राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति इसी माह

राजस्थान में मदन लाल सैनी के निधन के बाद उनकी जगह नए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति इस महीने होने की संभावना है. उनके निधन के बाद से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद खाली है. हालांकि इससे भाजपा को कोई ज्यादा असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है. प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बगैर ही सदस्यता अभियान जोरशोर से जारी है. संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सदस्यता अभियान समाप्त होने के बाद संगठन चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा. विश्वसनीय सूत्रों से खबर मिली है कि प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र गहलोत को संगठन चुनाव प्रभारी और प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल को सह प्रभारी बनाया जा रहा है. जल्दी … Read more

विश्व आदिवासी दिवस एवं मीना महिला महासभा की झलकियां

विश्व आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को दौसा के आदिवासी मीणा हाई नांगल प्यारीबास में आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया. यहां राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा सहित अन्य मीना समुदाय के लोगों ने जमकर नाच-गाना किया. इस मौके पर दौसा सांसद जसकौर मीणा, बांदीकुई कांग्रेस विधायक गजराज खटाना और दौसा विधायक ​मुरारी लाल मीना सहित मीना समाज के सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे.

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वहीं दूसरी ओर, जयपुर के बिड़ला सभागार में राजस्थान प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की ओर से आदिवासियों के लिए एक समारोह का आयोजन हुआ जिसमें आदिवासी समुदाय की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए. इस मौके पर राजस्थान प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष शंकर लाल मीना, डिप्टी सीएम सचिन पायलट और धीरज गुर्जर सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी.

अगले दिन मीना छात्रावास प्रताप नगर में ट्राइबल महिला संघ राजस्थान के बेनर तले आदिवासी समाज की महिलाओं की एक बैठक हुई जिसमें पूर्व मंत्री गोलमा देवी, सविता मीना और भाजपा राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अनिता मीना के साथ सैंकड़ों महिलाओं ने भाग लिया. इस दौरान सभी उपस्थित आदिवासी महिलाओं ने बाल विवाह, विधवा विवाह, दहेज प्रथा की रोकथाम के साथ आदिवासी महिला शिक्षा पर अपने विचार रखे. इस मौके पर महिलाओं ने नृत्य प्रस्तुतियों का समां बांध दिया.

विश्व आदिवासी दिवस पर उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट का सम्बोधन

आज विश्व आदिवासी दिवस है. जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में हुए एक कार्यक्रम में राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सभी को आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की सभी समस्याओं का हल करना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है. पायलट ने जल्द मीना और मीणा विवाद को खत्म करने का भरोसा दिलाया. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं प्रेषित की.

उदयपुर में कांग्रेस सेवादल का प्रशिक्षण कार्यक्रम

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कांग्रेस सेवादल की यंग ब्रिगेड की ओर से उदयपुर के गुजराती समाज संस्थान भवन में सात से नौ अगस्त तक आयोजित प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन बुधवार को उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने किया. उन्होंने कहा कि सेवादल के प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से हमें ऐसे युवाओं को तैयार करना होगा, जो सद्भाव और प्रेम की राजनीति का संदेश लेकर गांव-ढाणी तक लेकर जाएं. कांग्रेस पार्टी ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं करती जो कमजोर एवं गरीबों को कुचलकर अमीरों के लिए कार्य करे. कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी भाई देसाई ने कहा कि कांग्रेस पार्ट की विचारधारा की जड़ें बहुत मजबूत है, इसको खत्म नहीं किया … Read more

देवड़ा ने सुझाए पायलट और सिंधिया के नाम, प्रियंका की संभावना से किया इनकार

पिछले लगभग 2 माह से नेतृत्वहीन चल रही कांग्रेस पार्टी को आगामी 10 अगस्त को होने वाली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में अपना नेता मिलने की सम्भावना प्रबल हो गई है. लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, तब से ही कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद को लेकर माथापच्ची जारी है. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा आगामी 10 अगस्त को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक की जानकारी दिए जाने के साथ ही कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने पार्टी अध्यक्ष के लिए सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नामों का प्रस्ताव दिया है. देवड़ा … Read more

राजस्थान में राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव की तैयारी

राजस्थान में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन लाल सैनी के निधन से खाली राज्यसभा सीट पर 26 अगस्त को उपचुनाव होगा, जिसके लिए नामांकन भरने की आखिरी तारीख 14 अगस्त है. पहले यह भाजपा की सीट थी, लेकिन अब राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस का बहुमत होने से यह सीट कांग्रेस को मिलेगी. इसके बावजूद विधायकों की तोड़-फोड़ का सॉलिड अनुभव ले चुकी भाजपा अपना उम्मीदवार भी इस सीट पर खड़ा कर सकती है.

