वीडियो खबर: निकाय चुनावों में आज भी कायम है हाईब्रिड फॉर्मूला

DLB, Heads of Local Bodies

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में 49 नगरीय निकायों के चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने का काम मंगलवार को पूरा हो गया. लेकिन पार्षद बने बिना निकाय क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को महापौर या पालिका अध्यक्ष बनाने वाला हाईब्रिड फॉर्मूला (Highbrid Formula) आज भी कायम है. सरकार ने प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट सहित कुछ मंत्री और विधायकों के विरोध के बाद स्पष्टीकरण देते हुए एक प्रेसनोट तो जारी कर दिया लेकिन संशोधित विभागीय अधिसूचना जारी नहीं की है. बल्कि पुरानी अधिसूचना के आधार पर ही नगर निकाय चुनावों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी.

वीडियो खबर: मैं प्रदेश की जनता का उप मुख्यमंत्री हूं: पायलट

Pilot on Modi

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने गुरुवार को सभी पत्रकारों को अपने सरकारी आवास पर लंच के लिए आमंत्रित किया. भोज के बाद उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए निकाय चुनाव सहित प्रदेश के कई मुद्दों पर अपनी राय रखी. अधिक जानने के लिए देखें वीडियो

पायलट के निवास पर पत्रकारों का जमावड़ा, आर्थिक नीति और नोटबन्दी पर मोदी सरकार पर साधा निशाना

Pilot on Modi

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर मीडिया के सभी पत्रकारों को दोपहर के भोज के लिए आमंत्रित किया. इस दौरान पायलट ने सभी पत्रकारों से व्यक्तिगत मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी. भोजन के बाद पायलट ने पत्रकारों से विभिन्न मुददों पर वार्ता भी की. (Pilot on Modi) 11 नवम्बर को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन केन्द्र सरकार के खिलाफ 5 से 15 नवंबर तक चल रहे कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन के सवाल पर पायलट ने कहा कि आगामी 11 नवंबर को प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर पार्टी नेता व कार्यकर्ता केंद्र की भाजपा सरकार कि आर्थिक नीति के खिलाफ (Pilot … Read more

कांग्रेस में अनर्गल बयानबाजी रोकने के लिए अनुशासन कमेटी का होगा गठन, राजनीतिक नियुक्तियां 15 दिसम्बर तक

Avinash Pandey and Sonia Gandhi

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान कांग्रेस में पिछले काफी समय से कांग्रेस की सत्ता और संगठन में तालमेल कायम नहीं हो पा रहा है. इसको लेकर पार्टी आलाकमान ने कई बार अपनी गहरी चिंता भी व्यक्त की है. पार्टी के वरिष्ठ नेता आये दिन मीडिया के सामने अलग-अलग मुददों पर अपनी अलग-अलग राय रखते नजर आते है. पिछले दिनों निकाय चुनाव में हाईब्रिड फॉमूला हो या स्टेट हाइवे पर टोल वापसी का निर्णय इन मुददों पर पार्टी नेताओं के अलग-अलग बयान किसी से छुपे नहीं है. (Avinash Pandey) राजधानी दिल्ली में गुरूवार सुबह कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी व राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे (Avinash Pandey) के बीच मुलाकात … Read more

राजस्थान निकाय चुनाव: एक ऐसा वार्ड जहां रहते हैं केवल 16 मतदाता

Nasirabad Nagar Palika

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के 49 नगर निकायों में नामांकन और पर्चों की जांच का दौर मंगलवार को खत्म हो गया. 8 नवंबर तक नाम वापसी और 9 नवंबर को चुनाव चिंह आवंटन की प्रक्रिया होगी. 16 को मतदान और 19 को नतीजे आएंगे. ये तो हुई चुनाव के कार्यक्रम की बात लेकिन क्या आपको पता है कि लोकल बॉडी इलेक्शन में एक ऐसा भी वार्ड है जहां केवल 16 मतदाता रहते हैं. यहां तीन उम्मीदवारों ने पार्षद के लिए पर्चा भरा है. सीधा और साफ है जिसे 6 या 7 वोट मिले, वही बन जाएगा पार्षद. (Nasirabad Nagar Palika) यह भी पढ़ें: निकाय प्रमुखों के लिए बना हाईब्रीड फॉर्मूला आज … Read more

राजस्थान में निकाय प्रमुखों के लिए बना हाईब्रीड फॉर्मूला आज भी कायम, सरकार ने नहीं की संशोधित अधिसूचना जारी

DLB, Heads of Local Bodies

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में 49 नगरीय निकायों के चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने का काम मंगलवार को पूरा हो गया. लेकिन पार्षद बने बिना निकाय क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को महापौर या पालिका अध्यक्ष (Heads of Local Bodies) बनाने वाला हाईब्रीड फॉर्मूला आज भी कायम है. सरकार ने प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट सहित कुछ मंत्री और विधायकों के विरोध के बाद स्पष्टीकरण देते हुए एक प्रेसनोट तो जारी कर दिया लेकिन संशोधित विभागीय अधिसूचना जारी नहीं की है. बल्कि पुरानी अधिसूचना के आधार पर ही नगर निकाय चुनावों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी.

