किसानों को मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना तो कर्मचारियों के लिए बीमा पॉलिसियों पर बोनस का निर्णय

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10 Jun 2021
Politalks.News/Rajasthan. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा साल 2021-22 के बजट में की गई महत्वपूर्ण घोषणा के तहत राजस्थान में गहलोत सरकार कृषि विद्युत कनेक्शनों पर हर महीने 1 हजार रुपए अनुदान देगी. इसकी पूरी तैयारियां कर ली गई हैं. सीएम अशोक गहलोत ने 'मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना' के मसौदे को मंजूरी दे दी है. योजना के तहत मीटर्ड कृषि उपभोक्ताओं को बिजली के बिल पर हर महीने 1 हजार रुपए और अधिकतम 12 हजार रुपए सालाना का अनुदान दिया जाएगा. इस योजना को लागू करने से राज्य सरकार पर हर साल 1450 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा. सामान्य श्रेणी के ग्रामीण कृषि उपभोक्ताओं (जिनका बिल मीटरिंग से आ रहा) को इस योजना का लाभ मिल पाएगा. मई 2021 से मिलेगा लाभ आपको बता दें, प्रदेश के किसानों को पिछले महीने यानि मई 2021 से ही मिलना शुरू हो जाएगा इस योजना का लाभ. योजना के तहत विद्युत वितरण निगमों द्वारा द्विमासिक बिलिंग व्यवस्था के आधार पर पात्र उपभोक्ताओं को बिल जारी किए जाएंगे. उसका 60 प्रतिशत या अधिकतम एक हजार रुपए हर महीने देय होगा. केन्द्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ ही आयकरदाता कृषि उपभोक्ताओं को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है. यह भी पढ़ें: पुलिस की तफ्तीश पूरी निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ हो, किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न हो- गहलोत ऐसे मिलेगा योजना का लाभ इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ लेने के लिए पात्र उपभोक्ताओं को अपने आधार और बैंक खाते को योजना से जुड़वाना होगा. यह भी जरूरी है कि उपभोक्ता पर विद्युत निगमों का बकाया न हो. बकाया भुगतान कर देने पर उपभोक्ता को अनुदान की राशि अगले बिजली बिल पर दी जाएगी. यदि कोई किसान बिजली का कम उपभोग करता है और उसका बिल एक हजार रुपए से कम आता है तो ऐसे में अनुदान की राशि में से शेष बची राशि उसके बैंक खाते में जमा करवाई जाएगी. ऐसा करने से किसान बिजली की बचत करने के लिए प्रेरित होंगे. कर्मचारियों की बीमा पॉलिसियों पर वर्ष 2016-17 और 2017-18 के लिए बोनस का निर्णय राजस्थान की गहलोत सरकार ने राज्य कर्मचारियों की बीमा पॉलिसियों पर वित्तीय वर्ष 2016-17 तथा 2017-18 के लिए बोनस देने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए एक्चुअरी मूल्यांकन की रिपोर्ट को स्वीकार करने तथा बोनस देने के निर्णय का अनुमोदन कर दिया है. यह भी पढ़ें: पायलट के समर्थन में आए भंवर जितेन्द्र सिंह ने कहा- पूरे हों पायलट से किए वादे, सरकार को नहीं कोई खतरा वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, राजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा नियम 1998 के तहत निदेशक, बीमा की ओर से करवाए गए एक्चुअरीअल मूल्यांकन रिपार्ट में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 के लिए एण्डोमेंट कॉन्ट्रेक्टस के लिए 90 रूपए प्रति हजार तथा आजीवन समाश्वासन के लिए 112.5 रूपए प्रतिवर्ष प्रति हजार की दर से साधारण रिवर्सनरी बोनस देने की अनुशंसा की है. एक्चुअरी रिपोर्ट के अनुसार, बीमा पॉलिसियों पर वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए भी इसी दर से बोनस देने की अनुशंसा की गई थी. इसके अतिरिक्त अगला मूल्यांकन परिणाम घोषित होने तक भी इसी दर पर अंतरिम बोनस देने और इसके अतिरिक्त टर्मिनल बोनस की दर 4 रूपए प्रति हजार रखने की भी अनुशंसा की गई है.