इस सीट पर कांग्रेस की तरफ से डॉ. मनमोहन सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है. पहले वह असम से राज्यसभा सांसद थे. उनका कार्यकाल जून में समाप्त हो चुका है. मनमोहन सिंह को तमिलनाडु से राज्यसभा में भेजने की तैयारी चल रही थी, लेकिन वहां कांग्रेस की सहयोगी पार्टी द्रमुक ने खाली राज्यसभा सीट पर वाइको को चुने जाने का वादा कर लिया था, इसलिए मनमोहन सिंह को तमिलनाडु से राज्यसभा में नहीं भेजा जा सका. तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक और द्रमुक ने राज्यसभा की तीन-तीन सीटें जीती हैं.

कांग्रेस के कुछ नेता मानते हैं कि मनमोहन सिंह काफी उम्रदराज हो चुके हैं, इसलिए उन्हें राज्यसभा में भेजना ठीक नहीं होगा. मनमोहन सिंह बोलते भी बहुत कम हैं और ज्यादा सक्रिय भी नहीं हैं. कांग्रेस के ये नेता चाहते हैं कि राजस्थान की राज्यसभा सीट ऐसे नेता को दी जाए, जिसका मजबूत जनाधार हो और जिससे पार्टी को वोट दिलाने में मदद मिले.

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राजस्थान में सचिन पायलट के समर्थक चाहते हैं कि इस खाली सीट से अशोक गहलोत को राज्यसभा में भेज दिया जाए, जिससे कि राज्य में पायलट का रास्ता साफ हो और वह मुख्यमंत्री बन सकें. राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन का इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता है. इस सीट पर कार्यकाल 2024 तक रहेगा. हालांकि इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार तय करने का फैसला कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद होने की संभावना है.

गौरतलब है कि इस समय राज्यसभा में कांग्रेस की सीटें बहुत कम है, इसलिए कांग्रेस इस मौके का फायदा उठाकर किसी सक्षम नेता को राज्यसभा में भेज सकती है.

राजस्थान में गहलोत और पायलट की खींचतान और तेज होने के आसार

संसद सत्र के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक होने की संभावना है. गुरुवार को आये कांग्रेस नेता रणदीव सुरजेवाला के ताजा बयान के अनुसार, ‘संसद सत्र के बाद होगी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक.’ हालांकि सुरजेवाला ने यह भी कहा है कि बैठक का कोई एजेंडा अभी निर्धारित नहीं है. लेकिन पार्टी सुत्रों की मानें तो कांग्रेस वर्किंग कमेटी की होने वाली इस बैठक में पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष पर फैसला हो सकता है.

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष बनने की दौड़ से अशोक गहलोत और सचिन पायलट, दोनों ही बाहर हो चुके हैं, इसलिए अब राजस्थान में इन दोनों नेताओं के समर्थकों की खींचतान और बढ़ेगी. अशोक गहलोत मुख्यमंत्री हैं और सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष होने के साथ ही राज्य के उप मुख्यमंत्री भी हैं. दोनों खेमे राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं.

गहलोत खेमे ने एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत का हवाला देते हुए पायलट को किसी एक पद से हटाने के लिए अभियान तेज कर दिया है. गहलोत के समर्थक प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसी जाट नेता की नियुक्ति चाहते हैं. इसके लिए अनौपचारिक कोशिशें शुरू हो गई है. लालचंद कटारिया, सुभाष महरिया या हरीश चौधरी में से किसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए तगड़ी लॉबिंग हो रही है.

