगाल पहुंचे और अब जल्द ही राजस्थान के दौरे पर जाएंगे. 2021 के चुनाव में मिली हार के बाद पहली बार बंगाल पहुंचे अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को बूस्टअप देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जमकर आड़े हाथ तो लिया ही साथ ही साथ बहुचर्चित CAA के जिन्न को भी एक बार फिर बोतल से बाहर निकाल दिया.

बीजेपी के चाणक्य और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah Bengal Visit) ने उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी के रेलवे इंस्टीट्यूट ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) पर जमकर हमला बोला. शाह ने कहा कि जब तक राज्य में हिंसा, भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज समाप्त नहीं हो जाता, बीजेपी अपनी लड़ाई जारी रखेगी. इसके1साथ ही बंद पड़े CAA के जिन्न को बोतल से बाहर निकालते हुए अमित शाह ने कहा कि टीएमसी सीएए के बारे में अफवाह फैला रही है कि सीएए जमीन पर लागू नहीं होगा, आज मैं ये कह कर जाता हूं कि कोरोना की लहर समाप्त होते ही CAA लागू होगा.

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चुनाव बाद पहली बार आए अमित शाह ने आगे जहां ममता बनर्जी पर हमला जारी रखा तो वहीं जनता का धन्यवाद देते हुए कहा कि, ‘बंगाल में बीजेपी के पास तीन सीट थी, लेकिन आपने 77 सीट दी है. बंगाल की जनता ने तीसरी बार ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाया है. मां, माटी, मानुष का नारा देने वाली दीदी को तीन बार बंगाल की जनता ने मुख्यमंत्री की कुर्सी तक और उन्होंने सोचा था कि ममता बनर्जी सुधर जाएगी, लेकिन अभी भी स्थिति नहीं बदली है.’ अमित शाह ने कहा कि, ‘बंगाल के लोग बताएं, आज बंगाल के अंदर अत्याचार कम हुआ क्या? भ्रष्टाचार बंद हुआ क्या? सिंडिकेट राज बंद हुआ है क्या? बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है. तीन बार जीतने के बाद भी दीदी नहीं सुधार रही हैं. मत सोचना कि बीजेपी नहीं लड़ेगी. जब तक बंगाल की जनता पर अत्याचार, भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज समाप्त होगा. बीजेपी अपनी लड़ाई जारी रखेगी और परिणाम तक पहुंचाएगी.’

आपको बता दें, अमित शाह का यह बंगाल दौरा बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि एक साल पहले आए चुनाव नतीजों के बाद से ही यहां पार्टी बिखरी हुई है और अनेक नेता पार्टी छोड़ कर चले गए हैं. पिछले साल दो मई को आए नतीजों में भाजपा 77 सीटों पर जीती थी लेकिन अब उसके 70 विधायक ही बचे हैं. लोकसभा सांसद बाबुल सुप्रियो भी पार्टी छोड़ कर चले गए हैं. अमित शाह के दौरे से पहले भी बारासात में 15 नेताओं ने पार्टी छोड़ी है. तृणमूल से आए कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी को बीजेपी ने विधायक दल का नेता बनाया है लेकिन उसका भी कोई फायदा नहीं हो रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल पहुंचे अमित शाह अगले दो दिन में पार्टी की अंदरूनी कलह सुलझाएंगे.

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ऐसा ही कुछ हाल बिहार का भी है जहां भाजपा कई खेमों में बंटी है और साथ ही सहयोगी पार्टी जदयू के साथ भी तनाव चल रहा है. इस बीच बीते दिनों अमित शाह का दौरा हुआ और कई मामले सुलझ गए. यहां तक कि राजद की ओर रूझान दिखा रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हवाईअड्डे पर जाकर उनका स्वागत किया, जिसके बाद प्रदेश भाजपा नेताओं के सुर भी बदल गए. शाह ने आरा में वीर कुंवर सिंह की पुण्यतिथि के मौके पर 26 अप्रैल को एक बड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पूरी भाजपा ने एकजुट होकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया.

इसी तरह कर्नाटक में भी बीजेपी के अंदर भारी कलह है और मुख्यमंत्री बदले जाने से लेकर मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलें चल रही हैं. इन अटकलों के बीच मंगलवार को एक दिन के दौरे पर अमित शाह कर्नाटक पहुंचे. पिछले दिनों भाजपा के संगठन महामंत्री और कर्नाटक के रहने वाले बीएल संतोष ने एक बयान में कहा था कि नेतृत्व परिवर्तन भाजपा की ताकत है, उसके बाद से मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई को बदले जाने की चर्चा तेज हो गई थी. पर अब अमित शाह ने बोम्मई के बने रहने का संकेत दिया है. अमित शाह ने प्रदेश के नेताओं के साथ विचार विमर्श किया और एकजुट होकर अगले साल के चुनाव में डेढ़ सौ सीट जीतने के लक्ष्य के लिए काम करने को कहा है.

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