सिलिकोसिस नीति लागू करने वाला पहला राज्य बना राजस्थान

जयपुर के बिड़ला सभागार में गुरुवार को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष पर ‘गांधी सप्ताह कार्यक्रम’ और स्वायत्त शासन विभाग द्वारा स्वच्छता सत्र का आयोजन हुआ. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) एवं अधिकारिता मंत्री भंवर लाल मेघवाल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा सिलिकोसिस पॉलिसी को लॉन्च किया गया. इस पॉलिसी द्वारा सिलिकोसिस बीमारी की रोकथाम के लिए कार्य किए जाएंगे और पीड़ित परिवारों को आर्थिक लाभ दिए जाएंगे. राजस्थान ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां सिलिकोसिस नीति लागू की गई है. इसके साथ ही विभाग द्वारा स्वच्छता सत्र के दौरान सीएम गहलोत ने ‘सुरक्षा पुस्तक’ के साथ ‘कचरा मुक्त राजस्थान’ के पोस्टर का भी विमोचन किया.

बड़ी खबर: गांधी जयंती पर कांग्रेस अधिवेशन में फिर दिखी गहलोत-पायलट के बीच की खींचतान

इस मौके पर मंत्री बीडी कल्ला, शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, विश्वेन्द्र सिंह, मा. भंवर लाल मेघवाल, ममता भूपेश, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता गांधीवादी प्रोफेसर सुदर्शन अयंकर और जयपुर महापौर विष्णु लाटा भी मौजूद रहे. सीएम गहलोत ने कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए स्वतंत्रता सेनानियों का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया. साथ ही सर्वश्रेष्ठ स्वच्छताकर्मियों को भी सम्मानित किया गया.

‘अगर कोई गांधी जीवनी पढ़ ले तो बदल जाएगा जीवन’

मंच को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से मुझे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य मिला. मैं बचपन से गांधीजी के विचारों से ही प्रभावित रहा हूं इसलिए मुझे लगा कि गांधी की समाधि गांव-गांव तक पहुंचाना चाहिए. गहलोत ने कहा कि अगर हम गांधी को अपना कर चलें तो अधिकांश समस्याओं को समाधान स्वत: ही हो जाएगा. उन्होंने कहा कि मैंने गांधी की जीवनी दो-तीन बार पढ़ी है, बाकी सुनी और सीखी है. गांधी की जीवनी जितनी बार पढ़ेंगे, उतना जीवन को निखारने का मौका मिलेगा. अगर कोई विद्यार्थी या नौजवान गांधी जीवनी पढ़ ले तो उससे जीवन में बदलाव लाया जा सकता है जिसकी कल्पना आपने कभी नहीं की थी. उन्होंने कहा कि लोगों के बीच आधी अधूरी जानकारी आती रहती है. कहा जाता है कि महात्मा गांधी और अंबेडकर के बीच का मनभेद थे लेकिन हकीकत ये है कि विचारों में मतभेद जरूर हो सकता है पर मनभेद नहीं.

‘ऐसा हार्ड मांस का आदमी कभी धरती पर चला था’

सीएम गहलोत ने उदाहरण देते हुए बताया कि आइंस्टाइन ने कहा था- आने वाली पीढ़ी को यकीन नहीं होगा कि ऐसा हार्ड मांस का आदमी कभी धरती पर चला भी था. मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है किसी राज्य में खादी पर 50 फीसदी की छूट दी है. हम चाहेंगे कि गांधी का साहित्य राजस्थान के हर घर पहुंचे. उन्होंने बताया कि हम गांधी जयंती वर्ष को एक साल और मनाएंगे. हमारी सरकार चाहती है कि सभी छात्रों को गांधी दर्शन से प्रेरित करें.

‘कोई छूआछूत की बात करें तो इससे बड़ा कलंक कोई नहीं’

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि गांधी का मानना था कि ईश्वर वहां निवास करते हैं जहां सफाई होती है. सफाई कर्मचारी हमारे सबसे बड़े समाज सेवक हैं. जो आज भी सफाई का काम करते हैं उनको क्या तकलीफ है आती है, वह सब जानते हैं. सरकार का प्रयास रहेगा कि उनकी तकलीफों को कम करें. आजादी के 70 साल बाद भी अगर कोई छुआछूत की बात करें तो इससे बड़ा कोई कलंक नहीं हो सकता.

