दिग्विजय सिंह का बयान- इस्लाम की तरह हिंदुओं की कट्टरता भी खतरनाक, बीजेपी ने बताया देशद्रोह

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कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) का विवादित बयानों से पुराना नाता चला आ रहा है. आए दिन वे किसी ना किसी सभा में विवादित बयान दे ही देते हैं. इस बार दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को ‘जी’ कहकर संबोधित किया. इसके साथ ही दिग्विजय ने भाजपा पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह से मुस्लिमों की कट्टरता खतरनाक है, उसी तरह हिंदुओं की भी कट्टरता खतरनाक है. बीजेपी ने कहा दिग्विजय सिंह का यह बयान देशद्रोह की श्रेणी में आता है, इनको पाकिस्तान में ही बस जाना चाहिए, बिना वीजा के रख लेगा पाकिस्तान.

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह बुधवार को इंदौर में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इमरान खान का अतिवादी (रेडिकल) इस्लाम जितना खतरनाक है, उतना ही खतरनाक उग्र हिंदुत्व भी है. इस दौरान उन्होंने इमरान को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जी कहकर संबोधित किया. हालांकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को ‘जी’ कहना दिग्विजय के लिए कोई आश्चर्य करने वाली बात नहीं है. क्योंकि इससे पहले भी वे ओसामा बिन लादेन और हाफिज सईद को ‘जी’ कहकर संबोधित कर चुके हैं.

लोगों को सम्बोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि पं. नेहरू ने कहा था कि अल्पसंख्यकों की सांप्रदायिकता के मुकाबले बहुसंख्यकों की सांप्रदायिकता कहीं ज्यादा खतरनाक होती है. आज हम जो हालात पाकिस्तान में देख रहे हैं वो इसलिए है क्योंकि वहां बहुसंख्यक सांप्रदायिक हुए हैं. भारत में यदि बहुसंख्यक सांप्रदायिक हुए तो देश को बचाना मुश्किल होगा. भारत एक धार्मिक देश है, गांधीजी ने भारत की सनातनी परंपरा और संस्कृति को समझा था. सनातन धर्म में सत्य अहिंसा की बात होती है. आज अहिंसा ही संकट में है, भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और महात्मा गांधी की परंपरा के साथ हमारा धर्म भी संकट में है.

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वहीं अनुच्छेद-370 पर सरकार के रुख का उल्लेख करते हुए दिग्विजय ने कहा कि आज अगर गांधीजी जिंदा होते तो घोषणा कर देते कि मैं लाल किले से लाल चौक तक यात्रा करूंगा. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी कहा था कि कश्मीर समस्या का हल जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत से हो सकता है. सिंह ने वाट्सएप को समाज का दुश्मन करार देते हुए कहा कि झूठ को प्रचारित किया जा रहा है. आज युवा इसी में उलझे हुए हैं, बहस न करना कांग्रेसियों की सबसे बड़ी कमी है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद राजनीति गरमा गई और बीजेपी नेता विश्वास सारंग ने (Vishwas Sarang BJP) कहा कि दिग्विजय सिंह का बयान बहुत आपत्तिजनक है. सारंग ने कहा, ‘दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तान के प्रवक्ता की तरह बयान दिया है जिस भाषण को यूएन में इमरान खान ने जहां छोड़ा था उसी का एक्सटेंशन दिग्विजय सिंह का यह बयान है.’ सारंग ने आगे कहा, ‘दिग्विजय ने आतंकवाद और हिंदू को जोड़ने का प्रयास किया है और यह उनकी नई बात नहीं है. वह हर समय भगवा को लेकर, हिंदू को लेकर और हिंदुस्तान को लेकर विवादित बयान देते हैं. वह हर समय पाकिस्तानपरस्ती की बात करते हैं. मेरा मानना है उनका यह बयान देशद्रोह की श्रेणी में आता है.’

बीजेपी नेता विश्वास सारंग यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा, ‘हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री को तो आप गाली देते हो जिसे 130 करोड़ जनता ने चुना है और जो पाकिस्तान का प्रधानमंत्री हिंदुस्तान में लगातार हमारे सैनिकों को मारने की बात करता है, आतंकवाद को बढ़ावा देता है आप उसको ‘जी’ बोलते हो. संत समाज के कार्यक्रम में आप भगवा आतंकवाद की बात करते हो और जाकिर नायक के कार्यक्रम में जाकर उसको शांतिदूत बोलते हो. जिस चाल से दिग्विजय सिंह चल रहे हैं, मुझे ऐसा लगता है कि वह आने वाले दिनों में पाकिस्तान जाकर ही ना बस जाएं क्योंकि वहां उन्हें बिना वीजा के भी रख लिया जाएगा.’

