सिंधिया ने इंदौर में दिखाया राजनीतिक कौशल, कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त क्रेज

कहते हैं सत्ता के लिए जो बन पड़े वो कम है, अपने एक दिन के दौरे पर इंदौर (Indore) पहुंचे कांग्रेस (Congress) के दिग्गज नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अपने राजनीतिक कौशल की सियासी चाल से मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की राजनीति को फिर से गरमा दिया. रविवार को इंदौर में सिंधिया ने उनके प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले सुरेश पचौरी (Suresh Pachouri), दिग्विजयसिंह (Digvijay Singh) और कमलनाथ (Kamalnath) गुट के नेताओं से अलग-अलग उनके घर जाकर मुलाकात की और साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से वन टू वन मुलाकात कर एक तरह से शक्ति प्रदर्शन भी किया. जिसके बाद से मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी हलचलें तेज हो गई.

मध्यप्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिक्स में इन दिनों राजनीतिक रस्साकस्सी का दौर लगातार जारी है. इसी बीच इंदौर में रविवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का मालवा की सियासत में एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. एक दिन के दौरे पर इंदौर पहुंचे कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी अलग राजनीतिक चाल से सभी को चौंका दिया. कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल ज्योतिरादित्य सिंधिया का इंदौर पहुंचने पर कार्यकताओं ने जमकर स्वागत किया. सिंधिया ने इंदौर में पार्टी के तमाम खेमों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की.

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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंदौर पहुंचते ही अलग-अलग गुटों के नेताओं के घर पर जाकर मुलाकात की. एयरपोर्ट से सबसे पहले सिंधिया सीधे सुरेश पचौरी के गुट से आने वाले विधायक संजय शुक्ला के घर पहुंचे और करीब एक घंटे तक सिंधिया ने संजय शुक्ला के साथ चर्चा की. ना सिर्फ चर्चा की बल्कि इस दौरान सिंधिया ने नाश्ता भी किया. इसके बाद सिंधिया इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत शशिन्द्र जलधारी के घर वालों से मिलने उनके घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया.

इसके बाद सिंधिया यहां से सीधे एमएलए विशाल पटेल से मिलने उनके घर पहुंचे. विशाल पटेल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के काफी करीबी माने जाते हैं, ऐेसे में सिंधिया और विशाल पटेल की मुलाकात भी जमकर चर्चाओं में रही. मुलाकात का दौर यहीं खत्म नहीं हुआ बल्कि सिंधिया ने इसके बाद इंदौर से सांसद का चुनाव लड़ चुके पंकज संघवी और मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी कहे जाने वाले इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल से भी घर जाकर मुलाकात की.

इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इंदौर मेरा घर है और मालवा से मेरा खास लगाव है. मध्य प्रदेश और देश में कांग्रेस संगठन को पुनर्जीवित करना बहुत जरूरी है. हांलाकि अलग-अलग गुटों के नेताओं से मिलने के पीछे की वजह क्या थी, इसका सिंधिया ने जवाब नहीं दिया. सिंधिया ने कहा कि इंदौर से उनका अलग लगाव है ऐसे में वे कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए पहुंचे हैं. लोगों की परेशानी और उनकी आवाज़ को शासन, प्रशासन और सरकार तक हम पहुंचाएंगे.

इसके बाद बारी आई सिंधिया के शक्ति प्रदर्शन की, इंदौर के रंगून गार्डन में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने करीब दो घंटे तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सिलसिलेवार मुलाकात की. इसके लिये बनाए गए विशाल पंडाल में सिंधिया की तस्वीरों के अलावा, उनके दिवंगत पिता माधवराव सिंधिया और सूबे के मुख्यमंत्री कमलनाथ के पोस्टर प्रमुखता से लगाये गये थे. सिंधिया से मुलाकात के लिए समर्थकों और नेताओं का जमावड़ा लगा. खास बात तो यह थी कि इंदौर ही नहीं मालवा और निमाड़ के कई सिंधिया समर्थक भी इस कार्यक्रम में मुलाकात के लिए बेताब नजर आए.

