



वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने लिखा, 'यह भयावह दृश्य किसी तालिबानी शासन वाले देश अथवा शरीया कानून के हिसाब से चलने वाले राज्य का नहीं है, यह पश्चिम बंगाल का दृश्य है, जहां INDI गठबंधन की साथी दल टीएमसी की सरकार है. एक महिला के साथ इस तरह का दुर्दांत और तालिबानी व्यवहार मन को पीड़ित करने वाला है.'
बीजेपी आईटी सेल हेड और बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने कहा, 'वीडियो में जो व्यक्ति महिला को बेरहमी से पीट रहा है, वह ताजेमुल है. वह अपनी 'इंसाफ' सभा के माध्यम से तुरंत न्याय देने के लिए जाना जाता है और चोपड़ा के विधायक हमिदुर रहमान का करीबी सहयोगी है. मालवीय ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिलाओं के लिए अभिशाप बन गई हैं. बंगाल में कानून-व्यवस्था का नामो-निशान नहीं है. क्या ममता बनर्जी इस राक्षस के खिलाफ कार्रवाई करेंगी या शेख शाहजहां की तरह उसे भी बचाएंगी.
इससे पहले 27 जून को भाजपा ने तृणमूल सरकार पर आरोप लगाया था कि कूचबिहार जिले में पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की महिला पदाधिकारी रोसोनारा खातून को घर से खींचकर सड़क पर घसीटा गया और पीटा गया. फिलहाल इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस ने पिटाई करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है और आरोपी की तलाश की जा रही है. तृणमूल सरकार या सीएम ममता बनर्जी की ओर से इस वीडियो और विपक्षी नेताओं की तरफ से लगे आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया नहीं अभी तक नहीं आयी है.

