राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति में फिर नया मोड़

राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति नया मोड़ लेगी. सचिन पायलट की सक्रियता से इसके आसार दिखने लगे हैं. अगर गहलोत गांधी परिवार के निकट हैं तो पायलट भी गांधी परिवार से दूर नहीं है. राजीव गांधी जयंती पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए कार्यक्रम में संगठन के महत्व पर जोरदार तरीके से प्रकाश डालते हुए उन्होंने संकेत दे दिया था वह अब चुपचाप उप-मुख्यमंत्री बने नहीं रह सकते. शायद वह सोच रहे होंगे, गहलोत अकेले सरकार नहीं चलाएंगे, मैं भी कुछ न कुछ करूंगा.

सचिन पायलट बुधवार को अलवर जिले के झिवाणा पहुंच गए और हरीश जाटव, रतिराम जाटव के परिवार से मिले. हरीश जाटव की एक हादसे में मौत हो गई थी. उसके पिता रतिराम ने आरोप लगाया था कि हरीश की मौत भीड़ की पिटाई से हुई है. लेकिन पुलिस ने इस मामले को मॉब लिंचिंग नहीं माना ना ही आरोपियों के खिलाफ आज तक कुछ कर पाई है. पुलिस के इस रवैये से दुखी होकर रतिराम ने स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को जहर खाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद यह मामला मीडिया की चर्चा में आया था. सचिन पायलट ने जाटव परिवार से मिलने के बाद घोषणा की कि यह घटना मॉब लिंचिंग है या नहीं, इसकी नए सिरे से जांच भिवाड़ी के नए एसपी डॉ. अमनदीप सिंह करेंगे.

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने पहलू खां की मौत के मामले में गहलोत सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पहलू खां मामले में यदि आठ माह पहले सरकार बनते ही एसआईटी का गठन कर जांच करवाई जाती तो अदालत का फैसला कुछ और होता. हालांकि अदालत के फैसले के बाद सरकार ने एसआईटी गठित कर दी है. अब कोई दोषी बच नहीं पाएगा. पायलट ने अलवर में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सभी के लिए आत्मचिंतन का विषय है. कानून हर जाति, समुदाय के लिए बराबर है.

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रतिराम जाटव की मौत के बाद दलित समाज के लोगों और भाजपा नेताओं ने टपूकड़ा सीएचसी के सामने तीन दिन तक धरना दिया था. इसके बाद यह मामला मीडिया में उछला और भाजपा ने कांग्रेस पर तीखे हमले शुरू कर दिए थे. भाजपा का आरोप था कि कांग्रेस के नेता हरीश जाटव के परिवार से मिलने तक नहीं गए. सरकार सिर्फ पहलू खां मामले में ही जुटी है. इसके बाद सचिन पायलट कांग्रेस की तरफ से सबसे पहले झिवाणा पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाया.

पायलट के पहुंचते ही हरीश जाटव की पत्नी रेखा उनके पैरों से लिपट गई और न्याय की गुहार करने लगी. पायलट ने रेखा की चारों बेटियों के लालन-पालन, पढ़ाई और अन्य आर्थिक मदद के लिए सरकार से हर संभव सहायता दिलवाने की बात कही. हरीश के परिजनों ने पायलट से एफआईआर के आधार पर जांच कराने और दोषी पुलिस कर्मियों को हटाने की मांग की. पायलट ने आश्वासन दिया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. पायलट के साथ राज्य के श्रम मंत्री टीकाराम जूली, जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह, अलवर एसपी परिघ देशमुख सहित कई अधिकारी और स्थानीय नेता मौजूद थे.

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इस बीच पुलिस ने रतिराम जाटव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी कर दी है, लेकिन उसमें मौत का कारण का खुलासा नहीं है. डॉक्टरों का कहना है कि फोरेंसिक जांच होने के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा. रतिराम की मौत 15 अगस्त की शाम को जहरीला पदार्थ खाने से हुई थी. इसके बाद दलित समाज के लोगों ने टपूकड़ा में धरना देते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था. धरने को भाजपा का भी समर्थन था. तीन दिन बाद धरना खत्म होने के बाद रतिराम का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया था. अब एफएसएल से विसरा की रिपोर्ट का इंतजार है.