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इस दौरान सिंधिया ने मंच पर ही एक-एक कार्यकर्ता से वन टू वन मुलाकात शुरू की. सिंधिया जब मंच पर मौजूद थे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी स्टेज पर चढ़ने की होड़ लग गई, मंच पर चढ़ने के लिए कार्यकर्ता बेकाबू हो गए और हंगामा शुरू कर दिया. देखते ही देखते बात कुर्सियां उछालने तक जा पहुंची. कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर कुर्सियां उछालनी शुरू कर दीं. ज्योतिरादित्य सिंधिया कार्यकर्ताओं की इस हरकत से नाराज हो कर मंच से उतर गए और कार्यक्रम से चले गए.

बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं से ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस मुलाकात को राजनीतिक के जानकार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल सिंधिया के शक्ति प्रदर्शन के तौर देख रहे हैं. कार्यक्रम के बाद सिंधिया ने संवाददाताओं से कहा, “मैंने करीब 3,000 कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आज सीधी मुलाकात की, अपना खून-पसीना बहाकर सूबे में कांग्रेस की सरकार बनवाने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं की आन-बान-शान कायम रखना मेरा फर्ज है. केवल मध्यप्रदेश में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कांग्रेस संगठन को फिर से जीवित करना अति महत्वपूर्ण है. इस काम के लिये सभी कांग्रेस नेताओं ने संकल्प लिया है.” वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर दावेदारी के सवाल पर सिंधिया ने कहा,‘‘पार्टी आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, वह उन्हें स्वीकार होगा.’’

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की आहट के बीच अपने-अपने नेता को अध्यक्ष बनवाने के लिए गुटबाजी तेज हो गई है. राजधानी भोपाल से लेकर दिल्ली तक रस्साकस्सी चल रही है. ऐसे में मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज सुरेश पचौरी, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ गुट से जुड़े नेताओं से उनके घर जाकर अलग-अलग मुलाकात करने का सिंधिया का ये खास अंदाज राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा. पचौरी गुट से ताल्लुक रखने वाले विधायक संजय शुक्ला के घर सिंधिया पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया. हालांकि बाद में संजय शुक्ला सफाई देते नजर आए और कहा कि उनको (सिंधिया) को बुलाया नहीं था वो उनकी मां की तबीयत पूछने घर पहुंचे थे. सिंधिया पार्टी के बड़े लीडर हैं ऐसे में वो घर आए तो उनका स्वागत किया गया.

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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया की इंदौर में हुई इस लंच डिप्लोमेसी को लेकर बीजेपी ने भी पलटवार कर दिया है. बीजेपी के सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि सिंधिया ये सब पीसीसी चीफ की कुर्सी पाने के लिए कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी और प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के आगे कांग्रेस में किसी की नहीं चलती, ये बात सिंधिया को भी समझनी चाहिए.

गौरतलब है कि कमलनाथ को राज्य विधानसभा चुनाव से करीब सात महीने पहले अप्रैल 2018 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था. अभी हाल ही में कमलनाथ ने दिल्ली में अपने एक बयान में कहा था कि मुख्यमंत्री बनने के ठीक बाद उन्होंने पार्टी आलाकमान के समक्ष प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश की थी. बहरहाल, मध्य प्रदेश कांग्रेस में सत्ता और संगठन के बीच जो खींचतान चल रही है उसके बाद सिंधिया की इस लंच डिप्लोमेसी के कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं. अब आने वाले दिनों में सिंधिया का ये खास अंदाज कौन से राजनीतिक समीकरणों को जन्म देता है यह देखना दिलचस्प होगा.