गौरतलब है कि यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने गत 17 अक्टूबर को घोषणा की थी कि निकाय क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति और पार्षद का चुनाव हारा हुआ उम्मीदवार भी निकाय प्रमुख (Heads of Local Bodies) का चुनाव लड़ सकता है, जिसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी. गहलोत सरकार के इस नियम का खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवम उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot), मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास व खाद्य व आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा सहित कई विधायकों ने खुले तौर पर विरोध भी किया था. सचिन पायलट ने इस नियम का जबरदस्त विरोध करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए गलत बताया और स्पष्ट कहा था कि इससे बैकडोर एंट्री को बढ़ावा मिलेगा. यह निर्णय व्यावहारिक नहीं है, जो व्यक्ति पार्षद का चुनाव नहीं जीत पा रहा हो उसको हम चेयरमैन या मेयर का चुनाव लडने दें, यह सही नहीं है.

यह भी पढ़ें: आलाकमान ने दी पायलट की बात को तवज्जो, निकाय प्रमुख के चुनाव के लिए पार्षद होना होगा जरूरी

वहीं इस हाईब्रीड फॉर्मूले की घोषणा के बाद विपक्ष में बैठी भाजपा को भी बैठे-बिठाए सरकार को घेरने का एक ओर मौका मिला और बीजेपी इस फॉर्मूले के साथ-साथ पार्टी में पड़ी फूट को मुद्दा बनाने में जुट गई और इस नियक के खिलाफ प्रदेश में आंदोलन की घोषणा भी की. ऐसे में यह मामला दिल्ली कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचा. कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद निकाय प्रमुख के चुनाव में पार्षद नहीं होने की शर्त को हटाए जाने पर सहमित बनी थी.

इसके बाद यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने एक प्रेसनोट के जरिये स्पष्टीकरण जारी किया, जिसमें कहा गया था कि आगामी चुनाव में पार्षदों में से ही निकाय प्रमुख (Heads of Local Bodies) चुने जाएंगे. इस नियम का इस्तेमाल उसी परिस्थिति में किया जाएगा जब निकाय अध्यक्ष की सीट एससी, एसटी व ओबीसी व महिला वर्ग के लिए आरक्षित हो और इस वर्ग का पार्टी का कोई उम्मीदवार चुन कर न आ पाए. ऐसी स्थिति में इस प्रावधान के तहत राजनीतिक दल अपने अन्य किसी कार्यकर्ता को निकाय प्रमुख का उम्मीदवार बना सकेंगे.

यह भी पढ़े: हाईब्रीड फॉर्मूला या अचूक रामबाण! राजनीति के जादूगर ने साधे एक तीर से कई अचूक निशाने

इस सम्बंध में सरकार के स्वायत्तशासन विभाग ने स्पष्टीकरण तो जारी कर दिया, लेकिन अधिसूचना में बदलाव नहीं किया है. इस हिसाब से बिना पार्षद बने अगर कोई व्यक्ति निकाय अध्यक्ष (Heads of Local Bodies) का चुनाव लड़ना चाहे तो उसे रोका नहीं जा सकता. ऐसे में निकाय प्रमुख के चुनाव में धनबल के इस्तेमाल की आशंका पूरी तरह बनी हुई है. इसका दुरुपयोग छोटी नगरपालिकाओं में सबसे ज्यादा होने की आशंका है.

वहीं सरकार द्वारा अधिसूचना जारी न करके सिर्फ प्रेसनोट के जरिये स्पष्टीकरण जारी करने मात्र से ही कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टी के नेताओं के विरोध के सुर शांत हो गए. क्योंकि निकाय प्रमुख के चुनाव के लिए जो गली छोड़ी गई है, इसका फायदा अब दोनों ही राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने हिसाब से उठाएंगी.

यह भी पढ़ें: राजस्थान में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बिठाने के लिए कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने के निर्देश

बता दें, प्रदेश के 49 निकायों के 2105 वार्डों में पार्षदों के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का काम मंगलवार को और नामांकन पत्रों की जांच का काम बुधवार को पूरा हो गया है. अब उम्मीदवारों को 8 नवंबर तक नाम वापसी का मौका मिलेगा. 9 नवम्बर को उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे और 16 नवम्बर को सुबह 7 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा. वहीं 19 नवम्बर को मतगणना होगी. अध्यक्ष पद (Heads of Local Bodies) का चुनाव 26 नवंबर को होगा.

राजस्थान: निकाय चुनाव का पहला नतीजा कांग्रेस के पक्ष में, बाड़मेर के वार्ड 12 से कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित

Barmer Local Body Eletions

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में 16 नवम्बर को होने वाले 49 नगर निकायों के चुनाव (Local Body Elections) का पहला नतीजा कांग्रेस के पक्ष में आ गया है. बाड़मेर के वार्ड नं0 12 में भाजपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने से यहां कांग्रेस प्रत्याशी महावीर जैन को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है. वहीं मंगलवार को 49 निकायों के 2105 वार्डों के होने वाले पार्षदों के चुनाव के लिए 10 हजार 942 उम्मीदवारों के 13 हजार 283 दाखिल किए नामांकन पत्रों की छंटनी का काम बुधवार को पूरा हो गया. बता दें, 2105 वार्डों में से भाजपा ने 162 और कांग्रेस ने 60 वार्डों में अपने प्रत्याशी नहीं उतारें हैं. … Read more

वीडियो खबर: राजनीतिक नियुक्तियों पर क्या बोले पायलट

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने जयपुर के PCC कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ देशभर में हर जिले में कांग्रेस 5 से 15 नवंबर तक देश में छाई मंदी पर प्रदर्शन करेगी. इस दौरान राजनीतिक नियुक्तियों पर भी पायलट ने अपने विचार रखे.

राजस्थान: निकाय चुनाव में टिकट की मारामारी के बीच चले लात-घूंसे