चिदंबरम के बचाव में क्या बोले मुख्यमंत्री गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश के पूर्व गृहमंत्री और वित्तमंत्री पी.चिदंबरम पर हो रही कार्यवाही को गलत बताते हुए उनका सपोर्ट किया है. सीएम गहलोत ने मीडिया को बताया कि इस देश के प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार है कि वो अपने बचाव के जो भी ऑप्शन है उसके अंतर्गत प्रयास करे लेकिन मुझे बहुत आश्चर्य है कि पूर्व वित्तमंत्री की जिस तरीके से छापेमारी हो रही है, उसकी आवश्यकता नहीं थी. चिदंबरमजी की देश के लिए कई विभिन्न पदों पर रहकर. दशकों की सेवाएं हैं. ऐसे व्यक्ति के लिए जिस प्रकार से Vendetta को आधार बना करके जो कार्रवाई की जा रही है. एजेंसी के ऊपर दबाव है चाहे वह सीबीआई हो या ED हो वो साफ नजर आता है. जिस तरफ जांच एजेंसियां रात भर घर में घूस रही है, नोटिस चस्पा कर रही थी, उसकी आवश्यकता नहीं थी. मैं समझता हूं कि यह देश के लिए अच्छे संकेत नहीं है।

चट मंगनी पट ब्याह की तर्ज पर जयपुर-अलीगढ़ वोल्वो बस शुरू

अगर कोई यह कहे कि गहलोत सरकार ठीक से काम नहीं कर रही है, तो वह गलत है. सरकार कोई सी भी हो, यह आरोप आम तौर पर लगता रहता है कि वह मांगें मंजूर नहीं करती या बहुत ही धीमी गति से उसके फैसले होते हैं. लेकिन कई बार कुछ मांगें आश्चर्यजनक रूप से विद्युत गति से पूरी की जाती है, यह उदाहरण जयपुर में मंगलवार को दिखा. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सुबह अलीगढ़ के लिए वोल्वो शुरू करने के आदेश दिए और दोपहर करीब ढाई-तीन बजे उन्होंने सिंधी कैंप पहुंचकर बस को हरी झंडी दिखा दी. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अलीगढ़ के लिए … Read more

पायलट ने मंत्री धारीवाल और मेयर लाटा पर कसा तंज

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75वीं जयंती पर मंगलवार को एक कार्यक्रम में राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल और जयपुर मेयर विष्णु लाटा पर तंज कसते हुए वहां बैठे तमाम नेताओं को चौंका दिया. धारीवाल पर तंज कसते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि पायलट ने यूडीएच मिनिस्टर पर निशाना साधते हुए कहा, ‘धारीवालजी, आज भाषण के दौरान पूरे मूड में थे. आप इतना जोर अगर एक-डेढ साल पहले लगाते तो हाडौती में पांच से सात सीटें ज्यादा जीत लेते.’ उसके तुरंत बाद पायलट ने जयपुर शहर के महापौर विष्णु लाटा को लेकर कहा, ‘लाटाजी बहुत एक्टिव है. लाटा ने आज जोरदार और लंबा भाषण दिया है. चुनाव आ रहे है. आपका लंबा भाषण तो बनता है. परिसीमन में पता नहीं कब महिला सीट आ जाए.’

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डिप्टी सीएम और प्रदेशाध्यक्ष पायलट के बदले सुर देखकर वहां मौजूद सभी नेता और कार्यकर्ता एक दूसरे का मुंह ताकने लगे. दरअसल पायलट बिडला सभागार में दो दिवसीय कार्यक्रम ‘सूचना क्रांति एवं स्टार्ट अप’ में पंचायतीराज एवं स्वायत्त शासन विभाग द्वारा एक संगोष्ठी कार्यक्रम में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. बता दें, राजस्थान सरकार ने राजीव गांधी की जयंती पूरे सालभर मनाने का निर्णय लिया है. इसके तहत पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रम सालभर में आयोजित कराए जाएंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, यूडीएच मंत्री शांति धारिवाल, जयपुर मेयर विष्णु लाटा सहित अन्य नेता मौजूद रहे.

