हरिवंश नारायण सिंह की जीवनी | Harivansh Narayan Singh Biography in Hindi

Harivansh Narayan Singh Biography in Hindi – इस लेख में हम आपको हरिवंश नारायण सिंह की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.

हरिवंश नारायण सिंह की जीवनी (Harivansh Narayan Singh Biography in Hindi)

Harivansh Narayan Singh Latest News – हरिवंश नारायण सिंह बिहार से एनडीए के राज्यसभा सांसद है. पेशे से पत्रकार रहे श्री सिंह ने अपने करियर की शुरुआत ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ से की थी और बाद में, उन्होंने कई समाचार पत्रों में काम किया. मीडिया में, नीतीश कुमार की बेहतर छवि दिखाने में उनका बड़ा हाथ रहा है. बाद में उनका राजनीति में आना हुआ. उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) के साथ अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की और एनडीए के टिकट पर दो बार राज्यसभा के लिए मनोनीत हुए. उनका पहला कार्यकाल 2014 से 2020 तक रहा, जबकि उनका दूसरा कार्यकाल 2020 से 2026 है. वर्त्तमान में, वे राज्यसभा के 13वें उपसभापति है, जबकि राज्यसभा में उपसभापति के तौर पर यह उनका दूसरा कार्यकाल है. इससे पहले भी इस पद पर श्री सिंह ही थे. इस लेख में हम आपको हरिवंश नारायण सिंह की जीवनी (Harivansh Narayan Singh Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

हरिवंश नारायण सिंह का जन्म और परिवार (Harivansh Narayan Singh Birth & Family)

हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून 1956 को बलिया (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय बांके बिहारी सिंह और माता का नाम स्वर्गीय देवयानी देवी है.

उनकी शादी 23 अप्रैल 1978 को श्रीमती आशा सिंह के साथ हुई थी. चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी गृहिणी है. उनके दो बच्चे है, एक बेटा और एक बेटी. उनका स्थायी पता रांची हैं, जबकि वर्तमान में, वह नई दिल्ली में रहते है. हरिवंश नारायण सिंह धर्म से हिन्दू है और जाति से राजपूत है. उनपर 3 आपराधिक मामलें दर्ज है.

हरिवंश नारायण सिंह की शिक्षा (Harivansh Narayan Singh Education)

हरिवंश नारायण सिंह ने वर्ष 1976 में बीएचयू, वाराणसी से अर्थशास्त्र में एमए (स्नातकोत्तर) किया. जबकि इसके बाद उन्होंने यही से वर्ष 1977 में पत्रकारिता में डिप्लोमा किया.

हरिवंश नारायण सिंह का आरम्भिक जीवन (Harivansh Narayan Singh Early Life)

वर्तमान में, राज्यसभा के उपसभापति पद पर आसीन हरिवंश नारायण सिंह मीडिया क्षेत्र से जुड़े रहे है. पत्रकारिता में डिप्लोमा लेने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मीडिया क्षेत्र में बनाया और कई अलग-अलग मीडिया प्रकाशनों में काम किया. आरम्भ में उन्होंने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में काम किया. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्र शेखर के ‘अतिरिक्त मीडिया सलाहकार’ के रूप में कार्य किया. वर्ष 1989 में हरिवंश नारायण तत्कालीन गुमनाम और लगभग बंद हो चुके हिंदी प्रकाशन प्रभात खबर से जुड़े और अपने काम से इस मीडिया संस्थान को न केवल पुनर्जीवित किया बल्कि इसे प्रसार के मामले में भारत के शीर्ष समाचार पत्रों में से एक भी बना दिया. यह समाचार पत्र चारा घोटाला सहित कई हाई-प्रोफाइल घटनाओ की जांच के लिए जाना जाता था.

हालांकि बीच के कुछ वर्षो में उन्होंने बैंक की भी नौकरी की. 1981 से लेकर 1984 तक उन्होंने हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ इण्डिया में काम किया पर बाद में फिर से उनका अपने पुराने काम, यानि पत्रकारिता में वापसी हो गई.

हरिवंश नारायण सिंह का राजनीतिक करियर (Harivansh Narayan Singh Political Career)

पेशे से देश के वरिष्ठ पत्रकार सह लेखक रहे, हरिवंश नारायण सिंह प्रत्यक्ष रूप से राजनीति में दो दशक से भी पहले जुड़े है. उन्होंने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत जनता दल (यूनाइटेड) के साथ की. हरिवंश नारायण सिंह को पहली बार अप्रैल 2014 में जनता दल (यूनाइटेड) ने बिहार राज्य से छह साल के कार्यकाल के लिए राज्यसभा के लिए मनोनीत किया.

राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद उन्हें समय समय पर अलग अलग समितियों का सदस्य बनाया गया. सितंबर 2014  से लेकर अगस्त 2018 तक वे रक्षा संबंधी स्थायी समिति के सदस्य थे, वही सितंबर 2014 से ही सदन समिति के सदस्य भी बनाये गए, जिसका समापन जून 2018 में हुआ. इसी बीच अगस्त 2016 में उन्हें भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) विधेयक एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया. वही अगस्त 2016 से लेकर सितंबर 2018 तक उन्होंने नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन संबंधी विधेयक पर संयुक्त समिति के सदस्य के तौर पर काम किया. फिर 2017 में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए राष्ट्रीय मंच, राज्यसभा की मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2017 पर चयन और फिर वर्ष 2018 में विश्व भारती, शांतिनिकेतन के संसद (न्यायालय) समिति के सदस्य रहे.

8 अगस्त 2018 को, हरिवंश नारायण सिंह राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में छह साल के कार्यकाल के लिए राज्यसभा के उपसभापति चुने गए, उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार के खिलाफ 125 के मुकाबले 105 वोटों से चुनाव जीता. वे इस पद को संभालने वाले तीसरे व्यक्ति और चालीस वर्षों में पहले व्यक्ति हैं जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से नहीं हैं.

इसके बाद उन्हें 10 अक्टूबर 2018 को संसद भवन परिसर के धरोहर स्वरूप के संरक्षण और विकास संबंधी समिति, व्यापार सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया जबकि विशेषाधिकार समिति का उन्हें अध्यक्ष बनाया गया. इन सभी समितियों के कार्यकाल का समापन अप्रैल 2020 में हो गया.

इसके बाद अप्रैल 2020 में उन्हें बिहार से दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से राज्यसभा के तौर पर चुन लिए गया. राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्हें 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति के रूप में फिर से चुन लिया गया. वर्तमान में, हरिवंश नारायण सिंह एक साथ दोनों पदों पर है, वे बिहार से राज्यसभा सांसद होने के साथ ही राज्यसभा के 13वें उपसभापति भी है.

हरिवंश नारायण सिंह की संपत्ति (Harivansh Narayan Singh Property)

2020 में राज्यसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार हरिवंश नारायण सिंह की कुल संपत्ति 4.76 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 43 लाख रूपये का कर्ज भी हैं.

इस लेख में हमने आपको हरिवंश नारायण सिंह की जीवनी (Harivansh Narayan Singh Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.