पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के डिप्टी सीएम और कांग्रेस प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सचिन पायलट (Pilot Sachin) ने बीजेपी पर लोगों को डरा धमकाकर हजारों करोड़ रुपये का चंदा इक्ट्ठा करने का आरोप लगाया. पायलट (Pilot Sachin) ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bonds) के जरिए भाजपा के खातों में कुल मिले चंदे का 97 फीसदी भाग गया है जो किसी भी तरह से विश्वास करने योग्य नहीं है जिसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने इस बात को लोकसभा और राज्यसभा में उठाने की सलाह भी दी.
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राजस्थान विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र कल से, देश के संविधान पर होगी खुलकर चर्चा
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly) का विशेष दो दिवसीय शीतकालीन सत्र 28 नवंबर गुरूवार से शुरू होगा. विधानसभा सचिवालय इसकी अधिसूचना पूर्व में ही जारी कर चुका है. विधानसभा के इस 28 और 29 नवंबर को चलने वाले संक्षिप्त सत्र के दौरान विधायी कामकाज निपटाने के साथ ही संविधान पर भी चर्चा होगी. बुधवार को विधानसभा में स्पीकर सीपी जोशी ने सर्वदलीय नेताओं की एक बैठक बुलाई जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, बीजेपी से उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, मुख्य सचेतक महेश जोशी, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे. सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि विधानसभा (Rajasthan … Read more
राजस्थान निकाय चुनावों में हिट हुई गहलोत-पायलट की जोड़ी, पहले पार्षद अब निकाय प्रमुखों में भी कांग्रेस बनी सिरमौर
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के 49 निकायों के लिए प्रमुखों के चुनाव में (Rajasthan Nikay Chunav Result) में एक बार फिर हिट हुई गहलोत-पायलट की जोड़ी. पार्षदों के चुनावों के बाद निकाय प्रमुखों के चुनाव में कांग्रेस बीजेपी को पटखनी देते हुए 37 निकायों में अपनी ‘छोटी सरकार’ बनाने में कामयाब रही. वहीं बीजेपी को केवल 12 निकायों में अपना बोर्ड बनाकर संतोष करना पड़ा. स्प्ष्ट रूप से कांग्रेस ने 35 निकायों में जीत दर्ज की लेकिन जैसलमेर में एकमात्र निर्दलीय पार्षद हरिवल्लभ कल्ला ने प्रमुख के लिए जीत हासिल करने के बाद बतौर सदस्यता लेकर कांग्रेस में शामिल हो गए. वहीं रूपवास से बीजेपी की बबीता देवी निर्विरोध पालिकाध्यक्ष चुनी … Read more
महाराष्ट्र घमासान पर आया सर्वोच्च अदालत का ‘सुप्रीम’ फैसला, कल शाम 5 बजे होगा बहुमत परीक्षण
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र के सियासी घमासान पर देश की सर्वोच्च अदालत ने सुप्रीम फैसला (Supreme court verdict) देते हुए 27 नवम्बर बुधवार शाम 5 बजे तक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने का फैसला सुनाया है. विधानसभा में बहुमत परीक्षण के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फ्लोर टेस्ट में गुप्त मतदान नहीं कराने बल्कि पूरी प्रक्रिया का लाइव टेलिकास्ट कराने के निर्देश भी सुप्रीम कोर्ट ने दिए. बहुमत परीक्षण की यह प्रक्रिया प्रोटेम स्पीकर द्वारा करवाई जाएगी साथ ही अन्य संवैधानिक मुद्दों पर सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट 6 हफ्तों के बाद शुरू करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया का स्पष्टीकरण (Supreme court verdict) करते हुए कहा कि बुधवार सुबह 11 बजे … Read more
इलेक्ट्रॉल बॉन्ड को लेकर गहलोत ने मोदी सरकार पर साधा जमकर निशाना, कहा- समय पर नहीं चेते तो पता नहीं देश किस दिशा में जाएगा
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. चुनावी चंदे के लिए शुरू किए गए इलेक्ट्रॉल बॉन्ड (Electoral Bond) को लेकर केन्द्र की मोदी सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है. इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस मुददे पर केंद्र सरकार पर जमकर धावा बोल रहे है. मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के पुत्र के शादी समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, मैं कह चुका हूं कि यह एक बहुत बड़ा स्कैंडल है, 5000 करोड़ से ज्यादा के बॉन्ड जमा हुए हैं, 90% बीजेपी के पास में जमा हुए हैं, सरकार को चाहिए वह बताएं सच्चाई क्या है? जो आंकड़े आए हैं यह सही है क्या? और इस प्रकार से आप 90% एक तरफा ले आओगे आप, तो डेमोक्रेसी के अंदर तमाम पार्टियों की फंडिंग को आप ब्लॉक कर रहे हो, धमकी दे रहे हो कि आप हमें चंदा दो या नहीं तो कोई बात नहीं है पर आपने विपक्षी पार्टियों को चंदा क्यों दिया?
