पश्चिम बंगाल के बाद सियासी मिशन पर असम पहुंचे अमित शाह, दी कई सौगातें, कांग्रेस पर साधा निशाना

एक वो वक्त भी था जब पूरे पूर्वोत्तर भारत में सिर्फ आतंकवाद था, एक ऐसा भी वक्त था, जब कोई प्रधानमंत्री कभी-कभार यहां आते थे, हमारी सरकार आने के बाद पीएम मोदी पिछले 6 वर्ष में 30 बार पूर्वोत्तर भारत में आए, कांग्रेस ने असम के लोगों और उनके गौरव के लिए कुछ नहीं किया

सियासी मिशन पर असम पहुंचे अमित शाह
सियासी मिशन पर असम पहुंचे अमित शाह

Politalks.News/Assam/AmitShah. असम में गरजते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा की, एक वो वक्त भी था जब पूरे पूर्वोत्तर भारत में सिर्फ आतंकवाद था, असम में एक समय आंदोलनों का दौर आया, अलग-अलग बातों को लेकर आंदोलन हुए, सैकड़ों युवा मारे गए. असम की शांति को भंग कर दिया गया साथ ही असम के विकास को रोक दिया गया. एक जमाने में यहां के सारे राज्यों में अलगाववादी अपना एजेंडा चलाते थे, युवाओं के हाथों में बंदूक पकड़ाते थे. अमित शाह ने कहा केन्द्र में हमारी सरकार आने के बाद पीएम मोदी पिछले 6 वर्ष में 30 बार पूर्वोत्तर भारत में आए, एक ऐसा भी वक्त था, जब कोई प्रधानमंत्री कभी-कभार यहां आते थे. इसके बाद से असम में विकास को गति मिल रही है. असम देश की संस्कृति का गहना है. पूर्वी भारत के बिना भारत का विकास अधूरा है.

देश मे एक बार फिर राजनीति के बाजार में हलचल तेज हो गई है. अभी पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की सियासत को ‘डगमगाने‘ वाले भाजपा के कद्दावर नेता और गृहमंत्री अमित शाह एक बार फिर ‘सियासी मिशन‘ पर पूर्वोत्तर के राज्यों में निकले हुए हैं. इसके लिए अमित शाह दो दिन यानी आज और कल असम व मणिपुर में भगवाकरण की सियासत को और तेज करने पहुंच गए हैं. हालांकि गृहमंत्री ने इस सियासी दांव की तैयारी राजधानी दिल्ली में ही बैठकर पूरी कर ली है, असम में शाह को सिर्फ अमलीजामा पहनाना है.

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केंद्रीय मंत्री अमित शाह शुक्रवार देर रात गुवाहाटी पहुंच गए. इन राज्यों में दो दिन के दौरे पर पहुंचे अमित शाह बंगाल की तरह ही विपक्षी दलों केे नेताओं को भाजपा में शामिल कराने के लिए काफी आक्रामक नीति अपनाए हुए हैं. कोरोना महामारी और खराब स्वास्थ्य के चलते शाह की राजनीति में सक्रियता धीमी पड़ गई थी. लेकिन अब ‘भाजपा के सबसे कुशल माने जाने वाले रणनीतिकार ने अगले साल कई राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए अभी से शह-मात का खेल खेलना शुरू कर दिया हैै’.

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पूर्वोत्तर राज्यों में अपने मिशन की शुरुआत करते हुए आज असम में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, असम में लगभग साढ़े 4 साल के अंदर जो विकास की यात्रा पीएम मोदी की अगुआई में यहां सर्वानंद सोनोवाल और हेमंत विश्वा शर्मा की जोड़ी ने आगे चलाई है, इसका एक महत्वपूर्ण पड़ाव आज है. शाह ने कहा कि अब पूरा पूर्वोत्तर भारत डेवेलपमेंट का ग्रोथ इंजन बन चुका है. सारे आतंकी संगठन अब मुख्यधारा में आ चुके हैं.

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इस दौरान कांग्रेस पर हमला बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने असम के लोगों और उनके गौरव के लिए कुछ नहीं किया. हम नए डेवेलपमेंट और विकास कार्यों के लिए 155 करोड़ रुपये दे रहे हैं. लोगों को अपनी विरासत से जुड़ना होगा. सिर्फ विकास ही एकमात्र रास्ता है और अब लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी सोच बदलें.

इस मौके पर असम को कई बड़ी सौगातें देते हुए अमित शाह ने कहा कि, असम में 1 लाख से ज्यादा नामघर, वैष्णव सम्प्रदाय को, हमारी संस्कृति को, शंकरदेव के संदेश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं. उनमें से 50 साल पुराने 8 हजार नामघरों को आज 2.50 – 2.50 लाख रुपये देने का काम हो रहा है. उन्होंने कहा, मैं यहां पहले भी आया हूं. हम लखीमपुर, नागांव और तिनसुकिया में नए मेडिकल कॉलेज बना रहे हैं. शाह ने कहा कि, आज राज्य के अंतर्गत 11 विधि कॉलेजों की स्थापना की आधारशिला रखी गई है. असम ने इस देश को गोगोई साहब के रूप में CJI देने का काम किया है. ये विधि विद्यालय अनेक ऐसे विद्वानों को हमारी न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए देंगे.

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अमित शाह ने कहा कि बोडोलैंड के चुनाव में 80 प्रतिशत वोटिंग हुई और पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई खून-खराबा नहीं हुआ. हमने बोडोलैंड के विकास के लिए 5 हजार करोड़ रुपये दिए हैं, जिससे जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. लोगों ने इस सेमीफाइनल में हमारे लिए वोट किया है और मुझे उम्मीद है कि फाइनल (असम विधानसभा चुनाव) में भी वो हमारे लिए वोट देंगे. शाह ने आगे कहा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में असम सबसे आगे रहा. शाह ने कहा कि राज्य में डेथ रेट सिर्फ 0.47 प्रतिशत है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है.

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