केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना यानी छात्रों और नौजवानों की आवाज़ सुनी गई है, यह जवाबदेही पहले ही तय हो जानी चाहिए थी, जिन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके इस नुकसान की भरपाई कभी भी नहीं की जा सकती, सरकार को झुकना पड़ा और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा है, यह युवाशक्ति की जीत है,प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार को छात्रों से माफ़ी मांगनी चाहिए तथा इस पूरे मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
'जिन छात्रों का भविष्य बिगड़ा, उन्हें...'- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पायलट का बड़ा बयान

'छात्रों की आवाज़ आखिरकार सुनी गई'— धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सचिन पायलट