प्रियंका गांधी ने क्रिकेट मैच से समझाया अर्थव्यवस्था का गणित

प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने पिछले कुछ दिनों से अर्थव्यवस्था (Indian Economy) पर मोदी सरकार और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को आड़े हाथ लिया हुआ है. सोशल मीडिया (Social Media) पर तीखे ट्वीट के सहारे प्रियंका के मोदी 2.0 सरकार पर लगातार हमले आक्रामक होते जा रहे हैं. इस बार प्रियंका गांधी ने एक क्रिकेट मैच का वीडियो लगाकर मोदी सरकार और देश में अर्थव्यवस्था संकट पर निशाना साधा. ट्वीट में उन्होंने लिखा कि जैसे एक सही कैच पकड़ने के लिए गेंद पर बराबर नजर रखनी पड़ती है वैसे ही राजनीति में भी करना पड़ता है. लेकिन सरकार अपना सारा दोष गणित, ओला-उबर और इधर-उधर की बातों पर मढ़ … Read more

रियल एस्टेट सेक्टर के लिए वित्तमंत्री सीतारमण ने किए बड़े एलान

लगातार आ रही आर्थिक मंदी की खबरों से परेशान केन्द्र सरकार (Central Government) अब इससे निपटने के हर सम्भव प्रयास कर रही है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmla Sitharaman) ने शनिवार को दिल्ली में अपनी तीसरी प्रेसवार्ता (Press Conference) कर सरकार के प्रयासों से अवगत करवाया. वित्तमंत्री ने अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग को लेकर कई बड़े एलान किए. इसके तहत 60 फीसदी तक पूरे हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट, जो अभी बन्द या अधूरे पड़े हैं उनको अब सरकार पूरा करेगी. हालांकि इसके लिए एक शर्त है कि हाउसिंग प्रोजेक्ट पर एनपीए यानी नॉन परफोर्मिंग ऐसेट न हो और एनसीएलटी यानी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में उस प्रोजेक्ट … Read more

वीडियो खबर: सत्ता की लड़ाई पहुंची दिल्ली दरबार

राजधानी दिल्ली (Delhi) में हुई AICC बैठक के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) 10, जनपथ स्थित कांग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के आवास पर पहुंचे. वहां कई मुद्दों सहित प्रदेश में लचर कानून व्यवस्था पर भी बातचीत हुई. गहलोत के वहां से निकलने के बाद डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) भी वहां पहुंचे और कांग्रेस अध्यक्ष से वार्ता की.

चिन्मयानंद से शाहजहांपुर में करीब सात घंटे पूछताछ

स्वामी चिन्मयानंद (Swami Chinmayananda) के खिलाफ रेप का आरोप लगाने वाली विधि छात्रा की शिकायत पर उप्र सरकार ने जिस विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है, उसके अधिकारियों ने शुक्रवार को शाहजहांपुर में स्वामी चिन्मयानंद से करीब सात घंटे पूछताछ की और उनके आवास की भी जांच पड़ताल की. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें महिला चिन्मयानंद की मसाज करती दिख रही है. एसआईटी का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुआ है. छात्रा ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिस उसके आरोपों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. चिन्मयानंद (Chinmayananda) की संस्था कई कॉलेजों का संचालन करती है. एसआईटी … Read more

प्रियंका ने यूपी पुलिस पर साधा निशाना, चिन्मयानंद की गिरफ्तारी की मांग की

इन दिनों उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) गुनाहगारों की कर्म स्थली बनता जा रहा है. ताज्जुब की बात ये है कि सत्ता संभालते ही UP के शूटआउट स्पेशलिस्ट बने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गैंगस्टर्स का एनकाउंटर करना शुरू किया. इससे गुनाहों के ये देवता मारे जाने के डर से खुद ही सरेंडर करने लगे. लेकिन अब यूपी पुलिस को आखिर क्या हो गया है कि वो आरोपियों पर कार्रवाई करना तो दूर, उन्हें गिरफ्तार करने की हिम्मत तक नहीं कर पा रही. इसकी क्या वजह है. कहीं इसकी वजह आरोपियों का संबंध बीजेपी से होना तो नहीं… कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) का इशारा तो सीधे-सीधे इसी ओर है. … Read more

वीडियो खबर: इतना आसान नहीं है पायलट को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाना

राजस्थान (Rajasthan) में सचिन पायलट (Sachin Pilot) को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (Rajasthan PCC President) पद से हटवाने की मुहिम अब लगता है ठंडी पड़ गई है, क्योंकि कांग्रेस (Congress) हाईकमान की तरफ से इस तरह के प्रयासों को समर्थन नहीं दिया जा रहा है. सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) फिलहाल राजस्थान में पार्टी संगठन में फेरबदल करने के पक्ष में नहीं हैं. इससे नेताओं के आपसी मतभेद बढ़ सकते हैं, जिससे पार्टी को ही नुकसान होगा. सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (Congress President) होने के साथ ही उप मुख्यमंत्री पद भी संभाले हुए हैं.

