उत्तराखंड: गंगा तट पर आमने सामने हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह और हरीश रावत, एक दूसरे पर लगाए आरोप प्रत्यारोप

सीएम और पूर्व सीएम के आमने सामने आने से उड़ी प्रशासन की नींद, सीएम त्रिवेंद्र सिंह ने हरीश रावत को बताया 'मुंह में राम और बगल में छुरी' जैसा, हरीश रावत ने मौन साधना कर दिया सांकेतिक धरना

Trivendra Singh Rawat And Harish Rawat
Trivendra Singh Rawat And Harish Rawat

Politalks.News/Uttarakhand. हरिद्वार में कुंभ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivandra Singh Rawat) और हरीश रावत (Harish Rawat) आमने सामने हो गए. दोनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए कटाक्ष किए. सीएम और पूर्व सीएम के आमने-सामने आने से सियासी गलियारों में हलचल मचने के साथ ही पुलिस प्रशासन की नींद भी उड़ गई. अधिकारियों और समर्थकों ने स्थितियां संभालते हुए मोर्चा संभाला. इसके बाद जहां सीएम त्रिवेंद्र सिंह हर की पैड़ी पर मां गंगा की पूजा अर्चना करने लगे, वहीं मुख्यमंत्री के दौरे के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत गंगा तट पर मौन साधना पर बैठ गए. हरीश रावत ने सरकार पर कुंभ के लिए पर्याप्त बजट नहीं देने का आरोप लगाया.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को आज हरिद्वार में कुंभ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण और समीक्षा बैठक की. इस मौके पर वे हरिद्वार पहुंचे. जब वे मां गंगा की पूजा अर्चना करने लगे, उसी समय पर प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत भी पहुंचे गए. हरीश रावत ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उत्तराखंड सरकार पर कुंभ के लिए पर्याप्त बजट नहीं देने का आरोप लगाया. इसके साथ ही उन्होंने हरिद्वार कुंभ के लिए उज्जैन और प्रयागराज की तर्ज पर बजट आवंटित करने की मांग की. अपनी मांग को लेकर मौन साधना करने वीआईपी घाट पर बैठक गए. हरीश रावत की मौन साधना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल रहे.

इधर, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व सीएम हरीश रावत के वीआईपी घाट पर मौन साधना पर कटाक्ष किया. सीएम रावत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री धरना देने नहीं, बल्कि प्रायश्चित करने आए हैं. सीएम ने कहा कि हरीश रावत को मां गंगा माफ करे. आगामी कुंभ के कार्यों का निरीक्षण करने के बाद मुख्मयंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरीश रावत का जिक्र करते हुए कहा कि हरीश रावत बाहर से कुछ, अंदर से कुछ और हैं. उनकी बात मुंह में राम और बगल में छुरी जैसी है.

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अपनी बातों को जारी रखते हुए त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि हरीश रावत ने जो पाप किया है, उनका प्रायश्चित करने हरिद्वार मां गंगा की शरण में आए हैं. हरीश रावत की जो लड़ाई है, उसे मां गंगा भी समझती है और वो भी बखूबी समझते हैं, इसलिए मां गंगा उनको क्षमा करे. दूसरी ओर, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मौन साधना करते हुए सरकार के खिलाफ सांकेतिक धरना दिया और हरिद्वार कुंभ के लिए उज्जैन और प्रयागराज की तर्ज पर बजट आवंटित करने की मांग की.

इससे पहले सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नारसन से रूड़की के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रहे निर्माण कार्यों और रूड़की बाईपास का निरीक्षण किया. इसके पश्चात कुंभ क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया.

इस दौरान अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए. इस दौरान सीएम रावत ने हरिद्वार क्षेत्र में अस्थायी सेक्टरों एवं पार्किंग में विद्युत मांग को देखते हुए यूपीसीएल के 33/11 के.वी. के विद्युत उपसंस्थान जगजीतपुर व ललतारों का लोकार्पण किया. बाद में कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली और निर्धारित समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए.

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