लोकसभा में स्पीकर पर संग्राम: विपक्ष बोला-‘माइक’ को एक हथियार की तरह किया जा रहा इस्तेमाल

गौरव गोगोई का हमला, कहा- ‘जब भी अहम मुद्दे उठाते हैं, स्पीकर ओम बिरला रोक देते हैं’, पक्षपातपूर्ण व्यवहार से संविधान और सदन की गरिमा को खतरा, अविश्वास प्रस्ताव व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, सदन की गरिमा और संविधान की रक्षा करना हमारी ड्यूटी

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर गर्मागर्म बहस हुई. कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद द्वारा पेश किये गये अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में उप नेता प्रतिपक्ष गौरव गोगोई ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि संसदीय गरिमा और संविधान की रक्षा के लिए उठाया गया कदम है. गौरव गोगोई ने कहा कि संविधान को बचाने के लिये विपक्ष को ये प्रस्ताव लाना पड़ा. गौरव गोगोई ने सदन की मर्यादाओं को लेकर सत्ता पक्ष के आरोपों पर कहा कि विपक्ष लोकसभा स्पीकर के खिलाफ ये प्रस्ताव खुशी से नहीं लाया है बल्कि मजबूरी में ये प्रस्ताव लाना पड़ा.

ये भी पढ़े : निशांत कुमार को बनाया जाए बिहार का मुख्यमंत्री- JDU की इस मांग का BJP करेगी विरोध!

राहुल गांधी को 20 बार बोलने से रोका
उन्होंने कहा कि संसद का माहौल ऐसा हो गया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता को सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई क्योंकि देश का नेतृत्व कमजोर है. गौरव गोगोई ने दावा किया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के नेता को 20 बार बोलने से रोका गया. गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया, जिससे संविधान और सदन की गरिमा को खतरा है.

संविधान की रक्षा करना हमारी ड्यूटी
गोगोई ने कहा कि ओम बिरला के साथ सभी सदस्यों के व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं और इसलिए विपक्षी सदस्य भी ये प्रस्ताव लाने से दुखी हैं, लेकिन सदन की गरिमा और संविधान की रक्षा करना हमारी ड्यूटी है. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक में की गई टिप्पणियों के बारे में बात करना चाहते थे. गोगोई ने कहा कि राहुल गांधी फरवरी में अमेरिका में एक व्यवसायी के खिलाफ चल रही जांच का मुद्दा उठाना चाहते थे, जिसमें एक मंत्री का भी जिक्र है, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई. राहुल गांधी ने यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील को लेकर भी चर्चा करना चाहते थे. राहुल गांधी ने पूछा था कि भारत ने अमेरिका के साथ समझौता करने और अमेरिका को ऐसी रियायतें देने में इतनी जल्दबाजी क्यों की जो हमारे किसानों के हित में नहीं है. गोगोई ने सीधा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता जब-जब महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने चाहते है तो स्पीकर उन्हें रोक देते हैं.

विपक्ष बोलता है तो बंद कर देते हैं माइक
गौरव गोगोई ने लोकसभा स्पीकर द्वारा सदन के संचालन पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लोकसभा में ‘माइक’ को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी या अन्य विपक्षी नेता अहम मुद्दे उठाना चाहते हैं, तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता और उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं. गोगोई ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान किरेन रिजिजू पर भी निशाना साधा और कहा कि रिजिजू सबसे ज्यादा विपक्षी सदस्यों को अपनी बात कहने से रोकते हैं. इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने टोकते हुए कहा कि ये बात सच है कि किरेन रिजिजू सबसे ज्यादा व्यवधान डालते हैं, लेकिन मौजूदा विपक्ष जैसा विपक्ष पहले कभी नहीं रहा.

वहीं, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान में डिप्टी स्पीकर का मुद्दा भी छाया रहा. विपक्ष ने सवाल उठाया कि अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए जगदंबिका पाल को अध्यक्षता के लिए किसने नियुक्त किया ? इस मुद्दे पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई.