पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की हलचल के बीच सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के नेता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उनकी टेबल पर नोटों का ढेर दिख रहा है और सामने टेबल के दूसरी तरफ 4-5 लोग बैठे हैं. वीडियो में दिख रहे TMC नेता मोहम्मद गियासुद्दीन मंडल हैं. वे नॉर्थ 24 परगना जिले की बारासात-1 पंचायत समिति के उपाध्यक्ष हैं. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर अब विवाद हो रहा है. एक तरफ टीएमसी नेता ने इस वीडियो को पुराना बताते हुए पल्ला झाड़ा है. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने ममता सरकार को 'लुटेरी सरकार' कहकर तंज कसा है. वीडियो 2022 का बताया जा रह है.
https://www.youtube.com/watch?v=wi4jAlc9tq4
दरअसल, TMC नेता मोहम्मद गियासुद्दीन मंडल की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. नोटों की गड्डियों के सामने बैठे मंडल के साथ स्थानीय बिजनेसमैन रकीबुल इस्लाम बैठे हैं. क्लिप में मंडल फोन पर बंगाली भाषा में किसी से बात करते दिख रहे हैं. वीडियो में एक अन्य व्यक्ति 500-500 के नोटों की गड्डियों से भरा बैग लेकर आता है और टेबल पर रख देता है. टीएमसी नेता मंडल थैला अपने पास रख लेते हैं. वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने TMC पर अवैध नकद लेनदेन के आरोप लगाए हैं. बीजेपी नेता तुषार कांति घोष ने उक्त नेता के खिलाफ जांच की मांग की.
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तुषार घोष ने सोशल प्लेटफार्म पर लिखा, 'अमित शाह कैसे कह सकते हैं कि बंगाल गरीब है? बारासात में पंचायत समिति के उपाध्यक्ष गियासुद्दीन मंडल नोटों के ढेर के सामने बैठे हैं. उनका दावा है कि यह जमीन सौदे का पैसा है! डिजिटल भुगतान, चेक, बैंक ट्रांसफर के इस युग में भी लोग कैश में पेमेंट कर रहे हैं.' मित्रा ने गियासुद्दीन मंडल पर भूमाफिया होने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय एजेंसियों से तत्काल जांच की मांग की.
इधर, गियासुद्दीन मंडल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका इस लेनदेन से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ वहां बैठा था. कुछ दोस्त जमीन के सौदे में शामिल थे, मुझे बस इतना ही पता है. वीडियो में दिख रहे व्यवसायी रकीबुल इस्लाम ने भी किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया. उन्होंने दावा किया कि यह दो साल पुराना वीडियो है और पैसे जमीन के सौदे से जुड़े थे. उनके मुताबिक, मंडल भी उस जमीन सौदे में साझेदार थे.
वीडियो सामने आने पर तृणमूल सरकार भी एक्शन में आ गयी है. उनके कुछ स्थानीय नेताओं ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. अगर वीडियो की प्रामाणिकता साबित होती है और दोष तय होता है तो कार्रवाई की जाएगी.