‘लोकतंत्र की वजह से मोदी की पूछ, उसे कांग्रेस ने मजबूत किया’

मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम बनने के बाद मोदी-मोदी का माहौल बना हुआ है और वो इसलिए बना क्योंकि कांग्रेस ने 70 साल तक लोकतंत्र की जड़ें मजबूत बनाए रखी. अगर लोकतंत्र ही नहीं होता तो कौन किसको पूछता. गहलोत ने कहा कि सत्य बोलोगे तो स्वर्ग मिलेगा लेकिन जब अमेरिका में जब ट्रंप ने कहा यह भारत के राष्ट्रपिता है मोदी को कहना चाहिए था ‘सॉरी, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हैं’ लेकिन मोदी चुपचाप वहां से यहां आ गए. आज जो देश में भय का माहौल है, रोजगार की समस्या देश में पैर पसार रही है. आज आरएसएस के प्रचारक नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी की बात करते हैं. उनकी नीतियों से लोकतंत्र खतरे में है और अहिंसा का रास्ता ही खतरे का रास्ता है.

हर व्यक्ति को जीवन में करना चाहिए श्रमदान: कल्ला

मंत्री बीडी कल्ला ने मंच को संबोधित करते हुए कहा कि बापू ने अपना पूरा जीवन सादगी से जिया. गुलामी से हमें मुक्ति दिलवाई. गांधीजी हमेशा कहा करते थे अस्पृश कोई नहीं है. गांधी खुद वाल्मीकि समाज के लोगों के समक्ष जाते थे. साफ सफाई किया करते थे. श्रमदान करते थे. उनका मानना था हर व्यक्ति को अपने जीवन में श्रम दान करना चाहिए. बापू को अपनाना है तो सामाजिक समरसता को अपनाना होगा.

वीडियो खबर: आखिर क्यों डूडी के बचाव में उतरे हनुमान

नागौर सांसद और RLP अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) के साथ RCA के नाम पर हो रहे अन्याय पर आवाज उठाते हुए कहा कि हम डूडी के साथ हैं. बेनीवाल ने ये भी कहा कि गहलोत केवल अपने बेरोजगार बेटे को रोजगार दिलाने के लिए आरसीए का अध्यक्ष बनाने पर तुले हैं. ऐसे में वे राज्य के बेरोजगार युवाओं की भी थोड़ी चिंता करें. हनुमान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के इस कदम को निंदनीय बताया.

वीडियो खबर: नामांकन के बाद क्या बोले रामेश्वर डूडी

RCA में बुधवार को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने के बाद रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और RCA अध्यक्ष सीपी जोशी (CP Joshi) पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि ये सब नाटक केवल गहलोत के बेटे वैभव को RCA में लाने के लिए खेला जा रहा है. डूडी के साथ नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन सचिव राजेंद्र नांदु और विनोद सहारण ने नामांकन दाखिल किए.

RCA विवाद: नाराज डूडी के तेज हुए बगावती तेवर तो वहीं बीजेपी ने खोले दरवाजे

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में बुधवार को चले बड़े नाटकीय घटनाक्रम के बाद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन खारिज होने के बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) के बगावती तेवर तेज हो गए हैं. डूडी ने चुनाव अधिकारी आरआर रश्मि के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कहते हुए कहा कि ये सारा खेल केवल ‘उसके लिए’ रचा जा रहा है. अपने बयान में डूडी ने इशारों-इशारों में अशोक गहलोत के सुपुत्र वैभव गहलोत का जिक्र किया जो आरसीए अध्यक्ष बनने के सपने देख रहे हैं.

मुख्यमंत्री गहलोत (CM Ashok Gehlot) के पुत्र वैभव गहलोत (Vaibhav Gehlot) को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के दिग्गज़ नेता रामेश्वर डूडी ने आरसीए की चुनाव प्रक्रिया को तानाशाही बताया. डूडी ने कहा कि इन चुनावों में न केवल कानून और नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं, साथ ही हाईकोर्ट के आदेशों को रद्दी के टोकरे में डाला गया है. अब आगे पावर और सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग किया जाएगा और फर्जी तरीके से चुनाव परिणाम निकाले जाएंगे. उन्होंने कहा कि हम सभी को पता है कि आरसीए चुनाव का क्या परिणाम आ सकता है.

बता दें, बुधवार को आरसीए चुनाव (RCA Election) के लिए नामांकन का अंतिम दिन रहा. अध्यक्ष पद के लिए दो, उपाध्यक्ष के लिए चार, सचिव के लिए तीन और कोषाध्यक्ष पद के लिए चार आवेदन दर्ज हुए. नागौर जिला क्रिकेट संघ (Nagaur District Cricket Association) पर RCA ने पहले से ही बैन लगा दिया था लेकिन उसके बाद भी संघ के अध्यक्ष रामेश्वर डूडी, जिला एसोसिएशन के सचिव राजेंद्र नांदु और विनोद सहारण पर्चा दाखिल करने पहुंचे. स्टेडियम के बाहर हनुमान बेनीवाल के कहने पर आरएलपी के समर्थकों की भीड़ यहां मौजूद रही. भारी हंगामे के बीच डूडी सहित नांदु और सहारण ने पर्चा दाखिल कर दिया लेकिन चुनाव अधिकारी आरआर रश्मि के सूची न बदलने की बात कहते हुए तीनों का नामांकन रद्द कर दिया गया.