सीएम गहलोत ने बीजेपी पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी द्वारा पूरे देश में खेल खेला जा रहा है. चुनाव लड़वा रहे है, जमकर पैसा खर्च कर रहे हैं, हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे हैं, सभी जिलों में जमीन लेके ऑफिस बनवा रहे हैं, पैसा कहां से आ रहा है? साथ ही गहलोत ने कहा कि भाजपा के अलावा बाकी पार्टियों को ब्लॉक कर दिया तो फिर डेमोक्रेसी कैसे रहेगी, आप सभी पार्टियों के फंडिंग को ब्लॉक कर दो देश के अंदर खाली बीजेपी के पास में बॉन्ड (Electoral Bond) आएंगे.
यह भी पढ़ें: मोदी जी ने की महाराष्ट्र में फर्जीकल स्ट्राइक, अब बीजेपी की हो गई है उल्टी गिनती शुरू: अशोक गहलोत
आगे गहलोत ने कहा कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने चुनावी बॉन्ड (Electoral Bond) का विरोध किया था. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी इसको लागू करते वक्त इसका विरोध किया था. तो केन्द्र सरकार ने इसको मनी बिल के रूप में पेश किया गया ताकि राज्यसभा में बहस नहीं हो. मनी बिल की बहस केवल लोकसभा में होती है. इसलिए इसको मनी बिल के रूप में कन्वर्ट किया गया और सिर्फ लोकसभा में पास करवा कर लागू करवा दिया गया. इस प्रकार से यह लोग शासन करेंगे, आपको मालूम है दबाव में ईडी भी, सीबीआई भी सब दबाव में है ही जुडिशरी भी, तो देश किस दिशा में जाएगा जवाब देना चाहिए इन लोगों को. इसलिए बहुत ही हालात खराब है गंभीर स्थिति से देश गुजर रहा है.
युवाओं से अपील करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि आम जनता, छात्रों और नौजवानों से मैं अपील करना चाहूंगा कि समय रहते हुए संभल जाओ, सोशल मीडिया की जो टीमें है बीजेपी के उस चक्कर में मत आओ, खुद देखो गूगल में क्या है, दुनिया एवं देश में क्या हो रहा है, अर्थशास्त्री क्या कह रहे हैं, अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है. उस पर हमें चिंतन मनन करना चाहिए उसके बाद में अपनी सोच बनानी चाहिए. मेरी नौजवानों से अपील है, क्योकि आने वाला कल उनका है यह मेरा निवेदन है कि वह समय पर नहीं चेते पता नहीं देश किस दिशा में जाएगा.
क्या है चुनावी बॉन्ड (Electoral Bond)?
केंद्र सरकार ने देश के राजनीतिक दलों के चुनावी चंदे को पारदर्शी बनाने के लिए वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में चुनावी बॉन्ड (Electoral Bond) शुरू करने का एलान किया था. चुनावी बॉन्ड का इस्तेमाल व्यक्तियों, संस्थाओं, भारतीय और विदेशी कंपनियों द्वारा राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए किया जाता है. नकद चंदे के रूप में दो हजार से बड़ी रकम नहीं ली जा सकती है. सरकार की दलील है कि चूंकि बॉन्ड पर दानदाता का नाम नहीं होता है, और पार्टी को भी दानदाता का नाम नहीं पता होता है. सिर्फ बैंक जानता है कि किसने किसको यह चंदा दिया है. इसका मूल मंतव्य है कि पार्टी अपनी बैलेंसशीट में चंदे की रकम को बिना दानदाता के नाम के जाहिर कर सके.
