श्रवण कुमार की जीवनी (Shravan Kumar Biography in Hindi)
Shravan Kumar Latest News - श्रवण कुमार बिहार की नीतीश कुमार सरकार में मंत्री हैं. इस समय उनके पास ‘ग्रामीण विकास और परिवहन’ मंत्रालय हैं. श्रवण कुमार की गिनती बिहार के वरिष्ठ नेताओं में होती है. नौ बार के विधायक रहे श्रवण कुमार को राजनीति का अजातशत्रु भी कहा जा सकता हैं. ऐसा इसलिए क्योकि वे न केवल नौ बार के विधायक हैं, बल्कि वे 1995 से एक ही विधानसभा क्षेत्र से लगातार जीतते आ रहे हैं, 30 वर्ष में अब तक उनकी हार नहीं हुई हैं. उनके विरोधियों में इतनी शक्ति नहीं रही हैं, जो उन्हें पराजित कर पाएं. इसलिए आप उन्हें राजनीति का अजातशत्रु भी कह सकते हैं. श्रवण कुमार ने नालंदा सीट को जनता दल (यूनाइटेड) के लिए अभेद्य किला बना दिया है. आप उन्हें बिहार का सफलतम नेता कह सकते है, जिसने हारना कभी सीखा ही नहीं है. उनकी वरिष्ठता को देखते हुए दिसंबर के अंत में, उन्हें बिहार एनडीए का सचेतक नियुक्त किया गया है, जबकि उपसचेतक भाजपा से है. इस लेख में हम आपको श्रवण कुमार की जीवनी (Shravan Kumar Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
श्रवण कुमार का जन्म और परिवार (Shravan Kumar Birth & Family)
श्रवण कुमार का जन्म 20 अगस्त 1957 को बिहार के नालंदा ज़िले में हुआ था. उनके पिता का नाम हरी सिंह था. श्रवण कुमार हिन्दू है जबकि जाति से वे कुर्मी हैं. उनकी पत्नी का नाम मंजू कुमारी है, चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी व्यवसाय एवं कृषि से जुडी हुई है. उनपर कोई आपराधिक मामला नहीं है.
श्रवण कुमार की शिक्षा (Shravan Kumar Education)
श्रवण कुमार ने वर्ष 1977 में एसपीएम कॉलेज, बिहार शरीफ, नालंदा से 12वीं (12वीं) उत्तीर्ण किया.
श्रवण कुमार का राजनीतिक करियर (Shravan Kumar Political Career)
श्रवण कुमार बिहार जेडीयू के वरिष्ठ नेता हैं और इस समय राज्य में नीतीश सरकार में मंत्री है. उनकी राजनीतिक यात्रा की अगर बात करें तो राजनीति में उनका आना पांच दशक से भी पहले हुआ था. उन्होंने आपातकाल में जेपी आंदोलन में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी. उन दिनों कुमार राज्य के हजारीबाग (अब झारखंड) जेल में कुछ समय के लिए बंद भी हुए थे, लेकिन राजनीति में आने से पहले कुमार एक किसान की तरह काम किया करते थे. अब यही कारण रहा कि वह जमीन से जुड़े नेता कहलाते है.
पहली बार श्रवण कुमार वर्ष 1995 में समता पार्टी के टिकट पर नालंदा विधानसभा क्षेत्र जीत दर्ज की थी. फिर तो वे तब से लेकर अब तक बिहार विधानसभा चुनाव में इसी सीट से जीतते आ रहे हैं. जब 2005 में समता पार्टी का अस्तित्व समाप्त हुआ और जनता दल (यूनाइटेड) बना तब उन्होंने जेडीयू का दामन थाम लिया. इसके बाद तो उन्होंने न कभी पार्टी बदली और न ही कभी सीट, पर हां, जीत के सिलसिले में कोई कमी नहीं आयी.
श्रवण कुमार को नीतीश कुमार का सबसे करीबी भी माना जाता है. दोनों की राजनीतिक दोस्ती तीन दशक से चली आ रही है. अब यही कारण रहा कि उन्हें राज्य में कई बार मंत्री पद मिल चुका है. इससे पहले कुमार ग्रामीण विकास, परिवहन, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग संभाल चुके है. इस बार उन्हें बिहार कैबिनेट में ग्रामीण विकास और परिवहन विभाग दिया गया हैं.
इस बार भी उन्हें बड़े अंतराल से जीत हासिल हुई है. इस बार के चुनाव में उन्होंने नालंदा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कौशलेंद्र कुमार को 33,008 बहुमत के अंतराल से पराजित किया. कांग्रेस ने यहाँ से 2020 और 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी कौशलेंद्र कुमार को ही अपना उम्मीदवार बनाया था. इस बार कौशलेंद्र कुमार महागठबंधन की ओर से यहां से मैदान में थे.
अब अगर नालंदा विधानसभा सीट की राजनीतिक स्थिति पर ध्यान दें तो वर्ष 1977 के बाद से अब तक कांग्रेस पार्टी, समता पार्टी सहित निर्दलीय दो-दो बार जीत चुके है, जबकि जेडीयू 2005 से लेकर अब तक लगातार छह बार जीत चुका है. यहां से भारतीय जनता पार्टी एक बार भी नहीं जीत पायी है, वैसे इस बार तो एनडीए गठबंधन के कारण पार्टी ने यहां से अपने उम्मीदवार ही नहीं उतारे थे. लेकिन कुछ भी हो, इस सीट को जेडीयू के लिए सुरक्षित बनाने का श्रेय श्रवण कुमार को ही जाता है, क्योकि श्रवण कुमार ही वह नेता है, जिन्होंने जेडीयू की ओर से लड़कर लगातार यहां से पार्टी को जीत का स्वाद चखवाते रहे है.
वर्तमान में, श्रवण कुमार बिहार की नीतीश कुमार सरकार में ‘ग्रामीण विकास और परिवहन मंत्री’ है.
श्रवण कुमार की संपत्ति (Shravan Kumar Property)
2025 के विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार श्रवण कुमार की कुल संपत्ति 3.76 करोड़ रूपये हैं जबकि उनपर 10.56 लाख रूपये का कर्ज है.
इस लेख में हमने आपको श्रवण कुमार की जीवनी (Shravan Kumar Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.