वीडियो खबर: निकाय चुनाव पर कांग्रेस के यू टर्न पर BJP का हल्लाबोल

राजस्थान (Rajasthan) में गहलोत सरकार ने निकाय चुनाव से पहले यू-टर्न लेते हुए फैसला लिया कि अब पार्षद ही महापौर और निकाय प्रमुख का चुनाव करेंगे. इससे पहले प्रदेश सरकार ने प्रत्यक्ष चुनाव कराने का समर्थन किया था और इसे चुनावी घोषणा पत्र में शामिल ​भी किया था. अब BJP इस पर पलटवार कर रही है. पूर्व मंत्री और मालवीय नगर विधायक कालीचरण सर्राफ ने थूंककर चाटने वाला कदम बताया.

अयोध्या मामला-38वां दिन: मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट पर जड़ दिया पक्षपात करने का आरोप

अयोध्या मामला (Ayodhya Case) की सुनवाई एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट में शुरू हो गई. अंतिम दौर में चल रही अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) और बाबरी मस्जिद जमीन विवाद की सुनवाई के 38वें दिन मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पर पक्षपात का आरोप जड़ते हुए कहा कि संविधान पीठ मुस्लिम पक्ष से सवाल कर रही है लेकिन हिंदू पक्ष से कोई सवाल नहीं पूछ रही. धवन ने कहा, ‘मैंने इस सुनवाई के दौरान कुछ दिलचस्प बात देखी हैं. आपने सभी सवाल मुझसे किए लेकिन हिंदू पक्ष से नहीं. काश लॉडशिप ने उनसे भी कुछ सवाल किए होते.’ धवन ने कहा कि … Read more

वीडियो खबर: निकाय चुनावों पर क्या बोले यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल

राजस्थान (Rajasthan) में गहलोत सरकार ने निकाय चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण फैसले पर यू-टर्न लेते हुए नया फैसला लिया कि अब पार्षद ही करेंगे महापौर और निकाय प्रमुख का चुनाव. गहलोत केबिनेट (Gehlot Cabinet) की एक अहम बैठक में ये फैसला लिया गया.

वीडियो खबर: कांग्रेस में फूट की बात करने वाले पहले अपना घर संभालें- गहलोत

राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने जोधपुर में BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा हमारी पार्टी में फूट की बात करते हैं लेकिन उन्हें पहले अपना घर संभालना चाहिए. भाजपा में फूट से सतीश पूनिया (Satish Poonia) के पदभार ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) ने शिरकत तक नहीं की. उनका समारोह में न आना क्या संकेत करता है? उपचुनाव के बारे में गहलोत ने कहा कि पूरी कांग्रेस एकजूट है और हम उपचुनाव हर हाल में जीतेंगे.

गहलोत केबिनेट का फैसला, अब जनता नहीं पार्षद ही चुनेंगे मेयर

राजस्थान में मीसाबंदी पेंशन योजना बंद, भाजपा ने बताया तानाशाही निर्णय

Misabandi

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. मध्यप्रदेश के बाद अब राजस्थान की गहलोत सरकार (Gehlot Government) ने भी आपातकाल के दौरान जेल में बंद रहे मीसा बंदियों की पेंशन योजना (Misabandi Pension Scheme) सहित अन्य सुविधाएं बंद कर दी हैं. पिछली वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) सरकार ने मीसा व डीआरआई बंदियों को ‘लोकतंत्र रक्षक’ का नाम देते हुए उन्हें पेंशन, निशुल्क चिकित्सा, निशुल्क बस सुविधा सहित कई अन्य तरह की सुविधाएं प्रदान की थी. सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री गहलोत (Ashok Gehlot) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में रोक लगा दी. प्रदेश सरकार के इस कदम को बीजेपी ने औछी मानसिकता का उदाहरण बताते हुए तानाशाही निर्णय बताया. मीसा बंदियों की … Read more

गहलोत केबिनेट का फैसला- पार्षद ही चुनेंगे महापौर, बीजेपी ने बताया- थूंककर चाटने वाला कदम

Gehlot Cabinet

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में गहलोत सरकार ने निकाय चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण फैसले पर यू-टर्न लेते हुए नया फैसला लिया कि अब पार्षद ही करेंगे महापौर और निकाय प्रमुख का चुनाव. सोमवार को हुई गहलोत केबिनेट (Gehlot Cabinet) की एक अहम बैठक में ये फैसला लिया गया. सीएम गहलोत के पिछले कार्यकाल में बने महापौर के प्रत्यक्ष चुनाव के कानून को पिछ्ली वसुंधरा राजे सरकार ने सत्ता में आने के बाद खत्म कर दिया था मगर राज्य में एक बार फिर से मुख्यमंत्री बनने के बाद गहलोत सरकार दोबारा विधानसभा में यह कानून ले आई थी. इसी साल यह कानून बनाया गया था जिसके तहत मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाएगा. वहीं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने गहलोत सरकार के इस फैसले पर कहा कि निकाय चुनाव में हार के डर से सरकार ने यू-टर्न लिया है. पूर्व मंत्री और मालवीय नगर विधायक कालीचरण सर्राफ ने बताया थूंककर चाटने वाला कदम.

