इस्तीफा वापस लेने वाले विधायकों के नहीं बदले सुर, जोशी और नगराज बोले मुख्यमंत्री तो गहलोत ही रहेंगे

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31 Dec 2022
Congress MLA said about CM Ashok Gehlot. राजस्थान कांग्रेस में बीती 25 सितंबर को मचे सियासी बवाल के बाद गहलोत गुट के 90 विधायकों की ओर से विधानसभा स्पीकर को दिए गए इस्तीफों को आलाकमान के निर्देश पर वापस लेने का दौर शुरू हो चुका है. एक के बाद एक विधायक अपना इस्तीफा वापस लेने स्पीकर सीपी जोशी के सरकारी आवास पर पहुंच रहे हैं. इनमें मेवाराम जैन, नगराज मीणा, मनीषा पवार, राजेंद्र पारीक, डॉक्टर जितेंद्र, मंत्री लालचंद कटारिया, लखन मीणा , मंत्री राजेंद्र यादव आदि शामिल हैं. वहीं इस बीच मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी अपना इस्तीफा वापस लेने की बात स्वीकार की है. खास बात यह है कि इस्तीफों को वापस लेने के दौरान भी गहलोत कैंप के विधायकों के सुर बदले नहीं हैं, इन विधायकों का कहना है कि अब राजस्थान में कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा और अशोक गहलोत ही राजस्थान के मुख्यमंत्री रहेंगे. https://youtu.be/llkrGuegVyY आपको बता दें कि 25 सितंबर को आलाकमान के निर्देश पर बुलाई गई विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा की संभावना के चलते गहलोत कैंप के लगभग 90 विधायकों ने सियासी मोर्चा खोलते हुए उसी रात अपने इस्तीफे स्पीकर सीपी जोशी को सौंप दिए थे. ऐसे में विधायकों के इस्तीफों को लेकर जहां बीजेपी ने सरकार और स्पीकर के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था तो वहीं करीब 96 दिनों तक चले कयासों के बाद अब विधायकों ने इस्तीफों को वापस लेना शुरू कर दिया है. इधर प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की पिछले तीन दिन तक जयपुर में चली मैराथन बैठकों के बाद लगाए जा रहे सियासी कयासों के बीच इस्तीफा वापस लेने वाले इन विधायकों का अभी भी यही कहना है कि प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा और अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री रहेंगे. विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी के आवास से इस्तीफा वापस लेकर आए विधायक नगराज मीणा ने साफ कहा कि हमने हमारी मर्जी से ही इस्तीफा दिया था, अब मर्जी से वापस ले लिया है. वहीं राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर नगराज मीणा ने कहा कि चुनाव छाती पर है, और मुख्यमंत्री बदल कर कोई कांग्रेस को खत्म करना थोड़ी है. नगराज मीणा ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान को कांग्रेस को मजबूत करना है और सब मिलकर कांग्रेस की सरकार बनाएंग. नगराज ने कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री क्यों बदलेगा, मुख्यमंत्री कौन बदल रहा है? सारे एमएलए अशोक गहलोत के साथ हैं. अब ऐसी कोई बात नहीं होगी. यह भी पढ़ें: BJP-RSS मेरे गुरु, इनके हमलों से मिला फायदा, बुलेट प्रूफ गाड़ी में नहीं कर सकता यात्रा, चीन-पाक हुए एक कट्टर गहलोत समर्थंक माने जाने वाले विधायक नगराज मीणा ने कहा कि हमें आश्वासन मिले या नहीं, सबको पता है कि चुनावी साल में न तो कोई मुख्यमंत्री बदला जाता है ना बदला जाएगा. वहीं सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर मीणा ने कहा कि किसी के कहने पर मुख्यमंत्री थोड़ी बदलेंगे. हर व्यक्ति की कुछ न कुछ बनने की तमन्ना होती है, लेकिन राजस्थान में अब कोई बदलाव नहीं होगा. विधायक ही नहीं राजस्थान सरकार में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी जहां एक तरफ इस्तीफा वापस लेने की बात को स्वीकार किया, तो दूसरी तरफ यह भी साफ कर दिया कि बजट मुख्यमंत्री के रूप में अशोक गहलोत ही पेश करेंगे. जोशी का मतलब साफ है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही रहेंगे. इसके साथ ही राजस्थान में लगातार जिस तरह से इस्तीफों के दबाव की राजनीति को लेकर चर्चा चल रही थी, उसे स्वीकार करते हुए महेश जोशी ने कहा कि राजनीति और दबाव का चोली दामन का साथ होता है. जोशी ने कहा कि इस्तीफ़ों की बात अलग है, लेकिन राजनीति में कोई एक ऐसा क्षण नहीं होता जब दबाव नहीं होता. जोशी ने कहा कि कोई सरकार हो, किसी पार्टी की हो, दबाव और राजनीति का चोली दामन का साथ है. उन्होंने बजट पेश करने के सवाल पर कहा कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री एक संस्था हैं. 23 जनवरी से जो सत्र शुरू होने जा रहा है उसमें मुख्यमंत्री के रूप में अशोक गहलोत ही बजट पेश करेंगे. कांग्रेस सरकार जन भावना के अनुसार बजट बनाकर जनता को राहत देगी. यह भी पढ़ें: हैरान हूं कि मैं दुबारा कांग्रेस पार्टी में शामिल हो रहा हूं- कांग्रेस नेताओं के प्रयासों के बाद बोले गुलाम नबी आजाद जलदाय मंत्री महेश जोशी ने आगे कहा कि वैसे भी राजस्थान में विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है, ऐसे में अगर विधायक इस्तीफा वापस लेंगे तो विधानसभा सत्र में सौहार्द के साथ बैठेंगे. इस दौरान ही जोशी ने कहा कि जब सभी विधायक इस्तीफा वापस ले रहे हैं तो मैं भी विचार कर रहा हूं, सबके साथ मैं भी हूं. जोशी ने कहा कि जनता को राहुल गांधी, हमारे प्रभारी और मुख्यमंत्री ने मैसेज दिया है कि राजस्थान में पूरी कांग्रेस एक है. भारत जोड़ो यात्रा जिस भव्य तरीके से राजस्थान से निकली है, वह कल्पना से भी अच्छी थी. जनता का इस यात्रा को जो समर्थन मिला वह अपने आप में जनता का वही संदेश है जो अशोक गहलोत ने 2018 के चुनाव से पहले कहा था कि ख़लक की आवाज ही खुद की आवाज है.