सचिन पायलट हमें मंजूर, हम आलाकमान के फैसले के साथ- गहलोत समर्थक विधायकों के बदलने लगे सुर

हमारे पास मुख्य सचेतक महेश जोशी का आया था कॉल, फिर फोन आने शुरू हुए कि धारीवाल जी के घर आना है लेकिन हम उनके घर नहीं गए, इसके बाद कहा गया कि सीपी जोशी जी के घर आना है, वहां गए तो सारे विधायक वहां पर थे मौजूद, वहां मौजूद नेता एक कागज पर करवा रहे थे साइन, हमने भी साइन कर दिए हमें नहीं पता था की ये इस्तीफा- गहलोत समर्थक विधायक

‘आलाकमान कहेगा तो वापस ले लेंगे इस्तीफा’
‘आलाकमान कहेगा तो वापस ले लेंगे इस्तीफा’

Politalks.News/Rajasthan. राजस्थान कांग्रेस में लम्बे समय से रुक रुक कर चली आ रही सियासी अदावत ने अब बवाल का रूप ले लिया है, जिसकी परिणीति किसी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ होगी. अमूमन रविवार का दिन थोड़ा शांत रहता है लेकिन प्रदेश में मुख्यमंत्री परिवर्तन की अटकलों ने बीते रोज छुट्टी के दिन को जबरदस्त रोमांचक बना दिया. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने की कवायद शुरू भी नहीं हुई थी कि अब गहलोत ने सिर्फ इस रेस से1बाहर हो गए हैं बल्कि उन्होंने पार्टी के प्रति निष्ठावान होने का तमगा भी खो दिया है. रविवार देर शाम बुलाई गई विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा होने की संभावनाएं बनने लगीं तो गहलोत गुट के विधायकों ने विधायक दल की बैठक का बहिष्कार कर दिया. यही नहीं करीब 76 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के आवास पहुंच अपना इस्तीफा सौंप दिया. लेकिन जैसे ही आलाकमान की नाराजगी की खबर सामने आई तो अब इस्तीफा देने वाले विधायकों के सुर बदलने लगे हैं. गहलोत के समर्थक गुट में शामिल दो महिला विधायकों ने सोमवार को कहा कि, ‘सचिन पायलट से हमें दिक्कत नहीं हैं. हम पार्टी आलाकमान के हर फैसले के साथ हैं, हाईकमान कहेगा तो हम अपना इस्तीफा वापस लेंगे.’

प्रदेश की सियासत में रविवार को हुआ सियासी ड्रामा किसी से छिपा नहीं है. इसके साथ ही विधायकों की राय जानने के लिए आयोजित विधायक दल की बैठक के लिए दिल्ली से भेजे गए प्रवेक्षकों अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोनिया गांधी से मुलाकात कर पुरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया है. कांग्रेस आलाकमान ने प्रवेक्षक बनाए गए अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से इस पुरे मामले की लिखित में एक रिपोर्ट मांगी है जो आज रात या कल सुबह तक सोनिया गांधी को सौंप दी जाएगी. तो वहीं रविवार तक विधायक दल की बैठक और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने देने का विरोध कर रहे गहलोत समर्थक विधायकों के सूरे बदले बदले नजर आने लगे हैं.

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सोमवार को सवाई माधोपुर जिले की बामनवास विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक इंदिरा मीणा ने एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए कहा की, ‘हमारे पास मुख्य सचेतक महेश जोशी का कॉल आया था. उन्होंने कहा था कि सीएम आवास में बैठक है. मैं सुबह क्षेत्र में चली गई थी, फिर फोन आने शुरू हुए कि धारीवाल जी के घर आना है लेकिन हम उनके घर नहीं गए, क्योंकि क्षेत्र से नहीं लौट पाई थी. इसके बाद कहा गया कि सीपी जोशी जी के घर आना है. वहां गए तो सारे विधायक वहां पर मौजूद थे. वहां मौजूद नेता वहां, एक कागज पर साइन करवा रहे थे, कि सब लोग कागज पर साइन करें. वहां कोई कुछ बोल नहीं रहा था. तो हमने भी साइन कर दिए हमें नहीं पता था की ये इस्तीफा है.’

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वहीं जब इंदिरा मीणा से सचिन पायलट को मुख्यमंत्री चुने जाने से जुड़ा सवाल पुछा तो उन्होंने कहा कि, ‘हमें सचिन पायलट से कोई आपत्ति नहीं है. हम तो हमेशा से हाईकमान के समर्थन में हैं. हाईकमान जो फैसला लेगा वह हमें मंजूर है और हाईकमान कहेगा तो हम इस्तीफा वापस लेंगे. सचिन पायलट को भी सीएम बनाया जाए तो कोई दिक्कत नहीं है.’

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वहीं सियासी संकट के समय से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का समर्थन करने वाली बगरू विधायक गंगा देवी के भी सुर बदले बदले नजर आए. न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए अपने एक वक्तव्य में गंगा देवी ने कहा कि, ‘चिट्ठी के विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं है मैं वहां देर से पहुंची थी. मैंने चिट्ठी नहीं पढ़ी थी और मैंने कोई इस्तीफा नहीं दिया है. मैं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ हूं. आलाकमान जो फैसला करेंगे हम उसके साथ हैं. पर्यवेक्षक से हमारी मिलने की बात थी लेकिन हम नहीं जा सके.

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