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इसमें जरा भी सच्चाई नहीं कि CM गहलोत ने एक दरगाह को दिए 100 करोड़ रुपए- खाचरियावास

15 जुलाई 2022
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इसमें जरा भी सच्चाई नहीं कि CM गहलोत ने एक दरगाह को दिए 100 करोड़ रुपए- खाचरियावास

Politalks.News/Rajasthan. धर्म के नाम पर भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. चुनाव आयोग को आगे बढ़कर ऐसे लोगों पर चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए, लेकिन बीजेपी ऐसा नहीं करेगी क्योंकि उनका मेन एजेंडा यही है…. यह कहना है गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyawas) का. दरअसल, प्रताप सिंह खाचरियावास शुक्रवार को अपने आवास पर आयोजित एक प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे. इस दौरान सोशल मीडिया पर हिंदुओं के खिलाफ अधिक टिप्पणी किए जाने के सवाल पर खाचरियावास ने कहा कि इस मामले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. इसे लेकर एक कानून बनाने की आवश्यकता है. … Read more

Politalks.News/Rajasthan. धर्म के नाम पर भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. चुनाव आयोग को आगे बढ़कर ऐसे लोगों पर चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए, लेकिन बीजेपी ऐसा नहीं करेगी क्योंकि उनका मेन एजेंडा यही है…. यह कहना है गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyawas) का. दरअसल, प्रताप सिंह खाचरियावास शुक्रवार को अपने आवास पर आयोजित एक प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे. इस दौरान सोशल मीडिया पर हिंदुओं के खिलाफ अधिक टिप्पणी किए जाने के सवाल पर खाचरियावास ने कहा कि इस मामले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. इसे लेकर एक कानून बनाने की आवश्यकता है. क्योंकि आजकल हर कोई सोशल मीडिया पर झूठ बांट रहा है. खाचरियावास ने कहा कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक झूठ फैलाया गया, जिसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक दरगाह को 100 करोड़ रुपए दिए हैं. जबकि इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है.

सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने वालों के खिलाफ बने कानून
खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने किसी भी दरगाह को कोई पैसा नहीं दिया. खाचरियावास ने कहा कि मस्जिद वाले सरकारी पैसा काम में ही नहीं लेते. खाचरियावास ने आगे कहा कि भाजपा और कांग्रेस से ऊपर उठकर एक कानून बनाने की आवश्यकता है, जिसमें यदि कोई भी सोशल मीडिया पर झूठ फैलाता है तो उसे सीधे जेल भेजा जाए. इससे देश का माहौल भी सुधरेगा. एक सवाल के जवाब में खाचरियावास ने कहा कि धर्म के नाम पर भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. चुनाव आयोग को आगे बढ़कर ऐसे लोगों पर चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए, लेकिन बीजेपी ऐसा नहीं करेगी क्योंकि उनका मेन एजेंडा यही है.

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पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर लगा देना चाहिए प्रतिबंध- खाचरियावास
वहीं बिहार के एसएसपी के द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की तुलना आरएसएस से किए जाने के सवाल पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि देश में एनआईए मामलों की जांच कर रही है. यदि पीएफआई पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो उस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. खाचरियावास ने कहा कि बिहार में भाजपा की सरकार है. जब वहां का एसएसपी इस तरह का बयान दे रहा है, तो बाकी कुछ नहीं रह जाता. भारतीय जनता पार्टी हो या आरएसएस एक ही बात है.

खाद्य सामग्री पर 5 फीसदी जीएसटी लगाकर केंद्र सरकार ने किया बड़ा पाप
इसके साथ ही खाद्य सामग्रियों पर केंद्र सरकार की ओर से पांच फीसदी जीएसटी लगाने के मामले में गहलोत सरकार में खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया. खाचरियावास ने कहा कि आटा दाल चावल व अन्य खाद्य सामग्री पर 5 फीसदी जीएसटी लगाकर केंद्र सरकार ने बड़ा पाप किया है. खाचरियावास ने बताया कि जयपुर शहर कांग्रेस कमेटी इसके खिलाफ शनिवार को सड़कों पर उतरेगी और हर विधानसभा क्षेत्र में प्रदर्शन किया जाएगा जाएगा. खाचरियावास ने आगे कहा कि पहले से ही महंगाई लगातार बढ़ रही है और अब केंद्र सरकार ने खाद्य सामग्री पर 5 प्रतिशत जीएसटी और लगा दी है.

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जीएसटी लगाने का ही शौक है तो पेट्रोल और डीजल पर लगाएं
प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार आम आदमी को भूल गई है. केंद्र सरकार ने आजादी के बाद पहली बार आटे पर टैक्स लगाया है. पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लगा कर भाजपा की केंद्र सरकार पहले ही 25 लाख करोड़ रुपए कमा चुकी है. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से वैसे ही खाद्य सामग्री महंगी हो गई है. खाचरियावास ने कहा कि यदि केंद्र सरकार को जीएसटी लगाने का ही शौक है तो पेट्रोल और डीजल पर जीएसटी लगाएं. खाचरियावास ने आगे कहा कि मोदी जी जब भी कोई फैसला लेते हैं, तो वे राज्य सरकारों से पूछ कर नहीं लेते. खाचरियावास ने कहा कि जीएसटी बढ़ाने का पूरे देश में विरोध किया जा रहा है. व्यापारी भी इसमें शामिल हैं. मोदी सरकार द्वारा कुछ बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए ही खाद्य सामग्रियों पर जीएसटी लगाई जा रही है.

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