पीएम मोदी के सामने सपा प्रत्याशी तेज बहादुर मुश्किल में, EC का नोटिस

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पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी संसदीय सीट से सपा की टिकट पर उतरे पूर्व बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव की उम्मीदवारी पर संकट मंडरा रहा है. निर्वाचन अधिकारी को दिए गए नामांकन में उनकी बीएसएफ से बर्खास्तगी की अलग-अलग जानकारी दी गई है. जिसे लेकर निर्वाचन आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया है. बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने पहले निर्दलीय फिर सपा के चुनाव चिन्ह पर नामांकन दाखिल किया था. तेज बहादुर ने अपने एक नामांकन में बताया था कि उन्हें भ्रष्टाचार के कारण सेना से बर्खास्त किया गया था लेकिन दूसरे नामांकन में उन्होंने इसकी जानकारी नहीं दी. जिस पर नामांकन की जांच के बाद … Read more

बीजेपी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जैसे गूंगे-बहरे दलित चाहिए : उदित राज

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उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से भाजपा की लोकसभा का टिकट नहीं मिलने पर नाराज उदित राज के कांग्रेस में आते ही सुर बदल गए हैं. जयपुर में प्रेसवार्ता के दौरान उदित राज ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लेकर विवादास्पद बयान दिया है. सांसद राज ने कहा कि भाजपा को सिर्फ दलित चाहिए, लेकिन दलित नेता नहीं चाहिए. भाजपा को रामनाथ कोविन्द जैसे गूंगे-बहरे दलित चाहिए, जो ना तो बोल सके और ना दलितों की आवाज उठा सके. बताइए कोविंद में कौन सी योग्यता है? इससे आगे बढ़ते हुए उदित राज ने कहा कि यदि मैं जुबान नहीं खोलता तो शायद मैं भी भाजपा में प्रधानमंत्री बन जाता. उन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रपति … Read more

मोदी के भरोसे बीकानेर में जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी में अर्जुन मेघवाल

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बीकानेर लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के प्रत्याशी और अब तक बीकानेर संसदीय सीट से सबसे ज्यादा मतों से जीतने का रिकॉर्ड रखने वाले अर्जुनराम मेघवाल इस बार जीत की हैट्रिक लगाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं. अपने पहले दो चुनावों से इतर इस बार अर्जुन राम मेघवाल के लिए चुनाव जरा टेढ़ा है. वे अपनों के विरोध से जूझ रहे हैं.

टिकट मिलने के साथ ही अर्जुनराम मेघवाल पूरी तरह से सक्रिय हो गए थे. यही कारण रहा कि टिकट घोषित होने से पहले ही दिल्ली के गलियारों को छोड़कर बीकानेर में पूरी तरह से डेरा डाल दिया था, क्योंकि उन्हें पता था अगर अगले पांच साल दिल्ली के सियासी गलियारों में धमक करनी है तो समय रहते बीकानेर की सड़कों को नापना होगा.

टिकट घोषणा में कांग्रेस से बाजी मारने वाले अर्जुन मेघवाल प्रचार के पहले दौर में अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के मदन मेघवाल से पिछड़ गए थे, क्योंकि कद्दावर नेता देवी सिंह भाटी का विरोध पूरी तरह से मुखर हो चुका था और अर्जुनराम को प्रचार अभियान की शुरुआत के साथ ही काले झंडे दिखाकर भाटी समर्थकों विरोध किया था. वहीं, दूसरी ओर सूबे के मुखिया अशोक गहलोत बीकानेर में ताबड़तोड़ सभाएं कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बना रहे थे.

नामांकन तक लगातार हुए विरोध के बावजूद अर्जुनराम प्रचार को धार देने में कामयाब हुए हैं. दूसरी ओर जोधपुर समेत 13 सीटों पर हुए प्रथम चरण चुनाव में जिले के बड़े कांग्रेसी नेताओं, जिनके भरोसे मदन मेघवाल टिकट लेकर आए या यूं कहें कि जिन लोगों ने मदन मेघवाल को टिकट दिलाया, उनमें से मंत्री बीडी कल्ला जोधपुर और भंवर सिंह भाटी सिरोही में व्यस्त हो गए. वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी अन्य सीटों पर प्रचार में चले गए.

ऐसे में मदन मेघवाल अकेले ही प्रचार में घूमते रहे हालांकि अन्य विधानसभाओं में स्थानीय नेता उनके साथ रहे, लेकिन यह वही नेता हैं जो मदन मेघवाल के समानांतर दूसरे प्रत्याशी को टिकट देने की पैरवी कर रहे थे. लिहाजा मदन मेघवाल पूरी तरह से प्रचार में अकेले नजर आए. यानी प्रचार के दूसरे दौर में अर्जुन मेघवाल ने मदन मेघवाल पर बढ़त हासिल कर ली है. अर्जुनराम ने पूरे लोकसभा क्षेत्र को कवर कर लिया है.

दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस पूरी तरह से बीजेपी उम्मीदवार के विरोध के भरोसे खुद की जीत मानकर बैठी है तो अर्जुनराम खुद के विरोध पर मोदी के नाम के छींटे डालकर उसको शांत करने का प्रयास कर रहे हैं. दोनों प्रत्याशियों में संपर्क के मामले में अर्जुन का पलड़ा निश्चित रूप से मदन से भारी है, क्योंकि वे तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं और उनके पास पार्टी के साथ ही खुद के समर्थकों की फौज है.

दूसरी ओर मदन मेघवाल को खुद का चेहरा बता कर पार्टी नेताओं और अर्जुन के विरोध में वोट का ही भरोसा है. उनको पहली बार चुनावी मैदान में होने की वजह से पहचान और परिचय से जूझना पड़ रहा है. लोकसभा क्षेत्र में आम मतदाताओं से ही नहीं, कांग्रेसी कार्यकर्ता से भी मदन मेघवाल को रूबरू होना पड़ रहा है.

वहीं, इन सबके बीच बीजेपी के प्रदेश और जिला संगठन के बड़े नेता पूरी तरह से अर्जुन मेघवाल के लिए लामबंद होकर काम करते हुए नजर आ रहे हैं. बीजेपी ने यहां प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल, झुंझुनूं से दशरथ सिंह शेखावत को टास्क देकर कैंप करवा दिया है. कांग्रेस की बात करें तो स्थानीय संगठन और विधानसभा के चुनाव में जीते और हारे प्रत्याशी ही मदन मेघवाल के लिए सहारा हैं.

बीकानेर में मतदान 6 मई को है. मदन मेघवाल ने 18 अप्रैल को नामांकन दाखिल किया था. उस समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट बीकानेर आए थे. इसके बाद कांग्रेस का कोई बड़ा नेता बीकानेर नहीं आया है. यानी प्रचार पूरी तरह से प्रत्याशी मदन मेघवाल के कंधों पर ही है. उन्हें पहले चरण का मतदान होने के बाद बड़े नेताओं के सक्रिय होने की उम्मीद है.

बीजेपी की बात करें तो पार्टी के बड़े नेता लगातार बीकानेर का दौरा कर रहे हैं. सबसे बड़ा दौरा 3 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का होगा. प्रचार खत्म होने से ठीक एक दिन पहले होने वाली यह सभा जीत-हार तय करने में अहम पड़ाव साबित होगी मोदी के नाम पर वोट मांग रहे अर्जुनराम मेघवाल को पीएम की सभा से जीत की हैट्रिक लगने की उम्मीद है.

जोधपुर में मोदी लहर पर भारी पड़ सकता है अशोक गहलोत का सियासी जादू!

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लोकसभा चुनाव के रण में राजस्थान की सबसे ‘हॉट सीट’ जोधपुर में मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है. मतदाताओं ने 48 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए 68% से अधिक मतदान कर नया इतिहास रचा है. पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी लहर होने के बावजूद 62.5% मतदान हुआ था. बढ़े हुए मतदान को कांग्रेस और बीजेपी अपने-अपने पक्ष में बता रहे हैं.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत और मोदी सरकार के मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच मुकाबला होने की वजह से सबकी निगाह इस सीट पर थी. इस दिलचस्प सियासी भिडंत को रिकॉर्ड मतदान ने और रोचक बना दिया है. आमतौर पर बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत बीजेपी के पक्ष में माना जाता रहा है लेकिन कई बार परिणाम कांग्रेस के पक्ष में भी आए हैं.

जोधपुर सीट पर बंपर मतदान किसकी किस्मत चमकाएगा और किसकी लुटिया डुबोएगा, यह तो 23 मई को ही पता चलेगा, लेकिन इलाके की राजनीति के जानकार कांग्रेस को बढ़त मिलने का आकलन कर रहे हैं. कांग्रेस प्रत्याशी वैभव गहलोत के लिए जिस तरह से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मेहनत की है, उसी का परिणाम है कि मतदान के अंत तक यह मुकाबला काफी कड़ा नजर आया.

आपको बता दें कि 3 दिन तक अशोक गहलोत ने वार्ड वार जाकर कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क स्थापित किया और उनमें जोश भरने का काम किया. जोधपुर लोकसभा सीट में कुल 8 विधानसभा क्षेत्र हैं. पोलिंग प्रतिशत के ट्रेंड को देखा जाए तो सबसे अधिक मतदान पोकरण विधानसभा क्षेत्र में हुआ है. पोकरण में लगभग 75 फीसदी मतदान हुआ है. पोकरण का बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत कांग्रेस को के पक्ष में जाता दिख रहा है तो वहीं सरदारपुरा में भी कांग्रेस को अच्छी बढ़त मिलती नजर आ रही है.

इसके अलावा लोहावट और फलोदी में भी कांग्रेस को बढ़त मिलने की उम्मीद है. वहीं बीजेपी को शेरगढ़ से बड़ी बढ़त मिलने की उम्मीद है. जोधपुर शहर, सूरसागर और लूणी से भाजपा को बढ़त मिल सकती है. यानी दोनों उम्मीदवारों को चार-चार विधानसभा सीटों पर बढ़त मिल सकती है, लेकिन वैभव को सरदारपुरा और पोकरण से निर्णायक बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है.

हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि हार और जीत का अंतर 50000 के भीतर ही रहेगा. मतदान के बाद दोनों ही प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम मशीन में बंद हो चुका है और 23 मई को जब चुनाव परिणाम आएंगे तो तस्वीर साफ हो पाएगी कि क्या अशोक गहलोत की जादूगरी एक बार फिर कामयाब रही या मोदी लहर में गहलोत का जादू फीका पड़ा.

राजस्थान: दूसरे चरण के लिए पीएम मोदी-शाह की चुनावी रैली व सभाएं

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लोकसभा चुनाव का रथ चरण-दर-चरण आगे बढ़ता जा रहा है और राजनीतिक पार्टियों जोर-शोर से चुनाव प्रचार में डटी हैं. पार्टी के शीर्ष नेता धुंआधार रैलियों और चुनावी सभाओं में जुटे हैं. कल 29 अप्रैल को राजस्थान की 13 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुके हैं बाकी रही 12 सीटों पर अब 6 मई को वोट डाले जाएंगे. जिसके लिए प्रचार की रणनीति बनाते हुए बीजेपी ने दोनों शीर्ष नेताओं पीएम नरेन्द्र मोदी व अमित शाह की रैली व चुनावी सभा की तैयारी की है. जिसमें पीएम मोदी 4 जनसभाएं करेंगे व अमित शाह का भी 3 बड़ी चुनावी सभाएं करने का कार्यक्रम है. प्रदेश में 29 अप्रैल को संपन्न … Read more

पीएम मोदी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला, कहा – 40 टीएमसी विधायक संपर्क में

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल में एक चुनावी सभा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा हमला किया है. पीएम मोदी ने कहा कि ‘ममता बांटो और राज करो’ की नीति पर काम कर रही है. साथ ही पीएम ने कहा कि ममता दीदी की सियासी जमीन खिसक चुकी है. चुनावी नतीजों के दिन यानि 23 मई को टीएमसी विधायकों में भगदड़ मच जाएगी. पीएम मोदी ने यहां तक दावा किया कि टीएमसी के 40 विधायक तो अभी उनके साथ संपर्क में है. आगे पीएम मोदी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ममता दीदी ने घोषणा की है कि वो मुझे बंगाल की मिट्टी से बने रसगुल्ले खिलाएंगी. … Read more

महागठबंधन ने पीएम के सामने बदला प्रत्याशी, तेज बहादुर यादव को टिकट

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समाजवादी पार्टी ने वाराणसी लोकसभा सीट से पीएम मोदी के खिलाफ घोषित प्रत्याशी का नाम वापस लेकर पूर्व बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है. बता दें कि अभी कुछ दिन पूर्व सपा ने यहां से शालिनी यादव को अपना प्रत्याशी बनाया था. तेज बहादुर पहले ही पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था और उन्होंने वाराणसी से निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया था लेकिन वो अब सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन प्रत्याशी के तौर पर सपा के चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में हैं. सेना के जवान तेज़ बहादुर जी को वाराणसी से समाजवादी पार्टी का टिकट दिया गया है। — Samajwadi Party (@samajwadiparty) … Read more

मोदी-शाह पर SC सुनवाई को तैयार, आचार संहिता का मामला

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आचार संहिता उल्लंघन मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दरअसल सुप्रीम कोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ दर्ज याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. मामले पर 30 अप्रैल को सुनवाई होगी. कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने इस मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट आदर्श आचार संहिता का कथित रूप से उल्लंघन करने के मामले पर सुनवाई करेगा. न्यायालय में लगाई गई याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को मोदी और शाह के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दें. सुप्रीम कोर्ट में याचिका को लेकर कांग्रेस सांसद सुष्मिता … Read more

बांसवाड़ा में बीटीपी के चलते त्रिकोणीय मुकाबला होने से अच्छी वोटिंग

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राजस्थान में पहले चरण के चुनाव के तहत 13 सीटों के लिए वोटिंग जारी है. दोपहर एक बजे तक तक निर्वाचन विभाग के मतदान प्रतिशत पर नजर डाले तो सबसे ज्यादा 51 फीसदी वोटिंग बाड़मेर लोकसभा सीट पर हुई. उसके बाद बंतदान प्रतिशत बढ़ने से दोनों प्रत्याशियों के धड़कने बढ गई है. शिव, जैसलमेर, पोकरण और बायतु में वोटिंग अच्छी हो रही है. जैसलमेर और शिव में हो रही अच्छी वोटिंग कांग्रेस के लिए शुभ संकेत है. वहीं बायतु से कैलाश चौधरी विधायक रह चुके हैं. ऐसे में बायतु का बढ़ रहा मतदान प्रतिशत कैलाश चौधरी अपने पक्ष में मानकर चल रहे है. पोकरण में जानकारों की माने तो दोनों … Read more