सुप्रीम कोर्ट से महाराष्ट्र CM देवेन्द्र फड़नवीस को झटका

महाराष्ट्र (Maharastra) के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस (Devendra Fadnavis) के लिए परेशान करने वाली खबर है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को कहा कि भाजपा नेता के खिलाफ चुनावी शपथ पत्र में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का ब्योरा पेश करने में नाकाम रहने के कारण मुकदमा दर्ज किया जाएगा. 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान फड़नवीस ने चुनाव आयोग को जो शपथ पत्र सौंपा था, उसमें आपराधिक मामलों का विवरण नहीं है. इस मामले में बांबे हाईकोर्ट फड़नवीस को क्लीन चिट दे चुकी है. सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली जस्टिस दीपक गुप्ता और अनरुद्ध बोस की पीठ ने हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया … Read more

वीडियो वीडियो: रीटा चौधरी से पुरानी अदावत का हिसाब कैसे चुकता करेंगी सुशीला सींगड़ा

भाजपा ने झुंझनूं पंचायत समिति की प्रधान सुशीला सींगड़ा (Sushila Sheenda) को मंडावा उपचुनाव (Mandawa ByElection 2019) के लिए पार्टी उम्मीदवार बनाया है. 2018 के वि.स.चुनावों में रीटा चौधरी (Reeta Choudhary) के कहने पर सुशीला सींगड़ा को निलंबित कर दिया था.​ टिकट की घोषणा से केवल तीन घंटे पहले सींगड़ा ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. उनके सामने कांग्रेस की तरफ से रीटा चौधरी हैं. ऐसे में सींगडा के पास रीटा चौधरी से हिसाब चुकता करने का बढ़िया मौका है.

महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की पहली और कांग्रेस की दूसरी लिस्ट जारी

महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और शिवसेना ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी ने अपनी लिस्ट में 125 प्रत्याशियों के नाम शामिल किए हैं. संगठन ने लिस्ट में 91 वर्तमान विधायकों पर फिर से दाव खेला है जबकि 12 विधायकों के टिकट काट दिए. प्रदेश के सीएम देवेंद्र फडणवीस नागपुर साउथ वेस्ट से चुनाव लड़ेंगे. वहीं चंद्रकात पाटिल को कोथरुड से शिवाजी परिवार के वंशज शिवेंद्र सिंह को सतारा से टिकट मिला. कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए राधाकृष्ण विखे पाटिल को शिरडी जबकि जामनेर से गिरीश महाजन को टिकट मिला है. List of BJP candidates for the ensuing Bye-election to the Parliamentary … Read more

देश की मीडिया मैनेज, मोदी गुणगान में लगे रहते हैं मीडिया संस्थानों के मालिक: गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री (Rajasthan CM) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के मददेनजर खींवसर (Khivnsar)  में आयोजित नामांकन सभा को संबोधित करते हुए देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए कहा देश में नौकरियां मिलने की बजाय जा रहीं है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा वाले देश में डर, भय और हिंसा का माहौल बनाते है. भय के माहौल से जनता का लाभ नही होता है. वहीं गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे वार करते हुए कहा कि देश की मीडिया को भी मोदीजी ने मैनेज कर रखा है. मीडिया संस्थानों के मालिक और एडिटर बस मोदी का गुणगान करने में … Read more

महाराष्ट्र: कांग्रेस की पहली लिस्ट जारी, 6 विधायकों ने थामा बीजेपी का ‘हाथ’

वहीं महाराष्ट्र (Maharastra) में अगले महीने होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेेस ने रविवार को अपनी पहली सूची जारी कर दी. कांग्रेस चुनाव समिति के प्रमुख मुकुल वासनिक द्वारा जारी की गई पहली सूची में 51 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं. जारी लिस्ट में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पूर्व सीएम विलासराव देशमुख के बेटे अमित विलासराव देशमुख और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की बेटी प्रणिती के नाम भी हैं. अमित देशमुख महाराष्ट्र की लातूर शहर सीट और शोलापुर सिटी सेंट्रल से प्रणिती चुनाव लड़ेगी. अशोक चव्हाण (Ashok Shankarrao Chavan) भोकर सीट से किस्मत आजमाएंगे. वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस, रांकपा और … Read more

राजस्थान: मंडावा विधानसभा से बीजेपी ने सुशीला सिंगड़ा को प्रत्याशी बना सबको चौंकाया

राजस्थान विधानसभा उपचुनाव 2019 (Rajasthan Assembly By-Election 2019) में भाजपा ने मंडावा विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में झुंझुनूं पंचायत समिति प्रधान पद सुशीला सिंगड़ा (Susheela Singda) को अपना प्रत्याशी बना कर न केवल कांग्रेस को बल्कि खुद भाजपा के स्थानीय नेताओं को भी चौंका दिया. विधानसभा चुनाव 2018 में हारी रीटा चौधरी की शिकायत पर कांग्रेस ने सुशीला सिंगड़ा निलंबित कर दिया था, लेकिन वे पार्टी में ही थी. बीजेपी ने दोनों कांग्रेस नेत्रियों की इस आपसी फूट का फायदा उठाने के लिए सुशीला पर दांव खेल दिया. रविवार को टिकट की घोषणा होने से मात्र डेढ़ घंटा पहले ही सुशीला सिंगड़ा ने भाजपा की सदस्यता ली है. रविवार को … Read more

ईडी की जांच में पवार का नाम आने के बाद शिवसेना को मिला भाजपा पर दबाव बनाने का मौका

आर्थिक घोटाले के तहत मनी लांड्रिंग (Money laundering) की एक जांच में शरद पवार (Sharad Pawar), अजित पवार (Ajit Pawar) सहित कई नेताओं के नाम दर्ज किए हैं. सोमवार को ED के एक अधिकारी के हवाले से मीडिया में खबर आने के बाद महाराष्ट्र का राजनीतिक माहौल अचानक पलट गया है. पिछले दो-तीन दिन से चल रहे घटनाक्रम को देखने के बाद शिवसेना संसदीय नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने ED की समझदारी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ईडी को राज्य के इतने बड़े नेता को नामजद करने की क्या जरूरत थी? इससे कमजोर हो रही राकांपा को जनता की सहानुभूति मिलेगी और वह फिर मुकाबले में आ जाएगी.

गौरतलब है कि शिवसेना केंद्र में BJP के साथ NDA की प्रमुख सहयोगी हैं और महाराष्ट्र (Maharastra) में दोनों पार्टियों का गठबंधन है. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा बहुत ज्यादा सीटें मांग रही है और शिवसेना को यह मंजूर नहीं है, जिससे दोनों में सीटों पर तालमेल नहीं हो पा रहा है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भाजपा की शर्तों के सामने झुकने के लिए तैयार नहीं है. इस खींचतान में शिवसेना अपनी हैसियत बनाए रखने के लिए प्लान-बी पर अमल कर सकती है, जिसके तहत पवार का समर्थन करते हुए अधिकतम सीटों पर शिवसेना चुनाव लड़ सकती है. पवार के समर्थन में संजय राउत के बयान से यह संकेत मिलता है.

राउत ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के इस दावे को परोक्ष रूप से मानने से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईडी ने हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज किया है और इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है. राउत ने कहा कि हाईकोर्ट ने जिस शिकायत के आधार पर जांच करने का आदेश दिया है, उसमें शरद पवार के नाम का उल्लेख नहीं है. इस घोटाले में पवार की पार्टी के कुछ लोगों के नाम बताए जा रहे हैं. इस आधार पर उन्हें घोटाले का सरगना बताने की कोशिश हो रही है, जो कि कानून के दायरे में नहीं आती है. जिस बैंक में हुए घोटाले की जांच हो रही है, उससे सभी पार्टियों का संबंध रहा है.

बड़ी खबर: महाराष्ट्र में ईडी के जरिए शरद पवार को घेरने का दाव पड़ा उल्टा

राउत ने कहा कि ईडी ने एक सो रही पार्टी राकांपा को चुनाव से पहले जगा दिया है. इससे राकांपा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा. जो लोग शरद पवार को जानते हैं महाराष्ट्र की राजनीति को समझते हैं, वे सभी यही कहेंगे ईडी ने बगैर किसी कारण के पवार का नाम उछालकर मामले को राजनीतिक मोड़ दे दिया है. उन्होंने कहा कि ईडी भारत सरकार के अधीन काम करने वाली संस्था है, यह कोई अमेरिकी जांच एजेंसी नहीं है. पवार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति के भी खिलाफ है.

राउत ने कहा कि बाला साहेब ठाकरे (Bala Saheb Thackeray) के समय से ही हम पवार की आलोचना करते रहे हैं. हमने उनकी पार्टी के खिलाफ चुनाव भी लड़े हैं. कभी जीते हैं तो कभी हारे भी हैं. लेकिन किसी नेता के साथ कुछ गलत होता हुआ दिखता है तो हम सभी उसके विरोध में एकजुट हो जाते हैं. यह महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति है. जब ईडी ने एक मामले में मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने पूछताछ के लिए बुलाया था तो हमने उसका भी विरोध किया था. उद्धवजी उनके समर्थन में आगे आए थे. अन्ना हजारे ने भी कहा है कि पवार का किसी घोटाले में हाथ में नहीं है, जो पहले कई बार पवार की तीखी आलोचना कर चुके हैं.

वीडियो खबर: बेनीवाल ने फिर दिया वसुंधरा को झटका

हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje)के साथ मतभेद के बाद 2009 में छोड़ दी थी भाजपा, उसके बाद से राजे के मुखर आलोचक रहे हैं बेनीवाल, फिर भी भाजपा ने किया नारायण बेनीवाल का समर्थन…

बड़ी खबर: खींवसर सीट पर बेनीवाल से तालमेल वसुंधरा राजे के लिए एक और झटका