गौरतलब है कि अगले साल की शुरूआत में राज्य में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव होने वाले हैं. सचिन पायलट उप मुख्यमंत्री होने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं और उनके पास पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित करने का अधिकार रहेगा. यह स्थिति गहलोत समर्थकों के लिए असुविधाजनक होगी. यही कारण है कि पायलट को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के प्रयास शुरू हो गए हैं. दूसरी तरफ पायलट समर्थकों ने गहलोत को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को राज्य में एक भी सीट नहीं मिली, इसकी जिम्मेदारी गहलोत को लेनी चाहिए. हालांकि इस तरह के अभियान का बेअसर रहना तय है क्योंकि हाईकमान पहले ही मान चुका है लोकसभा चुनाव के नतीजों के आधार पर राज्यों में मुख्यमंत्री नहीं हटेंगे.

पायलट के एक समर्थक का कहना है, पार्टी ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनावों में जो बढ़त बनाई थी, वह गहलोत की कल्पनाशीलता से रहित और पुराने जमाने की राजनीति के कारण विफल हो रही है. निर्णय नहीं लिए जाने की वजह से नीतिगत गतिहीनता आ गई है. गहलोत के पिछले महीनों के कार्यकलापों से ऐसा नहीं लगता कि उससे पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने में मदद मिली हो. पायलट समर्थक इससे भी दुखी हैं कि गहलोत ने अब तक संवैधानिक पदों, आयोगों, कमेटियों में नियुक्तियां नहीं की हैं.

फिलहाल गहलोत सरकार आरपीएससी के लंबित पदों के भरने में लगी हुई है, जबकि लोकायुक्त पद अब तक खाली है. मदरसा बोर्ड और अल्पसंख्यक आयोग में मनोनयन से भरे जाने वाले पद भी खाली हैं. राज्य सूचना आयुक्त के पद पर भी अभी तक किसी की नियुक्ति नहीं हुई है. इस तरह कई पदों पर नियुक्तियां नहीं हो रही हैं और गहलोत और पायलट, दोनों का दिल्ली जाना-आना लगा रहता है. कांग्रेस में राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद हाईकमान में भी उथल पुथल है. अंतरिम अध्यक्ष की नियुक्ति करने में हाईकमान के नेताओं को पसीना आ रहा है.

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इस तरह राजस्थान में कांग्रेस के दो खेमे स्पष्ट हैं. उधर भाजपा की भी यही हालत है. एक वसुंधरा का खेमा और दूसरा अमित शाह के समर्थकों का खेमा. राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही पार्टियां अपसी मतभेदों से जूझ रही हैं. केंद्र में भाजपा मोदी-शाह के कारण मजबूत है, जबकि राज्य में कांग्रेस गहलोत के कारण मजबूत है. पायलट राजस्थान में कांग्रेस के नए नेता हैं और राजस्थान से उनका वैसा घनिष्ठ संबंध नहीं रहा है, जैसा गहलोत का रहा है. इसके बावजूद पायलट अगर गहलोत की जगह खुद को स्थापित करने की महत्वाकांक्षा पालते हैं और दोनों खेमों में टकराव की स्थिति बनती है, तो वह कांग्रेस के लिए ठीक नहीं है. भाजपा के रणनीतिकार तो यही चाहते हैं.

पायलट बने विधायक दल के कप्तान

बुधवार को राजधानी के सवाईमान सिंह स्टेडियम स्थित राजस्थान क्रिकेट एकेडमी के मैदान पर सुबह का नजारा कुछ अलग सा था. अकसर खुले मंच या विधानसभा में एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने वाले सभी दलों के दिग्गज विधायक और मंत्री यहां एक साथ क्रिकेट खेलते दिखे. कुछ मंत्री-विधायक मैच की कमेन्ट्री करते नजर आए तो कुछ अपने साथी विधायकों की हौसला अफजाही करते और एक दूसरे के साथ ठहाके लगाते हुए नजर आये. दरअसल बुधवार सुबह राजस्थान क्रिकेट एकेडमी के मैदान पर एक विशेष क्रिकेट मैच खेला गया. यह मैच राजस्थान विधानसभा अधिकारी/ कर्मचारी स्टाफ और सदन के भीतर बैठने वाले विधायकों के बीच खेला गया. विधायकों की टीम डिप्टी … Read more