प्रत्याशी चयन में नहीं दिखा सियासी खींचतान का असर, सर्वसम्मति से लगी तीनों BJP प्रत्याशियों पर मुहर!

BJP Candidates for By-Eletions
26 Mar 2021
Politalks.News/Rajasthan. राजस्थान सहित अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा उपचुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार देर रात 9 विधानसभा प्रत्याशी और 2 लोकसभा प्रत्याशियों के नामो की घोषणा कर दी. 17 अप्रेल को राजस्थान की तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैंं. भाजपा ने राजसमंद से दीप्ति माहेश्वरी, सहाड़ा से डॉ. रतनलाल जाट और सुजानगढ़ से खेमाराम मेघवाल को टिकट देने की घोषणा की है. प्रदेश भाजपा में चल रही सियासी खींचतान का प्रत्याशी चयन पर कोई असर देखने को नहीं मिला है, बल्कि माना जा रहा है कि तीनों प्रत्याशीयों का चयन सर्वसम्मति से किया गया है, क्योंकि तीन में से दो प्रत्याशी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के साथ काम कर चुके हैं. आपको बता दें, राजसमंद से दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी की पुत्री दीप्ति माहेश्वरी को उम्मीदवार बनाया है. दीप्ति के रूप में भाजपा ने नए चेहरे को मौका दिया है, लेकिन दिवंगत माहेश्वरी से जुड़ी सहानुभूति का पूरा फायदा दीप्ति को मिलना तय है. वहीं सहाड़ा सीट से भाजपा ने पूर्व विधायक और बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रतनलाल जाट को उम्मीदवार बनाया है. बता दें, टिकट चयन में रतनलाल की उम्र रोड़ा थी लेकिन पुराने नेता होने और स्थानीय कार्यकर्ताओं में रतनलाल की मजबूत पकड़ के चलते पार्टी ने सारे मापदंडों को दरकिनार कर जाट समीकरण को साध लिया. इसके साथ ही पार्टी ने सुजानगढ़ से पूर्व मंत्री खेमाराम मेघवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है, खेमाराम मेघवाल पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं. इससे पहले 2018 में वह सुजानगढ से चुनाव हार गए था, जबकि दो बार यहीं से विधायक रह चुके हैं मेघवाल. यह भी पढ़ें:- होली के रंग में पड़ गया भंग, 28-29 मार्च को सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक, नहीं मानने पर होगी कार्रवाई इस तरह तीनों प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद यह माना जा रहा है कि भाजपा में चल रही सियासी गुटबाजी और खींचतान का उम्मीदवार चयन में कोई असर नहीं हुआ है. पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और सतीश पूनियां के बीच जगजाहिर मतभेद के बावजूद उम्मीदवार चयन में भाजपा ने सर्वसम्मति बनाने का प्रयास किया है. तीन में से दो उम्मीदवार वसुंधरा राजे के साथ काम कर चुके हैं. खेमाराम मेघवाल वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में खान मंत्री थे, जबकि डॉ. रतनलाल जाट उस वक्त बीज निगम के अध्यक्ष थे. वहीं राजसमंद से उम्मीदवार बनाई गई दीप्ति माहेश्वरी की मां किरण माहेश्वरी राजे की कैबिनेट में मंत्री रही थीं.