यूपी: महागठबंधन की संयुक्त जनसभा रामपुर-फिरोजाबाद में, शिवपाल यादव होंगे निशाने पर

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उत्तरप्रदेश में बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव फिरोजाबाद और रामपुर में आज साझा रैली करेंगे. फिरोजाबाद में मायावती और अखिलेश बसपा-सपा गठबंधन प्रत्याशी अक्षय यादव के लिए वोट मागेंगे. अक्षय मुलायम के भाई रामगोपाल के पुत्र हैं जिनका मुकाबला उनके चाचा शिवपाल यादव से होगा. फिरोजाबाद जनसभा में सपा-बसपा के निशाने पर मुख्य तौर पर शिवपाल यादव ही होंगे. अखिलेश से अदावत के बाद शिवपाल ने चुनाव से पूर्व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन किया है. शिवपाल ने प्रदेश की अन्य सीटों पर भी अपने प्रत्याशी खड़े किए है. बीजेपी ने यहां से चन्द्रसेन चादौन को अपना प्रत्याशी बनाया है. यह भी पढ़ें: 24 साल बाद चुनावी … Read more

साध्वी प्रज्ञा के बचाव में उतरे मोदी-योगी, कहा- विरोधी नेताओं से कभी सवाल नहीं किए

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मुंबई हमले में शहीद और अशोक चक्र से सम्मानित हेमंत करकरे पर विवादास्पद बयान देने वाली साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का चहुंओर विरोध हो रहा है. यहां तक की बीजेपी ने खुद अधिकारिक तौर पर यह कहा है कि इस बयान से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है. यह उनका निजी बयान हैं. खुद साध्वी प्रज्ञा ने भी अपना बयान वापिस लेने की बात कही थी. ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बचाव में आगे आए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साक्षात्कार में कहा कि ज्ञा सिंह की उम्मीदवारी को लेकर इतना हल्ला क्यों है, जबकि गंभीर आरोपों का … Read more

‘मैंने हेमंत करकरे को कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा’

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लोकसभा चुनावों में सियासी बयान या यूं कहें विवादित बयान देना कोई नई बात नहीं है. आज बीजेपी की भोपाल संसदीय प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का बयान चर्चा में छाया रहा. उन्होंने मुंबई हमले में शहीद एटीसी चीफ हेमंत करकरे के खिलाफ विवादित बयान देकर सभी राजनेताओं के निशाने पर आ गई. यहां तक की उन्हें अपना बयान वापस तक लेना पड़ा. वहीं यूपी के मैनपुरी में मायावती का सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पक्ष और पीएम मोदी के विरोध में कहा गया बयान भी चर्चा में बना रहा. ‘मैंने हेमंत करकरे को कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा’ – साध्वी प्रज्ञा, भोपाल बीजेपी प्रत्याशी आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस … Read more

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 66 फीसदी मतदान, जम्मू-कश्मीर में सबसे कम

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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 95 संसदीय सीटों के हुए गुरूवार को केवल 66 फीसदी मतदाताओं ने अपने वोट का इस्तेमाल किया. हिंसा की छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक हुआ. सर्वाधिक मतदान पं.बंगाल में हुआ है. यहां 76.43 फीसदी मतदान हुआ है. सबसे कम जम्मू-कश्मीर में हुआ. यहां केवल 45.28 फीसदी वोटिंग हुई है. मणिपुर में 76.15 फीसदी और असम में 76.14 फीसदी मतदान हुआ है. इनके अलावा, पुडुचेरी में 75.15, छत्तीसगढ़ में 66.50, तमिलनाडू में 72 फीसदी, ओडिशा में 64, बिहार में 65.52, उत्तर प्रदेश में 62.3 और महाराष्ट्र में 62 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले. ​कर्नाटक में 61.80 … Read more

मुलायम सिंह ने खेला आखिरी चुनाव का कार्ड, कहा- भारी बहुमत से जिताना

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कहते हैं राजनीति में कोई किसी का परमानेंट दुश्मन या दोस्त नहीं होता है. यह बात आज उस समय बिल्कुल सटीक बैठी जब पिछले ढ़ाई दशक से धुर-विरोधी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती एक मंच पर साथ दिखे. यह घटना भारतीय सियासत की ऐतिहासिक तस्वीर बन गई जिसका गवाह बना उत्तरप्रदेश का मैनपुरी. यहां चुनावी महारैली के मंच पर सपा नेता पिता-पुत्र मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के बीच में बसपा सुप्रीमो मायावती बैठी थीं. दोनों दिग्गज नेता एक-दूसरे की ओर देख मुस्कुराए और एक-दूसरे के संबोधन पर तालियां भी बजाई. सपा और बसपा के बीच 1995 के बाद ऐसी तकरार हो गई थी कि उसे … Read more

