मंत्रियों व सत्ता पक्ष के विधायकों के संरक्षण में टोल कंपनियों का जनता पर हावी होना दुर्भाग्यपूर्ण- बेनीवाल

सांसद बेनीवाल का बड़ा एलान
30 May 2022
Politalks.News/HanumanBeniwal. अजमेर जिले के जयपुर हाइवे पर स्थित गेगल टोल प्लाजा पर टोल कंपनी द्वारा की जा रही अवैध वसूली के खिलाफ RLP कार्यकर्ताओं ने आज जमकर प्रदर्शन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने अजमेर के गेगल टोल प्लाजा को टोल मुक्त करने के लिए यह प्रदर्शन किया लेकिन इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई. जिसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर कार्यकर्ताओं को खदेड़ा. विरोध तेज होता देख पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी ले लिया. पुलिस की इस कार्यवाही की नागौर सांसद एवं RLP मुखिया हनुमान बेनीवाल ने कड़े शब्दों में निंदा की है. सांसद बेनीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि, 'पूरे राजस्थान में जनता टोल माफियाओं से त्रस्त है, सत्ता पक्ष के नेताओं के संरक्षण में टोल कंपनी के इशारे पर स्थानीय पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाई और अभद्र व्यवहार करते हुए अपमानजनक गालियां निकाली जो कि निंदनीय है. राजस्थान में गेगल टोल पर अव्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को विरोध जताने पहुंचे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने डंडे बरसाए. आरएलपी कार्यकर्ता गेगल टोल प्लाजा को टोल मुक्त करने के लिए प्रदर्शन करने पहुंचे थे. इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प हो गई. मामला बढ़ता देख पुलिस ने RLP कार्यकर्ताओं को मौके से खदेड़ा और लाठीचर्चा भी किया. इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को चोट भी आई. तो कुछ कार्यकर्त्ता पुलिस की लाठी से बचाकर खेतों में भागते हुए नजर आए. वहीं कुछ प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है. इस पुरे घटनाक्रम की निंदा करते हुए नागौर सांसद एवं RLP मुखिया हनुमान बेनीवाल ने कहा कि, 'आज अजमेर जिले के गेगल में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टोल प्लाजा पर टोल कंपनी द्वारा मनमाफिक रूप से नियम विरुद्ध की जा रही टोल वसूली व उक्त अवैध टोल वसूली से आस-पास के गांवो के लोगो को हो रही समस्याओं को लेकर आरएलपी ने विरोध प्रदर्शन किया. यह भी पढ़े: मुसेवाला की हत्या में लारेंस विश्नोई गैंग का हाथ, BJP के निशाने पर मान सरकार, तो 6 को दबोचा पुलिस ने सांसद बेनीवाल ने कहा कि, 'जिला इकाई अजमेर द्वारा उक्त टोल नाके पर लोकतांत्रिक रूप से विरोध करना पहले से ही प्रस्तावित था क्योंकि विगत दिनों स्थानीय प्रशासन ने आर एल पी कार्यकर्ताओ व पदाधिकारियों से ज्ञापन लेकर जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया था. परन्तु कोई समाधान निकालने के स्थान पर सत्ता पक्ष के नेताओं के संरक्षण में टोल कंपनी के इशारे पर स्थानीय पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाई और अभद्र व्यवहार करते हुए अपमानजनक गालियां भी निकाली, जिसकी मैं निंदा करता हूं.' इस मामले को लेकर सांसद बेनीवाल ने अजमेर जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर वार्ता करके उनके समक्ष गहरी नाराजगी व्यक्त की. सांसद हनुमान बेनीवाल ने आगे कहा कि, 'पुलिस ने जिन कार्यकर्ताओ को पुलिस ने हिरासत में ले रखा है उन्हे तुरंत रिहा किया जाए. पुलिस कार्यवाही में किसी के भी चोट लगी है तो तत्काल उसका इलाज भी करवाया जाए.' इसके साथ ही सांसद बेनीवाल ने ट्विटर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व डीजीपी को टैग करते हुए लिखा कि, 'वहां मौजूद पुलिस अफसरों व कार्मिक जिन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग आम जन के साथ किया है, ऐसे पुलिस अफसरों व कार्मिकों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए. सत्ता पक्ष के कई मंत्री व विधायक टोल के ठेको के कार्य में व्यस्त हैं और उन्हें जनता के हितों से कोई वास्ता नहीं है. पूरे राजस्थान में जनता टोल माफियाओं से त्रस्त है ऐसे में आर एल पी जल्द ही टोल मुक्त राजस्थान, मुफ्त बिजली, कर्ज मुक्त किसान सहित दर्जनों जनहित के मुद्दों को लेकर बड़े जन आंदोलन की शुरुआत करेगी. सांसद बेनीवाल ने पूरे मामले को लेकर पुलिस महानिदेशक से भी दूरभाष पर वार्ता की. यह भी पढ़े: युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए युवा बोर्ड आयोजित करेगा रोजगार मेले- सीताराम लाम्बा मौके पर भेजा विधायकों को मामले को बढ़ता देख हनुमान बेनीवाल ने आर एल पी के प्रदेश अध्यक्ष व भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग, खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल को तत्काल अजमेर जिले में घटना स्थल पर भेजा. गेगल पुलिस थाने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजमेर ग्रामीण वैभव शर्मा, उपखंड अधिकारी- अजमेर ग्रामीण, वृता अधिकारी- अजमेर ग्रामीण सहित कई अफसरों की मौजूदगी में विधायकों ने वार्ता की. भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग तथा खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल दोनो ने अधिकारियो के समक्ष गहरी नाराजगी व्यक्त की तथा हिरासत में लिए गए पार्टी कार्यकर्ताओ को छोड़ने की बात कही. विधायक बेनीवाल ने भी पुलिस द्वारा प्रयुक्त की गई अभद्र गालियों के मामले में अफसरों को लताड़ लगाई.