गहलोत सरकार की उदासीनता के चलते नहीं मिला अम्बेडकर पीठ को वित्तीय अनुदान: डिप्टी सीएम

Prem Chand Bairwa
5 Jan 2026
राजस्थान के उप मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने अम्बेडकर पीठ को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी भ्र्म न फैलाने की नसीयत दी. गहलोत के एक्स पर लिखी गई पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में अम्बेडकर पीठ के संबंध में इनकी उदासीनता और लापरवाही के कारण इस पीठ को मिलने वाला निश्चित वित्तीय अनुदान कभी पूरा नहीं मिल पाया था. ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री इस संबंध में भ्रम ना फैलाएं. उन्होंने अशोक गहलोत स्थिति स्पष्ट करने को भी कहा. https://www.youtube.com/watch?v=Pnt4zjp7VOU उच्च शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि संबंधित खबर तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार संविधान निर्माता डॉ. अम्बेडकर के नाम से पीठ की स्थापना वर्ष 2016 में अम्बेडकर फाउण्डेशन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार एवं राजस्थान विश्वविद्यालय के मध्य हुए एमओयू के तहत हुई थी. यह एमओयू 12 अप्रैल, 2016 से वर्ष 2021 अर्थात् पांच वर्ष तक की अवधि के लिए प्रभावी था. कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही इस पीठ की पांच वर्ष की अवधि का एमओयू समाप्त हो गया था. इसे आगे बढ़ाने की उन्हें चिंता करनी चाहिए थी.  यह भी पढ़ें: राजस्थान भाजपा के इन 5 नेताओं को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी डॉ.बैरवा ने जानकारी देते हुए कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय में अम्बेडकर पीठ के अलावा संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सम्बन्ध में शोध एवं गतिविधि के लिये अम्बेडकर सेन्टर संचालित है. इसमें महापरिनिर्वाण दिवस, संविधान दिवस सहित कई गतिविधियों से विद्यार्थियों को डॉ. अम्बेडकर के विजन एवं योगदान के सम्बन्ध में जागरूक किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में डॉ. बी. आर. अम्बेडकर पुस्तकालय एवं अम्बेडकर छात्रावास भी संचालित हैं. सेन्टर फॉर अम्बेडकर स्टडीज के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को बाबा साहेब के विजन व योगदान के सम्बन्ध में जागरूक किया जा रहा है. डॉ. अम्बेडकर के सम्मान में विश्वविद्यालय परिसर में दो प्रतिमाएं भी स्थापित हैं.