Jaipur
Jaipur is the capital of India’s Rajasthan state. It evokes the royal family that once ruled the region and that, in 1727, founded what is now called the Old City, or “Pink City” for its trademark building color. At the center of its stately street grid (notable in India) stands the opulent, colonnaded City Palace complex. With gardens, courtyards and museums, part of it is still a royal residence.
राजस्थान: दूसरे चरण में 2.3 करोड़ मतदाता, जयपुर में सबसे ज्यादा, दौसा में सबसे कम
राजस्थान में दूसरे चरण का मतदान शुरू हो गया है. दूसरे चरण में प्रदेश की 12 सीटों के लिए मतदान होना है. मतदान सोमवार सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा. आज प्रदेश की जनता जर्नादन सत्ता चाहने वालों का फैसला वोट देकर तय करेगी. इन 12 सीटों पर 134 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. इनमें 118 पुरूष और 16 महिला उम्मीदवार हैं. इस लिस्ट में कांग्रेस से 12, बीजेपी से 11, बसपा से 10, कम्यूनिस्ट पार्टी आॅफ इंडिया से एक, माक्सवाद से तीन और आरएलपी से एक, अन्य दलों से 29 और 68 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं. प्रदेश में चुनाव का पहला चरण 29 अप्रैल को … Read more
लोकसभा चुनाव: पांचवें चरण के लिए मतदान शुरू, शाम 6 बजे तक होगी वोटिंग
देश की सबसे बड़ी पंचायत के चुनाव यानि लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के मतदान आज शुरू हो गए हैं. वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी. इस चरण में विभिन्न राज्यों की 51 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. राजस्थान में भी दूसरे चरण के चुनाव के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं. चौथे चरण में 59.25 फीसदी मतदान हुआ था. 5वें चरण में वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की पूरी उम्मीद है. इस चरण में होने वाली वोटिंग कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी की संसदीय सीटों पर भी वोटिंग होनी है. इस चरण में यूपी की अमेठी, रायबरेली, लखनऊ, बिहार की सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, सारण, राजस्थान की … Read more
तीन सरकारी छुट्टियां न बन जाएं जी का जंजाल, बीजेपी-कांग्रेस परेशान
देश में लोकसभा चुनाव का 5वां चरण का मतदान कल है. इस दौरान राज्यों की 51 संसदीय सीटों पर मतदान होगा. सोमवार को ही प्रदेश में लोकसभा चुनावों का दूसरा चरण है जिसमें प्रदेश की 12 सीटों पर 2.30 करोड़ से अधिक मतदाता सत्ताधारियों की किस्मत का फैसला करेंगे. लेकिन दौरान कांग्रेस और बीजेपी के चेहरों पर चिंता की गहरी लकीरें साफ तौर पर देखी जा सकती हैं. वजह है तीन सरकारी अवकाश, जो लगातार आ रहे हैं. 5 मई को रविवार, 6 मई को मतदान और 7 मई को अक्षय तृतीया की सरकारी छुट्टी है. ऐसे में दोनों ही राजनीतिक दलों को यह चिंता सता रही है कि अधिकांश … Read more
आज नामांकन दाखिल करेंगे भाजपा-कांग्रेस के कई दिग्गज
दो दिन की छुट्टी के बाद सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी नामांकन दाखिल कराने की होड़ में लग गए हैं. राजस्थान में भी दिग्गजों के नामांकन दाखिल कराने का सिलसिला बदस्तूर जारी है. इस सूची में जयपुर शहर से बीजेपी प्रत्याशी रामचरण बोहरा रामचरण बोहरा और कृष्णा पूनिया सहित कई दिग्गज शामिल हैं जो आज अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. सबसे पहले बात करें बोहरा की तो नामांकन से पहले उनके समर्थन में बीजेपी मुख्यालय में एक जनसभा रखी गई है जिसे पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे सहित अन्य बीजेपी नेताओं ने सभा को संबोधित किया. यहां राजे ने कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा. सभा के बाद बोहरा अपना नामांकन … Read more
पांच महीने पहले जिन्होंने उम्मीदवार छांटे, आज उन्हें पड़ रहे टिकट के लाले
राहुल गांधी के हाथ कांग्रेस की कमान आने के बाद राज्यों में पार्टी की मजबूती के लिए उन्होंने सहप्रभारियों को लगाने का नया प्रयोग किया. राहुल गांधी ने हर राज्य में दो से चार राष्ट्रीय सचिवों को मुख्य प्रभारियों के साथ सहप्रभारी बनाकर भेजा. राजस्थान में भी इसी तर्ज पर राहुल गांधी ने तरुण कुमार, देवेन्द्र यादव, काजी निजामुद्दीन और विवेक बसंल को सहप्रभारी बनाकर भेजा. चारों ने विधानसभा चुनाव से पहले सर्दी, गर्मी और बारिश में राजस्थान में काम करते हुए आलाकमान के निर्देशों को शिद्दत से निभाया. लेकिन जब चारों ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट की इच्छा जताई तो उन्हें ही दरकिनार कर दिया गया.