जनता के सुझावों के लिए द्वार हमेशा खुले
समारोह को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि आने वाला समय राजस्थान की जनता का है. जनता ने जो मेंडेट विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को दिया, उस पर सरकार खरा उतरेगी. राजस्थान की जनता अगर कोई सुझाव हमें देना चाहती है तो हम तक पहुंचाए. हमारे दरवाजे प्रदेश की जनता के लिए हमेशा खुले हुए है.

सीएम गहलोत ने साधा पीएम मोदी पर निशाना
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू देश की आजादी के लिए कई सालों तक जेल में रहे लेकिन सत्ता में बैठे लोग आज नेहरू के लिए क्या—क्या बोल रहे है? देश में सोशियल मीडिया के माध्यम से षडयंत्र रचा जा रहा है. लोगों को गुमराह किया जा रहा है. इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकडे कर दिए. 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को सरेंडर करवाया. वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे तो हमने कारगिल युद्ध जीता, इस पर हमें गर्व है. आज सैनिकों के नाम राजनीति की जा रही है जो गलत है. देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि जैसे जो कुछ देश में हुआ वो 2014 के बाद ही हुआ. पीएम मोदी ने कभी भी नहीं कहा कि नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए क्या किया लेकिन जनता सब जानती है. इतिहास गवाह है, जब जब जनता चाहती है सत्ता पलट जाती है. इस दौरान गहलोत ने राजीव गांधी को डिजिटल क्रांति का जनक बताया.

शैक्षणिक योग्यता पर वसुंधरा सरकार को घेरा
सीएम गहलोत ने पिछली सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछली सरकार ने सरपंच चुनाव के लिए जो शैक्षणिक योग्यता तय की, वो गलत थी. अगर योग्यता तय करनी ही थी तो बड़े चुनावो में करते. जब अनपढ़ विधायक बन सकता है तो सरपंच क्यों नहीं. हमने सरकार बनते ही इसको हटाया. साथ ही निकाय चुनावों के लिए एक अहम फैसला लिया जिसमें निकाय अध्यक्ष का चुनाव अब सीधे जनता करेगी.

गहलोत और पायलट के बीच की खींचतान एक बार फिर उजागर

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की 75वीं जयंती मंगलवार को देश भर में मनायी गयी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी टवीट कर पूर्व पीएम स्व. राजीव गांधी को श्रद्धांजली दी. राजस्थान सरकार पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती को पूरे साल भर मनायेगी. वहीं मंगलवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की 75 वी जयंती समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच की कड़वाहट एक बार फिर सामने आई.

राजस्थान में राजीव गांधी जयंती के मौके पर दो दिवसीय कार्यक्रम प्रदेश सरकार की तरफ बिड़ला सभागार में किया गया, जिसका उद्घाटन सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया. लेकिन सचिन पायलट इस कार्यक्रम में गैरहाजिर रहे. अगले दिन मंगलवार को संगठन की तरफ से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पुष्पांजलि का कार्यक्रम आयोजित हुआ, जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने आयोजित किया था. इस कार्यक्रम में अशोक गहलोत भी पहुंचे.

हुआ यूं कि पीसीसी में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि एक बार स्व0 राजीव गांधी के जोधपुर दौरे के दौरान मैंने अपनी स्पीच में कहा जोधपुर को इंदिरा गांधी कैनाल का पानी मिलना चाहिए. मेरी स्पीच के बाद राजीव गांधी ने बोला मुझे याद दिलाना. फिर कुछ दिन बाद गांधी बने प्रधानमंत्री और इस प्रोजेक्ट की मोनेटरिंग पीएमओ से होने लगी और आज वो पानी प्रदेश के कई जिलों के लोग पी रहे हैं.