बड़ी खबर: RCA में जबरदस्त विवाद के बीच डूडी का नामांकन रद्द, सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं डूडी

कांग्रेस नेता रामेश्वर डूडी के बगावती तेवरों को उस समय और बल मिल गया जब महात्मा गांधी के जयंती पर मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने कहा कि बीजेपी के दरवाजे सभी के लिए खुलें हैं, अगर डूडी बीजेपी में आते हैं तो उनका स्वागत है. इससे पहले बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर RLP अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने डूडी का स्पोर्ट कर उनका उत्साहवर्धन किया. इसकी झलक एसएमएस स्टेडियम के बाहर भी देखने को मिली जब आरएलपी और डूडी के समर्थकों ने डूडी को कंधों पर उठाकर उनके समर्थन में नारे लगाए.

RCA चुनाव दो दिन बाद यानि 4 अक्टूबर को होने हैं. परिणाम भी उसी दिन घोषित हो जाएंगे. ऐसे में डूडी गुट के पास चुनाव अधिकारी के फैसले को बदलने के लिए केवल एक दिन शेष है. अगर गुरुवार को इस मुद्दे पर कोई फैसला आता है तो संभावना यही बनती है कि आरसीए के चुनाव कुछ समय के लिए या लंबे समय के लिए रद्द कर दिए जाएं. अगर कल कोई फैसला नहीं आता है तो वैभव गहलोत का आरसीए अध्यक्ष बनना करीब-करीब तय है. जोधपुर सचिव राम प्रकाश चौधरी अध्यक्ष पद के लिए वैभव को चुनौती दे पाएं, इसकी संभावना कम है. वैभव गहलोत के आरसीए का नया कप्तान बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट का उनके विपरित फैसला आने की उम्मीद भी नहीं के बराबर ही होगी.

RCA में जबरदस्त विवाद के बीच डूडी का नामांकन रद्द, सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं डूडी

RCA में बुधवार सुबह से हो रहे घमासान के बीच शाम होते होते एक के बाद एक नाटकीय मोड़ आते गए. चुनाव अधिकारी द्वारा नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन (Nagaur District Cricket Association) को अयोग्य ठहराए जाने के बाद हाईकोर्ट की मोनिटरिंग कमेटी में आवेदन कर रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) अपने समर्थकों के साथ आरसीए अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने पहुंचे. जहां भारी पुलिस बल और डूडी समर्थकों के बीच काफी धकामुक्की हुई. कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर डूडी, सचिव राजेंद्र नांदु और विनोद सहारण ने नामांकन दाखिल किए लेकिन चुनाव अधिकारी आरआर रश्मि ने डूडी समेत तीनों के नामांकन खारिज कर दिये. ऐसे में अब डूडी ने सुप्रीम कोर्ट … Read more

वीडियो खबर: गांधी जयंती पर नरेंद्र मोदी से क्यों नाराज हैं मुख्यमंत्री गहलोत

राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती (Gandhi Jayanti) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें देश की जनता से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए. गहलोत ने कहा कि इतने सालों से भाजपा या आरएएस को कभी राष्ट्रपिता की याद नहीं आयी. अच्छी बात है कि देर से सही लेकिन उन्हें इस बात का अहसास तो हुआ.

गांधी जयंती पर कांग्रेस अधिवेशन में फिर दिखी गहलोत-पायलट के बीच की खींचतान

जयपुर के बिड़ला सभागार में 150वीं गांधी जयंती (Gandhi Jyanti) के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित एक विशेष अधिवेशन में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) के बीच की खींचतान एक बार फिर से देखी गई. दरअसल अधिवेशन में धन्यवाद भाषण के दौरान मंच को संबोधित करते हुए पायलट ने सीधे-सीधे गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पार्टी में कुछ गलत हो रहा है तो आपमें बोलने की और मुझमें सुनने की शक्ति होनी चाहिए. अगर आप बोलने की ताकत नहीं रखते तो आप जनता की आवाज उठाने की ताकत नहीं रखते. अगर किसी में सुनने की शक्ति नहीं है तो उसमें शासन करने की शक्ति नहीं है.