दरअसल, राजस्थान के सहप्रभारी देवेन्द्र यादव दिल्ली वेस्ट, तरुण कुमार दिल्ली उत्तर-पश्चिम, विवेक बंसल यूपी की अलीगढ़ और काजी निजामुद्दीन बिजनौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की हसरत पाले हुए थे. लेकिन पार्टी ने इनकी हसरतों को दरकिनार करते हुए बिजनौर से नसीमुद्दीन सिद्दकी को टिकट थमा दिया. वहीं अलीगढ़ से विरेन्द्र चौधरी को टिकट दे दिया. टिकट नहीं मिलने से हालांकि बसंल ने नाराजगी भी जाहिर की थी.
वहीं देवेन्द्र यादव और तरुण कुमार की बात करें तो दोनों की इच्छा की सीटों से हालांकि अभी कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए है, लेकिन सूत्रो के मुताबिक दोनों का नाम पैनल तक में नहीं जोड़ा गया है. ऐसे में दोनों को टिकट नहीं मिलने के पूरे-पूरे आसार है. हालांकि देवेन्द्र यादव कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर खुलकर इस मुद्दे को चाहकर भी नहीं बोल पा रहे हैं, लेकिन विधायक का चुनाव हारने के चलते मन में पूरी इच्छा थी कि लोकसभा चुनाव लड़ लिया जाए.
लिहाजा पैनल में नाम नहीं आने पर अब यादव टिकट ही नहीं मांगने का दावा कर रहे हैं, लेकिन टिकट नहीं मिलने से सहप्रभारियों के हौसले अब पस्त होते दिख रहे हैं. वहीं अब इनका राजस्थान में काम भी लगभग पूरा हो चुका है. देवेन्द्र यादव के सहप्रभारी का जिम्मा भी विवेक बंसल को दे दिया गया है. ऐसे में चारों सहप्रभारी अब खुद को ठगा सा महसूस कर रहे है. साथ ही सहप्रभारी के प्रयोग को उनके समर्थक ‘यूज एंड थ्रो’ के रुप में मानने लगे हैं.
क्या कांग्रेस उम्मीदवार टिकट मिलने के बाद दरगाह में हाजिरी लगाने गईं?
जैसे-जैसे उम्मीदवारों का एलान होता जा रहा है वैसे-वैसे देश लोकसभा चुनाव के खुमार में डूबता जा रहा है. एक ओर बड़े नेता धुंआधार सभाएं कर रहे हैं तो दूसरी ओर कार्यकर्ता मतदाताओं को अपनी पार्टी के पक्ष में करने के लिए जमकर मेहनत कर रहे हैं. वहीं, सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों के प्रशंसकों की सक्रियता बढ़ गई है. ये साइबर लड़ाके तरह-तरह से दावे कर रहे हैं, जिनमें से कई तेजी से वायरल हो रहे हैं. सोशल मीडिया पर इन दिनों जयपुर शहर से कांग्रेस की उम्मीदवार ज्योति खंडेलवाल से जुड़ा एक फोटो वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया जा रहा है कि ज्योति कांग्रेस का टिकट … Read more