जी-20 का लोगो बन गया भाजपा का चुनाव चिन्ह, ये है बेशर्मी- बोली कांग्रेस तो बीजेपी ने किया पलटवार

G-20 के लोगो पर मचा घमासान
9 Nov 2022
Politics on G 20 logo. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले साल भारत में होने वाली G-20 समूह की बैठक का लोगो, थीम और वेबसाइट जारी कर दी है. लेकिन इसे लेकर अब सीएसी बयानबाजी का दौर चरम पर पहुंच गया है और कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने आ गई है. दरअसल G-20 का लोगो पीएम मोदी ने जारी किया है उसमें कमल के फूल का चित्र साफ नजर आ रहा है. हालांकि बीजेपी का चुनाव चिन्ह भी कमल ही है. इसी को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'जी-20 का लोगो भी भाजपा का चुनाव चिन्ह बन गया है. जी-20 के लोगो पर कमल की फोटो होना एक तरह की बेशर्मी है.' वहीं कांग्रेस के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि, '70 साल पहले जब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे तब कमल को भारत का राष्ट्रीय फूल घोषित किया गया था. क्या वह भी आपको 'चौंकाने वाला' लगता है?' https://youtu.be/t7ZGFl8V91k अगले साल भारत, जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है. ये पूरे देश के लिए गौरव का विषय है. इस ख़ास मौके के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जी-20 का लोगो और वेबसाइट को लांच किया. इस दौरान पीएम मोदी ने लोगो का जिक्र करते हुए कहा कि, 'जी-20 का ये लोगो केवल एक प्रतीक चिन्ह नहीं है. यह एक संदेश है, यह एक भावना है, जो हमारी रगों में है. यह एक संकल्प है जो हमारी सोच में शामिल रहा है. इस लोगो और थीम के ज़रिए हमने एक संदेश दिया है. इस लोगो में कमल का फूल, भारत की पौराणिक धरोहर, हमारी आस्था, हमारी बौद्धिकता को चित्रित कर रहा है. कमल का प्रतीक आशा का प्रतिनिधित्व करता है. कमल पर सात पंखुड़ियां, विश्व के सात महाद्वीपों और संगीत के सात स्वरों का प्रतिनिधित्व करती हैं. जी-20 का यह लोगो दुनिया में सद्भाव लाएगा.' ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही जी-20 में लगे कमल के फूल का बखान कर रहे हों लेकिन देश में अब इस लेकर सियासी बहस छिड़ गई है. यह भी पढ़े: आजम खान को SC से मिली बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगाई 15 नवंबर तक रोक, EC को लगाई फटकार https://twitter.com/Jairam_Ramesh/status/1590214214869602305?s=20&t=nAJoXUj5dfisiboCAytN-A कांग्रेस की तरफ से पार्टी महासचिव और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने एक ट्वीट करते हुए बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. जयराम रमेश ने कहा कि, 'एक वैश्विक संगठन की मेजबानी के लिए जारी लोगो पर कमल की फोटो होना एक तरह की बेशर्मी है. 70 साल पहले, नेहरू ने कांग्रेस के झंडे को भारत का झंडा बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. अब, भाजपा का चुनाव चिन्ह G-20 की अध्यक्षता का आधिकारिक लोगो बन गया है. हमें पता था कि मोदी और भाजपा बेशर्मी से खुद को बढ़ावा देने का कोई मौका नहीं गंवाएंगे.' https://twitter.com/saliltripathi/status/1590038852973907968?s=20&t=nAJoXUj5dfisiboCAytN-A वहीं इस लोगो को लेकर जाने माने लेखक सलील त्रिपाठी ने सवाल उठाते हुए एक ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'किसी राजनीतिक पार्टी का चुनाव चिन्ह जी-20 बैठक का लोगो कैसे हो सकता है. क्या जी-20 में शामिल बाक़ी के 19 देश मोदी का अनुमोदन कर रहे हैं अगर हां तो साफ़ कहें और अगर नहीं तो वो भी कहें.' https://twitter.com/Shehzad_Ind/status/1590228856719699969?s=20&t=nAJoXUj5dfisiboCAytN-A कांग्रेस एवं अन्य लोगों द्वारा G-20 के लोगो पर उठाए जा रहे सवाल पर अब बीजेपी की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. बीजेपी प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करने के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों और फूल का विरोध क्यों? अगर ऐसा है तो फिर क्या कमलनाथ (मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री) अपने नाम से कमल हटा देंगे और राजीव शुक्ला (पूर्व केंद्रीय मंत्री) अपने नाम से राजीव शब्द हटा देंगे?' यह भी पढ़े: ‘कांग्रेस का रहा है झूठे वादे और झूठी गारंटी का इतिहास, उनके विश्वासघात के भुक्तभोगी हैं हिमाचल वासी’ https://twitter.com/HardeepSPuri/status/1590222926854631425?s=20&t=PMwrdjgp__5sgHgLLL4q7w वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, '1950 में तब की कांग्रेस सरकार ने कमल को राष्ट्रीय पुष्प घोषित किया था. जयराम रमेश का जन्म 1954 में हुआ था. भगवान ही जानता है कि कांग्रेस हर राष्ट्रीय प्रतीक को बदनाम करने और कमजोर करने का विकल्प क्यों चुनती है, जबकि वह खुद को जोड़ने के लिए यात्रा निकाल रही है.' बता दें भारत एक दिसंबर को मौजूदा अध्यक्ष इंडोनेशिया से इस शक्तिशाली समूह की अध्यक्षता ग्रहण करेगा. 20 देशों का समूह यानी जी-20 दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का अंतर- सरकारी मंच है. जी-20 समूह में र्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं.