शरद पवार के खिलाफ ईडी की जांच से महाराष्ट्र में राजनीतिक तूफान

महाराष्ट्र (Maharastra) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में मनी लांड्रिंग की जांच शुरू कर दी है, जिसमें NCP प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar), उनके भतीजे अजित पवार, राकांपा नेता ईश्वरलाल जैन, शिवाजीराव नलावडे, कांग्रेस नेता मदन पाटिल, दिलीपराव देशमुख, शिवसेना नेता आनंदराव अडसुल सहित 75 लोगों के नाम हैं. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज की थी. उसी के आधार पर ईडी ने सोमवार को इन्फोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करते हुए प्रारंभिक जांच शुरू की है. यह मामला 2007 से 2011 के दौरान महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव (एमएससी) बैंक में हुए करीब 1000 करोड़ रुपए के घोटाले से … Read more

कर्नाटक और गोवा के बाद महाराष्ट्र में बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोट्स’

कर्नाटक और गोवा में मिली सफलता के बाद अब भारतीय जनता पार्टी का ऑपरेशन लोटस महाराष्ट्र में शुरू हो रहा है. अगर रांकपा अध्यक्ष शरद पवार और भाजपा नेताओं के दावों पर विश्वास करें तो कांग्रेस और एनसीपी के कई विधायक और नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं. रविवार को ही एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने दावा किया था कि राज्य की भाजपा सरकार उनकी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं को तोड़ रही है और उन पर दबाव डाल रही है. वहीं हाल ही में महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने दावा किया है कि कांग्रेस और एनसीपी के 50 से ज्यादा विधायक भाजपा के संपर्क … Read more

महाराष्ट्र: पार्थ और रोहित में से कौन संभालेगा ‘NCP’ की विरासत?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार ने इस बार लोकसभा चुनाव में न उतरकर एक तरह से राजनीति से संन्यास ले लिया है. कयास यही लगाए जा रहे हैं कि अक्टूबर में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा के चुनावों के बाद शरद पवार किसी न किसी को एनसीपी की विरासत सौंप पार्टी के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका का निर्वाह करेंगे. ठीक वैसे ही जैसा समाजवादी पार्टी के पूर्व मुखिया मुलायम सिंह यादव ने किया था. एनसीपी की विरासत किसी पवार सदस्य को ही मिलेगी, यह तो पक्का है लेकिन किसे, यह भविष्य के गर्भ में छिपा है. वैसे इस विरासत को संभालने के लिए दो नाम सबसे आगे चल … Read more

बाबा रामदेव पर क्यों मेहरबान हो रही है फडणवीस सरकार?

हाल में खबर आयी कि महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार योग गुरू रामदेव बाबा को प्रदेश में 400 एकड़ जमीन की पेशकश कर रही है और वो भी आधे दाम पर. करोड़ों रुपये की जमीन बाबा को कोड़ीयों के दाम पर मिलेगी. सिर्फ इतना ही नहीं, स्टांप ड्यूटी की माफी के साथ जीएसटी लाभ और बिजली बिल में एक रुपये प्रति यूनिट की छूट भी उन्हें दी जा रही है. अब सवाल यह उठता है कि आखिर महाराष्ट्र सरकार को ऐसा कौनसा लाभ बाबा से मिल रहा है या मिलने वाला है जो उनपर इतनी मेहर बरसायी जा रही है. कहीं इसकी वजह आगामी विधानसभा चुनाव तो नहीं …? महाराष्ट्र की … Read more

राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खोने की कगार पर तृणमूल, राकांपा और भाकपा

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी), शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा गंवा सकती हैं. चुनाव आयोग इन पार्टियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है. हाल ही लोकसभा चुनाव में इन पार्टियों का प्रदर्शन राष्ट्रीय पार्टी के अनुरूप नहीं रहा.