24 साल बाद चुनावी मंच पर एक साथ दिखे माया-मुलायम

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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में आज सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन की चौथी संयुक्त सभा है. इस सभा की खासियत यह है कि यहां मुलायम सिंह यादव और बसपा चीफ मायवती 24 साल बाद मंच सांझा करते हुए नजर आएंगे. मुलायम सिंह यादव खुद मैनपुरी संसदीय सीट से प्रत्याशी हैं. कभी मुलायम सिंह के खिलाफ वोट करने की अपील करने वाली मायावती आज फिर मुलायम सिंह के लिए वोट मांगती नजर आएगी. मुलायम सिंह ने 2014 में आजमगढ़ और मैनपुरी सीट से चुनाव लड़ा था और दोनों जगह उन्हें विजयश्री मिली. बाद में उन्होंने मैनपुरी सीट छोड़ दी जहां से तेजप्रताप यादव सांसद चुने गए.

गेस्ट हाउस कांड के बाद जुदा हो गई थी राह
मुलायम सिंह ने 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन किया था. 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा ने मिलकर चुनाव लड़ा जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई. मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने लेकिन बसपा संस्थापक काशीराम के साथ हुए उनके विवादों के कारण बसपा ने उनकी सरकार से समर्थन वापस ले लिया. इससे मुलायम सिंह काफी नाराज थे. इसके बाद जब मायावती अपने कार्यकर्ताओं और विधायकों के साथ स्टेट गेस्ट हाउस में आगामी रणनीति पर विचार कर रही थी, तभी समाजवादी पार्टी समर्थकों ने वहां हमला बोल दिया. मायावती ने किसी तरह छुपकर अपनी जान बचाई. इस कांड ने दोनों पार्टियों के बीच एक गहरी खाई पैदा कर दी. आगामी चुनावी में बीजेपी के सर्मथन से मायावती ने सरकार बनाई और प्रदेश का पहली दलित मुख्यमंत्री बनी.

अखिलेश-मायावती में बना बुआ-भतीजे का रिश्ता
उत्तर प्रदेश में विधानसभा और बाद में लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद सपा और बसपा दोनों को ही यह आभास हो गया था कि बीजेपी को अकेले हराया नहीं जा सकता. उसके बाद सपा चीफ अखिलेश यादव और बीएसपी प्रमुख मायावती ने मिलकर गोरखपुर व फुलपुर लोकसभा उपचुनाव में गठबंधन की नींव रखी और परिणाम सकारात्मक मिला. योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री और केशव प्रसाद मोर्य के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई इन दोनों सीटों पर बसपा ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे बल्कि सपा उम्मीदवारों को समर्थन दिया. नतीजा-दोनों सीटें सपा के खाते में आ गिरी. वर्तमान लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन में चुनाव लड रहे है. जिनमें बसपा 38 सपा 37 और रालोद 3 सीट पर चुनाव लड़ रही है. अमेठी और रायबरेली सीट पर गठबंधन ने उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है. यहां से राहुल गांधी और सोनिया गांधी मैदान में हैं.

लोकसभा चुनाव: आज थम जाएगा दूसरे चरण के चुनावी प्रचार का शोर

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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 13 राज्यों की 97 सीटों पर चुनावी प्रचार का शोर आज शाम पांच बजे थम जाएगा. दूसरे चरण के चुनावी में तमिलनाडु की 39, कर्नाटक की 14, महाराष्ट्र की 10, यूपी की आठ, बिहार और ओडिशा की पांच-पांच, छतीसगढ़ की तीन, जम्मू-कश्मीर की दो और मणिपुर, त्रिपुरा और पुडुचेरी की एक-एक सीट पर मतदान होगा. बता दें, देश में कुल सात चरणों में लोकसभा चुनाव संपन्न होंगे. पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को हो चुका है. बड़े नेताओं की किस्मत का होगा फैसला चुनाव के दूसरे चरण में देश के बड़े नेताओं की किस्मत दांव पर है. मोदी सरकार के चार मंत्रियों की … Read more