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गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक (Gehlot Cabinet) में पिछली सरकार के निकाय चुनावों में अप्रत्यक्ष प्रणाली को जारी रखते हुए बैठक में अप्रत्यक्ष प्रणाली से निकाय चुनाव (Nikay Chunav) कराने पर सहमति बनी है. इससे पहले 2009 में राजस्थान की गहलोत सरकार ने प्रत्यक्ष निकाय चुनाव आयोजित कराए थे जिसे वसुंधरा सरकार ने बदल दिया था. मगर राज्य में एक बार फिर से मुख्यमंत्री बनने के बाद गहलोत सरकार दोबारा विधानसभा में यह कानून ले आई थी. प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री धारीवाल ने बताया कि अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव इसलिए भी जारी रखा गया है ताकि अगर किसी वार्ड में साम्प्रदायिक माहौल बिगड़े तो वो केवल एक ही इलाके में बिगड़े, उससे आगे न बढ़े. इसी प्रकार किसी एक वार्ड में कोई समस्या होती है तो वो अन्य वार्डो में न फैले. धारीवाल ने इसे लोकतांत्रिक पद्धति बताया.

यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि पार्षद और पूर्व पार्षदों से चर्चा कर नवंबर में होने वाले नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम के चुनावों को अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने का फैसला मंत्रीमंडल की बैठक में लिया गया. धारीवाल ने बताया कि मौजूदा समय में विपक्ष द्वारा जनता के बीच भय, आक्रोश, असहिष्णुता और साम्प्रदायिक माहौल पैदा किया जा रहा है, उन परिस्थितियों में प्रत्यक्ष चुनाव कराना कतैई सही नहीं है.

उन्होंने कहा कि हमने वर्तमान और पूर्व पाषदों के साथ उन संभावित लोगों से भी बात की जो पार्षद का चुनाव लड़ने वाले हैं, उन सभी ने एक स्वर में निकाय चुनावों में अप्रत्यक्ष प्रणाली का समर्थन किया. उक्त का कहना है कि प्रत्यक्ष प्रणाली द्वारा जीतकर आने वाले व्यक्ति के सामने पार्षद अपने आपको कमजोर महसूस करते हैं. दोनों के बीच तालमेल की कमी भी रहती है. ऐसे में अगर बहुमत ज्यादा हो लेकिन जीतकर आया प्रमुख व्यक्ति दूसरी पार्टी का हो तो विकास का मुद्दा गौण हो जाता है.

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सरकार के इस फैसले पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार केवल डर और तबादलों की आड में निकाय चुनावों में जीत का ख्वाब देख रही है जो मुंगेरीलाल के हसीन सपने से ज्यादा कुछ भी नहीं. पूनिया ने कहा कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में ये साफ-साफ लिखा है कि सरकार में आने के बाद निकाय चुनाव प्रत्यक्ष पद्धति से कराए जाएंगे लेकिन सरकार ने निकाय चुनाव में हार के डर से यु-टर्न लेकर प्रदेश की जनता को ठगा है.

वहीं पूर्ववर्ती सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे कालीचरण सर्राफ ने भी निकाय चुनाव में अप्रत्यक्ष प्रणाली पर गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा. सर्राफ़ ने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने के बाद सरकार ने विपक्ष के विरोध के बावजूद बिल को विधानसभा में पास कराया था. (Gehlot Cabinet) अब अपने ही लिए गए फैसले पर यू टर्न लेना न सिर्फ जनता को धोखा देना है, बल्कि ये एक थूक कर चाटने जैसा कदम है.

अयोध्या मामला: फिर से शुरू हुई राम मंदिर की सुनवाई, 10 दिसम्बर तक धारा 144 लागू

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. अयोध्या मामला (Ayodhya Case) में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की विवादित जमीन की सुनवाई सोमवार को फिर से शुरू हो गई. मामले की अंतिम सुनवाई 4 अक्टूबर को हुई थी. उसके बाद दशहरे की छुट्टी के चलते अदालत 10 दिन के अंतराल के बाद आज फिर से खुल गई है. अब केवल चार दिनों का काउंटडाउन शेष है. आज कोर्ट खुलने के साथ ही अयोध्या मामले की सुनवाई अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. संभावित फैसले को देखते हुए प्रशासन ने भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ हाई अलर्ट घोषित कर दिया है. इलाके में धारा 144 भी लागू कर दी गई है. अयोध्या मामला … Read more

वीडियो खबर: – जो नेता आज राज कर रहे हैं, वो पांच साल विधानसभा आये भी नहीं थे- डूडी

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डूडी ने कहा कि मैंने जाट नेता के रुप में 20 साल तक जाट समाज और किसानों के लिए संघर्ष किया, पिछले पांच साल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मैंने किसानों की आवाज उठाई है, मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश हुई है

वीडियो खबर: राजस्थान के बेरोजगारों के लिए किरोड़ी ने भरी हूंकार

राजस्थान (Rajasthan) से राज्यसभा सांसद किरोडी लाल मीणा (Kirodi Lal Meena) ने जयपुर के जवाहर सर्कल के पास आयोजित एक सभा में प्रदेश के 41 हजार बेरोजगारों के समर्थन में गहलोत सरकार पर निशाना साधा. मीणा ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बेरोजगारों को जल्दी नियुक्ति नहीं दी तो आंदोलन किया जाएगा और गहलोत (Ashok Gehlot) को बेरोजगार किया जाएगा.