वीडियो खबर: महाराष्ट्र में बीजेपी का बढ़ता ग्राफ

महाराष्ट्र (Maharastra) में BJP विधानसभा चुनाव (Assembly Election-2019) से पहले ही तेजी से बढ़त बनाती दिख रही है. एक तरफ उसने तूफानी चुनाव प्रचार पहले ही शुरू कर दिया है, दूसरी तरफ उसने विपक्षी नेताओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं. इसके साथ ही कई नेताओं के कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला भी तेज हो गई है. कांग्रेस (Congress) छोड़ने वालों में कृपाशंकर सिंह (Kripa Shankar Singh) और उर्मिला मातोंड़कर (Urmila Matondkar) प्रमुख हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है लेकिन किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की है. इस तरह कांग्रेस-राकांपा (NCP) गठबंधन चुनाव मैदान में उतरने से पहले ही बैकफुट पर दिखने लगी है.

सीएम गहलोत को सोनिया गांधी की नसीहत, तो पायलट ने मारा नहले पर दहला

Coordination Committee for Gehlot and Pilot

दिल्ली (Delhi) में हुई AICC की अहम बैठक में कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने देश भर के आला नेताओं के साथ करीब पौने 3 घंटे तक मंथन किया. इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और पीसीसी चीफ सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने भी शिरकत की, वहीं प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे भी बैठक में मौजूद रहे. बैठक के बाद अविनाश पांडे ने मुख्यमंत्री गहलोत और पीसीसी चीफ सचिन पायलट के साथ बैठक की और प्रदेश के हालात पर मंथन किया. पार्टी सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी ने राजस्थान (Rajasthan) में कानून व्यवस्था (Law & Order) के हालात को लेकर गहरी नाराजगी … Read more

महाराष्ट्र में कांग्रेस को फिर लगे झटके तो बीजेपी में बल्ले-बल्ले

महाराष्ट्र (Maharastra) में BJP विधानसभा चुनाव (Assembly Election-2019) से पहले ही तेजी से बढ़त बनाती दिख रही है. एक तरफ उसने तूफानी चुनाव प्रचार पहले ही शुरू कर दिया है, दूसरी तरफ उसने विपक्षी नेताओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं. इसके साथ ही कई नेताओं के कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला भी तेज हो गई है. कांग्रेस (Congress) छोड़ने वालों में कृपाशंकर सिंह (Kripa Shankar Singh) और उर्मिला मातोंड़कर (Urmila Matondkar) प्रमुख हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है लेकिन किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की है. इस तरह कांग्रेस-राकांपा (NCP) गठबंधन चुनाव मैदान में उतरने से पहले ही बैकफुट पर दिखने लगी है.

बुधवार को कांग्रेस नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन पाटिल (Harshvardhan Patil) और राकांपा नेता गणेश नाइक (Ganesh Naik) भाजपा में शामिल हो गए. मुख्यमंत्र देवेन्द्र फड़नवीस (Devendra Fadnavis) ने उनका पार्टी में स्वागत किया. दोनों के पुत्र पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं. हर्षवर्धन पाटिल पुणे के इंदापुर क्षेत्र के दिग्गज नेता हैं. वह तीन बार निर्दलीय विधायक चुने गए. उसके बाद वह कांग्रेस में शामिल होकर विधायक चुने गए और कैबिनेट मंत्री बने. इस बार राकांपा-कांग्रेस गठबंधन के तहत उन्हें इंदापुर सीट से टिकट नहीं मिल रहा था. हर्षवर्धन पाटिल 2014 का विधानसभा चुनाव राकांपा के दत्ता भरणे से करीबी अंतर से हार गए थे. उस समय महाराष्ट्र में कांग्रेस और राकांपा ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था.