इसके बाद जब सचिन पायलट की बारी आई तो उन्होंने सीधे मंच से ही अशोक गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्रीजी, जिस तरह राजीव गांधी ने आपकी बात मानी थी, उसी तरह से आप भी कभी-कभी विधायकों की बात मान लिया कीजिए. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी भी संगठन को महत्व देते थे. उनके पास विशाल बहुमत था, फिर भी उन्होंने लोकतंत्र का सम्मान किया और विपक्ष में बैठना भी मंजूर किया. वह कार्यकर्ताओं को इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते थे.

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सचिन पायलट ने कहा कि राजीव गांधी संगठन को महत्वपूर्ण मानते थे और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान था. मुख्यमंत्रीजी आप कार्यकर्ताओं और विधायकों की भी सुनिए. जब विधायक आपके पास काम लेकर जाएं तो आप डीपीआर बनाने की बात नहीं कहकर तुरंत उसकी घोषणा कर दिया कीजिए. राजीव गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि हमें पार्टी को दलालों से दूर रखना चाहिए. उन्होंने कहा, मुंबई अधिवेशन में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि हमारी पार्टी में भी अगर दलाल हैं तो उन्हें बाहर निकालना होगा. राजीव गांधी कहा करते थे कि हमेशा सरकार से ज्यादा संगठन को तवज्जो देनी चाहिए.

गौरतलब है कि राजस्थान में कांग्रेस के दो गुट बने हुए हैं और प्रदेश में सरकार बनने के बाद से ही दोनों में खींचतान चल रही है. एक गुट अशोक गहलोत का है और दूसरा गुट सचिन पायलट का. अशोक गहलोत मुख्यमंत्री हैं और सचिन पायलट उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं. गहलोत जहां सत्ता संभाले हुए हैं, वहीं पायलट का संगठन पर नियंत्रण है. बातों-बातों में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सरकार में संगठन को ज्यादा महत्व नहीं मिल रहा है.

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सचिन पायलट का भाषण सुनने के बाद अशोक गहलोत का मूड ठीक नहीं दिखा और वह तत्काल वहां से चले गए. जिस तरह वे लोगों से बात करते हुए हंसते-मुस्कुराते गाड़ी तक जाते हैं, वैसा नहीं दिखा. उन्होंने किसी पत्रकार से भी बात नहीं की, सीधे चले गए, जबकि सचिन पायलट काफी देर तक संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते रहे.

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बता दें, प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की 75 वी जयंती पर पुष्पांजली कार्यक्रम और स्व. राजीव गांधी के जीवन से जुडी फोटो प्रदर्शनी का उदघाटन किया गया जिसमें मुख्यमंत्री के अलावा पीसीसी चीफ सचिन पायलट, पूर्व पीसीसी चीफ डॉ. चंद्रभान, मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, रघु शर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अर्चना शर्मा, वरिष्ट कांग्रेस नेता गिरिजा व्यास सहित अनेकों विधायक एवं पीसीसी सदस्यों सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे.

राजस्थान में मॉब लिंचिंग- पहलू खान बनाम हरीश जाटव

पूरे भारत में मणिपुर के बाद राजस्थान में मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाने वाली गहलोत सरकार के लिए यह परीक्षा का समय है. एक तरफ पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले के आरोपियों की रिहाई के बाद केस फिर से खोलने के लिए एसआईटी का गठन हो रहा है, जबकि हाल ही अलवर जिले में ही भीड़ की पिटाई से हुई एक युवक की मौत को पुलिस मॉब लिंचिंग नहीं मान रही है. इससे राजस्थान की गहलोत सरकार पर फिर से अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के आरोप लगने लगे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एक दैनिक अखबार से बातचीत में कहा है कि प्रदेश सरकार वर्ग विशेष के लिए काम कर … Read more

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