सचिन पायलट के धन्यवाद भाषण से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जब अधिवेशन को संबोधित करने मंच पर पहुंचे तो उन्होंने ये कहते हुए पायलट पर निशाना साधा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के इस कार्यक्रम में मुझे बोलने के लिए केवल 10 मिनिट दिए गए हैं. इसके बाद सेवेम गहलोत ने गांधीजी के पद चिन्हों पर चलने का आव्हान आदि करते हुए अपना भाषण समाप्त किया. फिर सचिन पायलट ने धन्यवाद भाषण की शुरुआत में मुख्यमंत्री गहलोत को जवाब देते हुए कहा कि, “गहलोत साहब ने अभी कहा कि उन्हें केवल 10 मिनिट दिए गए, टाइप करने वालों ने हम सभी को बोलने के लिए 10 मिनिट का ही समय दिया गया है. लेकिन मैं दिल की गहराइयों से आपको यह कहना चाहता हूं कि जब तक मैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष हूं, आप जितना चाहें बोल सकते हैं. आपको कोई रोक टोक नहीं है“.

पायलट ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच आपसी संवाद होना चाहिए. उस संवाद के बाद ही सरकार को नीति निर्माण करना चाहिए. उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि अगर मैं पद से चिपके रहना चाहता हूं तो अपने मन की बात स्पष्टता से रखनी चाहिए. इस दौरान पायलट ने अपनी पिता स्व.राजेश पायलट और खुदके बीच हुए एक संवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी अपनी बात स्पष्टता से रखने के पक्षधर रहे. उन्होंने कहा कि स्पष्टवादिता में, संवाद करने में या फिर दो नेताओं के बीच मतभेद अगर होता है तो दोनों पक्षों की बाते सुनकर सही निर्णय लेने की ताकत होनी चाहिए. कांग्रेस पार्टी की संवाद की परंपरा रही है, अत: इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के आदर्शों पर एक संकल्प पत्र पढ़कर सुनाया.

इससे पहले बिड़ला सभागार में हुए इस विशेष अधिवेशन को गहलोत सहित मंत्री बीडी कल्ला, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, सह प्रभारी विवेक बंसल, पूर्व सांसद रघुवीर मीना, कांग्रेसी नेता गिरिजा व्यास और मोहन प्रकाश सहित कई गणमान्य हस्तियों ने संबोधित किया. विशेष अधिवेशन के दौरान बिरला सभागार में गांधीजी की यादों के झरोखे से एक प्रदर्शनी भी लगाई गई. इन फोटो के माध्यम से गांधीजी के स्वतंत्रता आंदोलन के लिए जनता को धन दान लेते हुए सहित राष्ट्रपिता की यादों के झरोखे से कई अहम छाया चित्र प्रदर्शित किए गए.

मंच को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस का गौरवशाली इतिहास रहा है. यहां के एक कार्यकर्ता मजबूती से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं. वहीं CWC सदस्य रघुवीर मीना ने कहा कि भाजपा वाले कांग्रेस को खत्म करने की बात करते है लेकिन जब तक नोट पर गांधीजी की फोटो रहेगी तब तक कांग्रेस खत्म नहीं होगी.

वहीं राज्य सरकार में मंत्री बीडी कल्ला ने विपक्ष पर गांधी के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म, जाति, प्रांत और भाषा के नाम पर होने वाली इस राजनीति का विरोध किया जाना चाहिए और कांग्रेसजन को महात्मा गांधी का संदेश घर-घर तक पहुंचाना चाहिए.

अभिनेता की तरह बात करते हैं पीएम मोदी

कांग्रेस के इस विशेष अधिवेशन में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मोदीजी ने विदेश नीति की धज्जियां उड़ाई है. वे अमेरिका में जाकर कह रहे हैं ‘अगली बार ट्रंप सरकार’ लेकिन अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति नहीं बने तो विदेश नीति कैसी रहेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह ट्रंप का हाथ पकड़कर घूमते हैं, वे एक अभिनेता की तरह अभिनय करते दिखाई देते हैं. इस दौरान ट्रम्प के नरेंद्र मोदी को ‘फादर ऑफ नेशन’ कहने पर भी एतराज जताया गया.

वीडियो खबर: डंके की चोट पर बसपा विधायकों को पद न देने की बात कहे गहलोत- कटारिया

राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Assembly) में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया (Gulab Chand Kataria) ने खींवसर में जबरदस्त भाषण देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) पर करारे प्रहार किए. कटारिया ने कहा कि छोटे-मोटे बहुमत से पार्टी बनाने के बाद गहलोत ने बसपा के विधायकों को कांग्रेस में शामिल कर लिया. ये राजनीतिक भ्रष्टाचार नहीं तो क्या है. बसपा अपनी हाथी पर बैठकर आई और सबको रोंदकर चली गयी. उस समय तो गहलोत कुछ नहीं कर पाया. कटारिया ने कहा कि अगर गहलोत में दम है और कहीं कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ तो डंके की चोट पर कहकर बताए कि शामिल हुए सभी 6 विधायकों को कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गहलोत हर बार जोड़तोड की राजनीति करता है. पिछली बार भी ऐसा ही किया था.