राजस्थान के 49 निकायों में अध्यक्ष का चुनाव मंगलवार को, कांग्रेस के दो, BJP का एक अध्यक्ष हो चुका है निर्विरोध निर्वाचित
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की 49 निकायों के 2105 वार्ड पार्षदों में (Local Body President) पालिका अध्यक्ष (चेयरमैन), महापौर (मेयर) और सभापति का चुनाव मंगलवार को होना है. ये चुनाव संबंधित निकायों में सुबह दस से अपरान्ह दो बजे तक होंगे. निकायों में निर्वाचित पार्षद इनके लिए मतदान करेंगे. अध्यक्ष पद के लिए 104 उम्मीदवार मैदान में है. प्रदेश की रूपवास, मकराना और निंबाहेड़ा में अध्यक्ष का निर्विरोध निर्वाचन पहले ही हो चुका है. रूपवास में भाजपा की बबीता देवी, निंबाहेड़ा में कांग्रेस के सुभाषचंद्र और मकराना में कांग्रेस की ही समरीन निर्विरोध अध्यक्ष बने हैं. शनिवार को अध्यक्ष पद (Local Body President) के चुनाव के लिए नाम वापसी का अंतिम … Read more
वीडियो खबर: बीजेपी की ‘रातनीति’ पर भारी पड़ी शरद पवार की राजनीति
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र में रातोरात सियासी तख्ता ऐसा पलटा कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की बनती बनती सरकार किनारे आकर भी न बन सकी और दूसरे किनारे पर खड़ी भाजपा ने सरकार बना ली. फडणवीस मुख्यमंत्री और अजित पवार डिप्टी सीएम बन बैठे लेकिन शाम होते होते शरद पवार ने अपने राजनीति अनुभव को ऐसा भुनाया कि अजित पवार के खेमे में गए सभी 42 के 42 विधायक वापिस शरद पवार के झंडे के नीचे आ खड़े हुए.
महाराष्ट्र: फिर अटका फ्लोर टेस्ट पर फैसला, अब कल 10.30 बजे आएगा ‘सुप्रीम’ फैसला
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. पिछले एक महीने से महाराष्ट्र में चल रहा सियासी ड्राम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. आज फिर एक बार देवेंद्र फडणवीस सरकार के भविष्य का फैसला सुप्रीम कोर्ट में अटक गया. सोमवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की 3 सदस्यीय बैंच ने विधानसभा में फ्लौर टेस्ट (Floor Test) पर फैसला सुरक्षित रख लिया. अदालत मंगलवार सुबह 10:30 बजे फ्लोर टेस्ट पर अपना निर्णय सुनाएगी. इस तरह फडणवीस सरकार को अपनी तैयारियों के लिए 24 घंटे का समय और मिल गया है. महाराष्ट्र में चोरी छिपे शनिवार सुबह को जिस तरह देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली, उसके … Read more
मोदी जी ने की महाराष्ट्र में फर्जीकल स्ट्राइक, अब बीजेपी की हो गई है उल्टी गिनती शुरू: अशोक गहलोत
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घमासान के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Gehlot on Modi) ने एक बार फिर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा है कि राज्यपाल महाराष्ट्र को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए उनकी भूमिका जो रही है वह बीजेपी से मिलीभगत करके रही है जो अनफॉर्चूनेट है. राज्यपाल की भूमिका जो होती है वह इस प्रकार होती है कि आप कन्वींस हो जाओ उसके बाद में आप रिकमंड करो कैबिनेट को, लेकिन कब तो रिकमेंड किया, कब सुनवाई हुई, कब फैसला हुआ, कब राष्ट्रपति महोदय ने साइन किए और सुबह … Read more