क्या राघव चड्ढा और कुमार विश्वास के बीच दोहराई जा रही है पुरानी कहानी, या सिर्फ सियासी अटकलों का मच रहा शोर?
Raghav Chadha vs AAP : आम आदमी पार्टी के युवा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राष्ट्रीय राजनीति गर्मा रही है. कुछ लोग आप के इस कदम को गलत मान रहे हैं, जबकि पार्टी के नेता चड्ढा पर हुई कार्रवाई को मोदी सरकार के खिलाफ नर्मी की सजा बताते हुए पल्ला झाड़ रहे हैं. हालांकि चड्ढा को पार्टी से नहीं निकाला गया लेकिन उनकी हालात इससे कम भी नहीं है. राघव चड्ढा और आप एक-एक दूसरे पर आरोपों के बाण मार रहे हैं. इस बीच कवि कुमार विश्वास की एक भविष्यवाणी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. उस वीडियो को देखकर ऐसा लगता है जैसे कुमार विश्वास ने राघव का फ्यूचर पहले ही देख लिया था. वहीं सियासी गलियारों में यह सवाल भी उठते लगा है कि क्या राघव चड्ढा पार्टी के नए ‘कुमार विश्वास’ बनने वाले हैं?
एक तरह से देखा जाए तो आम आदमी पार्टी की रणनीति के मुताबिक, राघव चड्ढा के साथ ठीक वैसा ही हुआ, जैसा कुमार विश्वास के साथ हुआ था. कुमार विश्वास तब से पार्टी के साथ थे, जब अरविंद केजरीवाल ने पार्टी का निर्माण किया था. केजरीवाल के हर कैंपेन में कुमार साथ खड़े थे और पॉपुलर भी थे. दो बार दिल्ली फतेह करने के बाद जब कथित तौर पर कुमार विश्वास ने राज्यसभा जाने की जिद की, तब उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. ठीक उसी तरह राघव चड्ढा भी युवा होने के साथ पॉपुलर भी हैं. सदन में उनका रवैया मोदी सरकार की नीतियों पर आवाज उठाने से ज्यादा आम समस्याओं पर फोकस करना रहा. यही बात पार्टी को नागवार गुजरी और उन्हें पद से हटाकर अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी दी गई.
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इसी बीच मशहूर कवि कुमार विश्वास का करीब डेढ़ साल पुराना पॉडकास्ट का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में कवि कुमार ने इशारों में कहा था कि ‘हीरोइन (परिणीति चोपड़ा) से शादी करने के बाद अब यह बालक गया, इसे नहीं छोड़ेंगे.’
एक पोडकास्ट में कुमार विश्वास ने भविष्यवाणी करते हुए कहा था, ‘पार्टी में अरविंद केजरीवाल किसी और नेता को अपनी आभा (popularity) बनाने नहीं देते. अगला शिकार वह बालक (राघव चड्ढा) होगा, जिसकी अपनी कोई औकात नहीं, बस वो लोकप्रिय हो गया है. अपनी अलग आभा बनाने के कारण राघव पार्टी नेतृत्व (केजरीवाल) की नजर में खटकेंगे और पार्टी उन्हें किनारे कर देगी.’
कुमार विश्वास की यह भविष्यवाणी ठीक राघव चड्ढा पर फिट बैठती है. आज राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी एक-दूसरे के दुश्मन बन चुके हैं. आप के ‘युवा पोस्टर बॉय’ कहे जाने वाले राघव चड्ढा को 2 अप्रैल 2026 को पार्टी के राज्यसभा उपनेता पद से हटा दिया गया, जिसके बाद से ही उनके पार्टी से अलग होने के कयास लगाए जा रहे हैं. फिलहाल केजरीवाल के सैनिक (आप नेता) उन पर आरोपों के जहर बुझे तीर बरसा रहे हैं, जिनका जवाब राघव चड्ढा लगातार दे रहे हैं.
आम आदमी से अनबन के बीच राघव चड्ढा की नई पोस्ट भी सुर्खियां बटौर रही है, जिसमें वो रॉबर्ट ग्रीन की पुस्तक ‘द 48 लॉज आफ पावर’ पढ़ते नजर आ रहे हैं. किताब के कवर पेज को शेयर करते हुए चड्ढा ने लिखा, ‘समय को नजर अंदाज करना मुश्किल है. मैंने पहला चेप्टर ‘कभी भी गुरु से आगे मत निकलो’ पढ़ना शुरू किया. कुछ किताबें ठीक उसी समय आती है जब उन्हें आना होता है.’
राघव चड्ढा के इस स्टेटमेंट को सीधे अरविंद केजरीवाल और पार्टी पर निशाना माना जा रहा है. अब देखना ये है कि यह बयान राघव चड्ढा और अरविंद केजरीवाल के बीच सिर्फ मतभेद तक सीमित रहता है या फिर आम आदमी पार्टी के भीतर किसी बड़े राजनीतिक संकेत की ओर इशारा करता है.
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