चुनाव आयोग की नियमावली में चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आबंटन) आदेश, 1968 के तहत राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए पार्टी को लोकसभा चुनाव में कम के कम 6 फीसदी वोट मिलना जरूरी है या फिर किसी भी राज्य में पार्टी के कम से कम चार सांसद दुबारा जीतकर आने चाहिए या पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को कम से कम 2 फीसदी सीटें मिलनी चाहिए या पार्टी को कम से कम चार राज्यों में प्रांतीय पार्टी का दर्जा होना चाहिए.

2014 के लोकसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग ने पराजित पार्टियों का भी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा बरकरार रखा था. लेकिन इस बार चुनाव आयोग ऐसा नहीं करेगा. चुनाव आयोग के फैसले के बाद राष्ट्रीय पार्टियों की संख्या आठ से घटकर पांच रह जाएगी. फिलहाल जिन आठ पार्टियों का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त है, उनमें कांग्रेस, बीजेपी, माकपा, भाकपा, राकांपा, तृणमूल कांग्रेस और मणिपुर, मेघालय, नगालैंड की पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) शामिल है.

गौरतलब है कि इनमें से चार पार्टियों, तृणमूल, राकांपा, भाकपा और बसपा को चुनाव आयोग ने 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किए थे. इन पार्टियों का जवाब मिलने के बाद चुनाव आयोग ने इनका राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा समाप्त नहीं किया था. इन पार्टियों को राष्ट्रीय दर्जा साबित करने के लिए दूसरे लोकसभा चुनाव तक का समय दे दिया था. अब 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद बसपा ने तो अपना राष्ट्रीय दर्जा कायम रखा है, लेकिन तृणमूल, राकांपा और भाकपा दायरे से बाहर हैं. ये तीनों पार्टियां न तो राज्यों में अपना प्रदर्शन ठीक रख पाई, न ही उन्हें पर्याप्त वोट मिले.

इस बार पूर्वोत्तर राज्यों में प्रदर्शन ठीक नहीं रहने से राकांपा का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खत्म हो सकता है. तृणमूल कांग्रेस का पश्चिम बंगाल के अलावा और किसी राज्य में मौजूदगी नहीं है. राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त पार्टी एक ही चुनाव चिन्ह पर देश में कहीं भी चुनाव लड़ सकती है. राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा नहीं होने पर यह नियम लागू नहीं होता. राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खत्म होने के बाद उस पार्टी को चुनाव के दौरान दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे माध्यमों पर भी प्रचार के लिए समय नहीं मिलता.

धमाकों के आरोपी को चुनाव में टिकट देना लोकतंत्र पर हमला: शरद पवार

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने भोपाल संसदीय सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंची साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर निशाना साधते हुए बीजेपी पर हमला बोला है. पवार ने कहा, ‘साध्वी मालेगांव बम धमाकों की आरोपी है. उस पर निर्दोष लोगों की हत्या का आरोप है. इसके बावजूद भी बीजेपी ने उसे लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया. यह लोकतंत्र के लिए हानिकारक है.’ बता दें कि बीजेपी ने भोपाल लोकसभा क्षेत्र से मालेगांव बम धमाकों की आरोपी साध्वी प्रज्ञा को उम्मीदवार बनाया था. यहां उन्होंने कांग्रेस के दिग्विजय सिंह को बड़े अंतर से हराया है. पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान पवार ने कहा कि मालेगांव की मस्जिद … Read more

BJP की सरकार बनी तो 13 दिन में गिर जाएगी: एनसीपी

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देश में लोकसभा चुनाव अपने अंतिम चरण में है. 23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे लेकिन नेता उससे पहले ही सरकार बनने को लेकर दावे करने लगे हैं. ताजा दावा एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने किया है. शरद पवार ने कहा कि अगर बीजेपी राष्ट्रपति की मदद से सरकार बना भी लेती है तो भी सदन में बहुमत साबित नहीं कर पाएगी. उसका भी हाल 1996 की अटल सरकार जैसा होगा. हालांकि शरद पवार ने माना बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी लेकिन यह भी कहा कि उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा. एक चैनल से बातचीत के दौरान शरद पवार ने कहा कि 21 मई से देश में … Read more