उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ को लेकर सियासी विवाद हुआ खड़ा, 8 अगस्त को खड़गे ने इसी मैदान में कांग्रेस की रैली को किया था संबोधित, जिसके तीन दिन बाद श्रीराम सेना से जुड़े लोगों ने मैदान में यज्ञ कर ‘शुद्धिकरण’ किया, संगठन का दावा है कि रैली के दौरान आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे और रामलीला मैदान धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का स्थल है, जहां राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होने चाहिए, वहीं कांग्रेस ने इस घटना को दलित और पिछड़ा विरोधी मानसिकता बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा, इस मामले को लेकर आज राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर निकला गुस्सा, कहा- हल्द्वानी में था, जहाँ मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया, वहाँ लाखों लोग मौजूद थे, उस समय मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया, मैंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को दोहराया, लेकिन मेरे भाषण के बाद, बीजेपी के लोगों ने उस मंच को 'शुद्ध' करने के लिए वहाँ हवन किया, क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता हूं., वहीं खड़के के बयान पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- सरकार इस कृत्य की भत्सर्ना करती है और इसकी जांच करवाई जाएगी
‘मेरे भाषण के बाद मंच को शुद्ध किया गया’-खड़गे ने राज्यसभा में उठाया हल्द्वानी का मुद्दा, पढ़े पूरी खबर

खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान का ‘शुद्धिकरण’! राज्यसभा में भड़के कांग्रेस अध्यक्ष, नड्डा का जवाब









