भड़के ‘सुशासन बाबू’ की सदन में स्पीकर से हुई तीखी बहस, बोले- मेरी सरकार ना किसी को बचाती है ना फंसाती

भड़के 'सुशासन बाबू' की सदन में स्पीकर से हुई तीखी बहस
14 Mar 2022
Politalks.News/Bihar. बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) के बजट सत्र में आज बड़ा हंगामा हो गया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक संजय सरावगी (BJP MLA Sanjay Saraogi) ने लखीसराय में 52 दिन में 9 लोगों की हत्या में कानून व्यवस्था पर सवाल पूछा था. सरावगी ने मंत्री से पुलिस कार्रवाई का जवाब चाहा. इस वक्त सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) अपने चैंबर में थे. मामला उठते ही वो बेहद नाराज हो गए. गुस्से में सदन में आए और हंगामा करने वालों को जमकर फटकार लगा दी. सुशासन बाबू ने स्पीकर विजय सिन्हा (Speaker Vijay Sinha) को भी नहीं बख्शा. नीतीश ने कहा कि, 'आप संविधान का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं. इस तरह से सदन नहीं चलेगा. एक ही मामले को रोज-रोज उठाने का कोई मतलब नहीं है'. इस दौरान CM और स्पीकर के बीच जमकर बहस हुई. https://www.youtube.com/watch?v=QMTSlaIAWcA हमारी सरकार न किसी को बचाती है और ना किसी को फंसाती है -नीतीश कुमार मामला सामने आने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि, 'इस मामले में विशेषाधिकार समिति जो रिपोर्ट पेश करेगी हम उस पर जरूर विचार करेंगे. किसी तरह का भ्रम है तो बातचीत की जाएगी. देखेंगे कि कौन सा पक्ष सही है. सिस्टम संविधान से चलता है. किसी भी क्राइम की रिपोर्ट कोर्ट में जाती है, सदन में नहीं. कृपा करके ज्यादा मत करिए. जो चीज पर जिसका अधिकार है, उसको करने दीजिए. हमारी सरकार न किसी को बचाती है और ना किसी को फंसाती है'. यह भी पढ़ें- सिद्धू-चन्नी की वजह से बुरी तरह हारी कांग्रेस, दोनों हैं अवसरवादी और पलटू- हार पर भड़के दिग्गज नेता स्पीकर विजय सिन्हा बोले- 'आप लोगों ने ही मुझे बनाया है विधानसभा अध्यक्ष, आसन को हतोत्साहित...' CM नीतीश कुमार का इस तरह गुस्से भरा बयान आने के बाद स्पीकर विजय सिन्हा ने कहा कि, 'पुलिस की तरफ से लखीसराय की घटना पर खानापूर्ति की जा रही है. जहां तक संविधान की बात है तो मुख्यमंत्री जी, आप हमसे ज्यादा जानते हैं, मैं आपसे सीखता हूं. जिस मामले की बात हो रही है, उसके लिए तीन बार सदन में हंगामा हो चुका है. मैं विधायकों का कस्टोडियन हूं, लेकिन खुद भी जनप्रतिनिधि हूं. जब भी क्षेत्र में जाता हूं तो लोग सवाल पूछते हैं कि थाना प्रभारी और डीएसपी की बात नहीं कह पा रहे हैं? सरकार गंभीरता से इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है. आप लोगों ने ही मुझे विधानसभा अध्यक्ष बनाया है. आसन को हतोत्साहित करने की बात ना हो'. यहां से शुरू हुआ विवाद भाजपा के विधायक संजय सरावगी ने सदन में सवाल उठाया कि एक अखबार में लखीसराय में बीते लगभग 2 महीनों में 9 लोगों की हत्या कर देने की खबर प्रकाशित हुई थी. क्या यह बात सही है कि लखीसराय जिले में साल 2022 के शुरुआती दिनों में 9 लोगों की हत्या हुई है? क्या यह बात सही है कि इन मामलों में गिरफ्तारी नहीं होने से अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है और जनता में भय व्याप्त हो रहा है? इस पर सरकार की तरफ से प्रभारी गृह मंत्री विजेंद्र यादव संजय सरावगी के सवालों का जवाब दे रहे थे. भाजपा विधायक सरावगी मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सरकार को घेरने के अंदाज में कहा कि, 'पुलिस दोषियों को नहीं पकड़ रही है'. विधायक सरावगी सरकार पर ही सवाल उठाते हुए मंत्री के जवाब के बीच में बोलने लगे. उन्होंने कहा कि स्पीकर महोदय को पता ही है कि लखीसराय में पुलिस का रवैया'. यह भी पढ़ें- बाबा का बुलडोजर और मेरा डंडा चलेगा साथ-साथ, निकाल दूंगा सारी गलतफहमी- संगीत सोम ने निकाली बौखलाहट! यह मामला विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा के क्षेत्र का है. इसलिए स्पीकर विजय सिन्हा भी विभागीय मंत्री की ओर से संजय सरावगी के सवाल पर स्पष्ट जवाब चाह रहे थे. विधायक और मंत्री के बीच हो रहे सवाल-जवाब से स्थिति थोड़ी असहज हो रही थी. इसलिए इस प्रश्न को 16 तारीख तक के लिए स्थगित कर दिया गया. अब इस पर अचानक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोलने लगे. बार-बार लखीसराय क्यों आ रहा है आपको बता दें कि लखीसराय में कई जगहों पर बीते फरवरी माह में सरस्वती पूजा के दौरान ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था. इसमें बार-बालाओं का डांस हुआ था. हथियारों के प्रदर्शन के साथ नर्तकियों पर नोटों की बरसात की गई. इन घटनाओं का वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने अपनी कार्रवाई में दो ऐसे लोगों को अरेस्ट किया जो सिर्फ ऑर्केस्ट्रा देखने गए थे. आरोप है कि उन लोगों से जबरन जुर्म कबूल करने को कहा गया. इलाके के विधायक होने के नाते लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा से शिकायत की. घटना पर वो नाराज हो गए और पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी. इसके बाद कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़ा किया जा रहा है.