हर्षवर्धन पाटिल ने 2014 का चुनाव हारने के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में बारामती से राकांपा उम्मीदवार सुप्रिया सुले (Supriya Sule) का समर्थन किया था. इंदापुर बारामती लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत है. उन्हें उम्मीद थी कि शरद पवार की मदद से उन्हें फिर से इंदापुर सीट से चुनाव जीतने का मौका मिल सकता है. बताया जाता है कि इंदापुर सीट पर राकांपा और कांग्रेस में कोई फैसला नहीं होने से हर्षवर्षधन पाटिल ने भाजपा में शामिल होने का फैसला कर लिया. अब वह इंदापुर सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं. हर्षवर्थन पाटिल ने 1995 में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव जीता था. 1999 से 2004 तक वह कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार में मंत्री रहे. 2009 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे. चुनाव बाद कांग्रेस-राकांपा सरकार बनने पर वह फिर मंत्री बने थे.

गणेश नाइक ठाणे जिले के कद्दावर नेता हैं. पहले वह शिवसेना में थे. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे (Bal Thackeray) के निधन के बाद वह राकांपा में शामिल हो गए थे. उनके पुत्र संजीव नाइक ने कहा कि इस समय जो भी भाजपा के साथ जुड़ रहा है, वह जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास है. हम बिना शर्त भाजपा में शामिल हुए हैं. यह साफ दिखने लगा है कि जो काम मोदी कर सकते हैं, वह और कोई नेता नहीं कर सकता. उन्होंने कहा, हम शरद पवारजी का बहुत सम्मान करते हैं. उन्होंने हमें (नाइक परिवार) आगे बढ़ाने में बहुत योगदान दिया है. लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं और हम अपने क्षेत्र की जनता की उम्मीदें पूरी करना चाहते हैं.

हर्षवर्धन पाटिल ने कहा कि मोदी सरकार ने दूसरी बार सरकार बनने के बाद पहले सौ दिनों में जो महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, उनसे जनता समझने लगी है कि इस समय देश को चलाने के लिए मोदी से बेहतर और कोई नेता नहीं हो सकता. जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने और सख्त मोटर वाहन कानून के तहत जुर्माना बढ़ाने जैसे फैसले मोदी सरकार ही कर सकती है. यही कारण है कि उन्होंने बगैर पूर्व शर्त भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है.

राकांपा नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार (Ajit Panwar) ने कहा कि इंदापुर सीट को लेकर हर्षवर्धन पाटिल बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं और राकांपा को झूठा बदनाम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पाटिल पहले ही भाजपा में शामिल होने का फैसला कर चुके थे. कांग्रेस-राकांपा इंदापुर सीट को लेकर फैसला करने ही वाले थे, इससे पहले ही पाटिल भाजपा में चले गए. पवार ने कहा, शरद पवार (Sharad Panwar) , सुप्रिया सुले, मैंने और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने उन्हें आश्वस्त किया था कि थोड़ा इंतजार करें. मैं खुद उनसे मिलने उनके घर पुणे गया था, लेकिन उन्होंने मिलने से ही इनकार कर दिया.

इस बीच सूत्रों ने बताया कि सतारा के राकांपा सांसद उदयनराजे भोसले (Udayanraje Bhosle) भी भाजपा में शामिल होने की तैयारी कर चुके हैं. उनकी भाजपा नेताओं के साथ बातचीत चल रही है. राकांपा के विधान परिषद सदस्य आनंदराव पाटिल भी जल्दी ही भाजपा में शामिल होने वाले हैं. भाजपा-शिवसेना सरकार के एक मंत्री ने कहा कि हाल ही कांग्रेस छोड़ने वाले कृपाशंकर सिंह भी भाजपा में आने वाले हैं. वह दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल होंगे. पूर्व मुंबई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह ने यह कहते हुए इस्तीफा दिया है कि वह कश्मीर को लेकर कांग्रेस के रवैये के खिलाफ पार्टी छोड़ रहे हैं.