ममता बनर्जी ने मारी पलटी, TMC सांसदों को जारी किया व्हिप, Speaker of the Lok Sabha OM Birla के खिलाफ कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी TMC, 9 मार्च से शुरू होगा संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (OM Birla)के खिलाफ कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion)पर ममता बनर्जी ने बड़ा यू टर्न लिया है. ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने अपने फैसले से पलटी मारते हुए अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस का समर्थन करने का ऐलान किया है. आपको बता दें कि संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा और बजट सत्र के दूसरे चरण से ठीक पहले ममता बनर्जी ने अपना रुख बदल लिया है. अब TMC ओम बिरला को पद से हटाने के कांग्रेस के प्रस्ताव के समर्थन में वोट करेगी.
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बजट सत्र के पहले चरण में कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था लेकिन तब TMC सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर साइन नहीं किए थे. TMC का कहना था कि सीधे अविश्वास प्रस्ताव लाने की बजाए, पहले स्पीकर को पत्र लिखकर 3 दिन का समय दिया जाना चाहिए. अब विपक्षी एकता को ध्यान में रखते हुए TMC ने ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट करने का निर्णय लिया है. इसी सत्र में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव चर्चा हो सकती है
अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और DMK सहित I.N.D.I.A. गठबंधन के करीब 118 सांसदों ने साइन किये थे. अब ममता बनर्जी ने व्हिप जारी किया और पार्टी के सांसदों को 9 से 11 मार्च तक सदन में मौजूद रहने के लिए कहा है. यह प्रस्ताव पेश होने पर ओम बिरला खुद सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं करेंगे, बल्कि सदन में एक सदस्य के रूप में बैठेंगे.
TMC से समर्थन के विपक्षी दलों को काफी मजबूती मिलेगी. TMC के राज्यसभा में 12 सदस्य हैं. इसके अलावा लोकसभा में TMC के 28 सदस्य हैं. बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है. हालांकि, सदन में सत्ता पक्ष की स्थिति मजबूत होने की वजह से इस अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है. लोकसभा में 541 सदस्यों की मौजूदा ताकत में सत्तारूढ़ NDA के पास 293 सांसद हैं. इसलिए अविश्वास प्रस्ताव का गिरना लगभग तय माना जा रहा है. ये महज विरोध जताने की औपचारिकता ही रह जाएगा.










