मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए तो करेंगे विरोध- मोदी के मंत्री ने दी चेतावनी, राज ठाकरे को दी नसीहत

'Politics on Loudspeaker'
19 Apr 2022
Politalks.News/Maharashtra. महाराष्ट्र में शुरू हुई लाउडस्पीकर पॉलिटिक्स थमने का नाम ही नहीं ले रही है. मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर उद्धव सरकार को चेतावनी देते हुए 3 मई तक लाउडस्पीकर हटाने का अल्टीमेटम दिया है जिसे लेकर सियासी घमासान जारी है. वहीं राज ठाकरे द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद जहां शिवसेना ने मनसे और बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है तो वहीं इस मामले में अब केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया के संयोजक रामदास अठावले भी कूद पड़े हैं. अठावले का कहना है कि, 'महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.' इसके साथ अठावले ने राज ठाकरे को नसीहत देते हुए कहा कि, 'राज ठाकरे को उल्टा सीधा बोलना बंद कर देना चाहिए.' यही नहीं अठावले ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाते हैं तो हैं5इसका विरोध करेंगे.' https://www.youtube.com/watch?v=QNPqCLDa3cI महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) चीफ राज ठाकरे ने मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है. राज ठाकरे ने हनुमान जयंती से कुछ दिन पहले ही बयान दिया था कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर को हटाया जाए और अगर ऐसा नहीं होगा तो फिर मस्जितों के बाहर तेज आवाज में हनुमान चालीसा स्पीकर में चलाई जायेगी. राज ठाकरे यहीं नहीं रुके उन्होंने हनुमान जयंती के बाद बड़ा बयान देते हुए राज्य सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि, '3 मई तक अगर लाउडस्पीकर नहीं हटाए गए तो फिर उसके बाद में जो भी निर्णय लेना होगा हम लेंगे.' ठाकरे के लाउडस्पीकर वाले बयान के खिलाफ शिवसेना नेता संजय राउत ने तो मोर्चा खोल ही रखा है. तो वहीं केंद्र सरकार में मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया के संयोजक रामदास अठावले ने भी ठाकरे को नसीहत दे दी.' यह भी पढ़े: बजरंगबली मस्जिद में चले गए हैं क्या- राजभर का BJP पर तंज तो चाचा-भतीजे के रिश्ते पर किया खुलासा रामदास अठावले ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि, 'इस मामले को लेकर राजनीति गलत है, कई सालों से मस्जिद में लाउडस्पीकर लगे हैं. लाउडस्पीकर को लेकर क्या करना है उस पर मुस्लिम समाज विचार कर सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि एक धर्म के लोगों को दूसरे धर्म का आदर करना चाहिए.' वहीं ठाकरे द्वारा एक के बाद एक इस तरह के बयान देने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर जब अठावले से सवाल पुछा गया तो उन्होंने कहा कि, 'राज ठाकरे के पास पहले से सुरक्षा है, मुझे लगता है केंद्र की सुरक्षा देने की आवश्यकता नहीं है, नेताओं के बीच मतभेद हो सकते हैं लेकिन उनकी जान की रक्षा करने की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की होती है, राज ठाकरे को उल्टा सीधा बोलना बंद करना चाहिए, क्या करना है क्या नहीं इस पर केंद्र सरकार विचार करेगी, लेकिन राज ठाकरे के पास फिलहाल सुरक्षा है.' महाराष्ट्र में शुरू हुई लाउडस्पीकर की सियासत में राज ठाकरे को कई बीजेपी नेताओं का भी साथ मिल रहा है. साथ ही शिवसेना नेता भी ये आरोप लगा रहे हैं कि, 'बीजेपी ही एमएनएस के साथ मिलकर ये राजनीति कर रही है.' इससे जुड़े सवाल पर जब रामदास अठावले से जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा कि, 'बीजेपी का इस से इसका कोई लेना-देना नहीं है, महाराष्ट्र में लॉ एंड आर्डर कि स्थिति पैदा हुई है, पूरे देश में यह स्थिति नहीं है, लोगों को विचलित करने की भूमिका राज ठाकरे की है, और इसका हमसे कोई संबंध नहीं है.' यह भी पढ़े: गहलोत सरकार को मंदिरों से परहेज़, भाजपा की सरकार आयेगी और हर जिले में मंदिर बनाएगी- मैडम राजे रामदास अठावले ने आगे कहा कि, 'नवरात्र और अन्य उत्सवों पर लाउडस्पीकर चलते हैं. मस्जिद के लाउडस्पीकर निकालने की राज ठाकरे की भूमिका का हम विरोध करते हैं. राज ठाकरे को अगर मंदिर पर भी लाउडस्पीकर लगाने हैं तो वो लगा सकते हैं, लेकिन अगर मस्जिद के लाउडस्पीकर निकाले जाते हैं तो रिपब्लिकन पार्टी विरोध इसका जमकर विरोध करेगी.'