जो अपनी मां को लाइन में लगा दे, उसे बुजुर्गों से कैसा मोह?- कॉमेडियन के कटाक्ष पर यूजर्स ने दिए ये जवाब

मोदी सरकार ने रेलवे में बुजुर्गों (सीनियर सिटीजन) को मिलने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया है, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में संसद को जानकारी दी थी कि सब्सिडी देने से रेलवे पर ‘भारी बोझ’ पड़ता है, विपक्ष के विरोध के बावजूद रेल मंत्री ने सब्सिडी को बहाल करने से साफ इनकार कर दिया

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Politalks.News/Bharat/RailMinistry. हाल ही में मोदी सरकार ने रेलवे में बुजुर्गों (सीनियर सिटीजन) को मिलने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया है. इस मुद्दे को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर तमाम लोग रेलवे के इस कदम को लेकर आलोचना कर रहे हैं. इसी बीच कॉमेडियन राजीव निगम ने नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसा है.
राजीव निगम ने ट्वीट किया, ‘जो व्यक्ति सक्षम होते हुए अपनी बुजुर्ग मां को लाइन में लगवा सकता है, उसको देश के अन्य बुजुर्गों से कैसा मोह? बुजुर्गों की रेल किराये में रियायत खत्म करके बुजुर्गों के साथ ये कैसा न्याय किया गया है. निगम के इस ट्वीट पर तमाम लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

संजय कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि ‘देश का प्रधानमंत्री होते हुए बुजुर्ग मां को लाइन में खड़ा कर दिया. इस निष्ठुर और निर्मम शख्स को एक बुजुर्ग की पीड़ा क्या मालूम? सत्ता का इतना मोह इस उम्र में है तो आगे पता नहीं क्या करेगा?’ एक यूजर ने लिखा कि ‘मोदी जी ऐसे बुजुर्ग है जिन्हें दूसरे बुजुर्गों का दर्द नहीं समझ आता क्योंकि उन्हें तो सरकार की तरफ से मुफ्त में रेवड़ियां मिलती है.’

जावेद सूरी नाम के यूजर ने लिखा कि ‘बुजुर्गों को साल का 1500 करोड़ रेलवे सब्सिडी देने के लिए पैसे नहीं हैं लेकिन कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए करोडों बर्बाद करने के लिए हैं.’ वहीं आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश की तरफ से ट्वीट कर लिखा कि ‘मोदी सरकार ने रेलवे में बुजुर्गों को मिलने वाली रियायतों को खत्म करके इस देश के बुजुर्गों को छलने का काम किया है. मोदी जी, क्या भारत सरकार के पास देश के बुजुर्गों के लिए पैसे नहीं है? जब सांसदों और मंत्रियों को रेलवे में मिलने वाली सब्सिडी जारी है तो बुजुर्गों के लिए क्यों नहीं?’

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वहीं बुजुर्गों को मिलने वाली सब्सिडी हटाए जाने पर आज तक की एंकर और पत्रकार चित्रा त्रिपाठी ने लिखा कि ‘2017-18 से 2021-22 में सांसदों की ट्रेन यात्रा का 35.21 करोड़ का बिल आम जनता की जेब से गया है. (RTI से मिली जानकारी) जबकि वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन में सब्सिडी खत्म कर दी. ये तो ठीक नहीं है. तो उधर अरुण सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि ‘माननीय सांसद जी, पूर्व सांसद जी रेलवे की सब्सिडी गपचेंगे लेकिन बुजुर्ग लोगों को मिलने वाली सब्सिडी बंद कर दी गई है. इस देश में सब कुछ नेताजी लोगों के लिए क्यों है?’

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आपको बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में संसद को जानकारी दी थी कि सब्सिडी देने से रेलवे पर ‘भारी बोझ’ पड़ता है. ऐसे में विपक्ष के विरोध के बावजूद रेल मंत्री ने सब्सिडी को बहाल करने से साफ इनकार कर दिया था. बता दें महिला वरिष्ठ नागरिकों को सभी श्रेणी के रेल किराये में 50 प्रतिशत की छूट मिलती थी, जबकि पुरुषों/समलैंगिकों को 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलती थी. सब्सिडी के लिए महिला की उम्र की सीमा 58 साल, जबकि पुरुषों के लिए 60 वर्ष थी.

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