Congress
The Indian National Congress is a political party in India with widespread roots. Founded in 1885, it was the first modern nationalist movement to emerge in the British Empire in Asia and Africa.
बीजेपी से नाराज उदित राज ने थामा कांग्रेस का दामन
दिल्ली से टिकट कटने से नाराज उदित राज ने बीजेपी से नाता तोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया है. उदित राज राजधानी की उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद हैं. बीजेपी ने उनका टिकट काट सिंगर हंसराज हंस को थमा दिया है. टिकट कटने के बाद से ही उदित राज ने बागी तेवर अपनाना शुरू कर दिया था लेकिन पार्टी ने उनकी एक न सुनी. हालांकि उदित राज को कांग्रेस की तरफ से दिल्ली की किसी सीट से टिकट मिलने की कोई उम्मीद नहीं है. इसकी वजह है कि कांग्रेस ने दिल्ली के सभी टिकटों की घोषणा कर दी है. इससे पहले उदित राज ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय … Read more
क्रिकेट के बाद खेली सियासी पारी, कोई रहा नाबाद तो कोई फिसड्डी
देश की राजनीति में फिल्मी सितारों और साधु-संतों के अलावा क्रिकेटर्स ने भी अपनी किस्तम आजमाई है. इसी कड़ी में दिग्गज क्रिकेटर गौतम गंभीर भी राजनीतिक पारी खेलने के लिए चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. गंभीर बीजेपी से सियासी डेब्यू करते हुए पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं. अपने घर में पूजा-पाठ के बाद गंभीर ने नामांकन दाखिल कर दिया है. गौतम गंभीर की टीम इंडिया को 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 में 50 ओवर वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका रही है. साल 2019 का लोकसभा चुनाव फिर एक क्रिकेटर को सियासी दंगल में लाया है. 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 … Read more
अशोक गहलोत मोदी पर बरसे, 8 ट्वीट कर पीएम को घेरा
लोकसभा चुनाव के इस समर में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. दिग्गज नेता एक-दूसरे को घेरने के लिए वार-पलटवार में लगे हैं. बीते सोमवार को पीएम मोदी द्वारा उदयपुर की चुनावी सभा के संबोधन में सीएम अशोक गहलोत को लेकर कटाक्ष कर कहा था कि उन्हें अपने बेटे की चिन्ता है, बाकी सीटों की नहीं. इसे लेकर सीएम गहलोत ने भीलवाड़ा के मांडल में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम पर जमकर हमले बोले और एक के बाद एक सवालों के 8 ट्वीट जारी कर पीएम मोदी को घेरा. पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भीलवाड़ा के मांडल में खासे आक्रामक दिखे. यहां चुनावी जनसभा … Read more
बाबरी विध्वंस बयान के जवाब से संतुष्ट नहीं EC, साध्वी प्रज्ञा की मुश्किलें बढ़ी
मध्यप्रदेश की हॉट सीट भोपाल पर बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. बाबरी विध्वंस मामले पर बयान देकर फंसी साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है. भोपाल के कमला नगर थाने में साध्वी के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है. इसमें एक महीने की सजा या 200 रूपये के अर्थदंड या दोनों का प्रावधान है. बता दें कि टीटी नगर एसडीएम ने यह मामला दर्ज करवाया है. बता दें कि बाबरी विध्वंस पर विवादित बयान देकर घिरी बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा को इससे पहले भोपाल जिला निर्वाचन अधिकारी ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा … Read more
बेणेश्वर में BJP पर जमकर गरजे राहुल गांधी, गहलोत-पायलट ने भी साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर बांसवाड़ा के बेणेश्वर पहुंचे. यहां आते ही राहुल सबसे पहले बेणेश्वर धाम दर्शन के लिए पहुंचे. दर्शन करने के बाद राहुल गांधी ने सभा स्थल पर पहुंच लोगों को संबोधित किया. जनसभा में जहां एक तरफ वागड़ में गर्मी में तेजी देखने को मिली तो दूसरी तरफ सियासी पारा भी उबाल पर रहा. सभा में राहुल गांधी ने बीजेपी और नरेंद्र मोदी पर धावा बोला. इस अवसर पर सीएम अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट, अविनाश पांडे, गिरिजा व्यास, महेंद्रजीत मालवीय, कांग्रेस प्रत्याशी ताराचंद भगोरा एवं रघुवीर मीणा सहित अन्य कई कांग्रेस नेता-पदाधिकारी मंच पर मौजूद रहे. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल … Read more
राजस्थान: राष्ट्रवाद और कर्जमाफी के बीच फंसे झुंझुनूं के सियासी समीकरण
राजस्थान के शेखावाटी की झुंझुनूं लोकसभा सीट, वही संसदीय क्षेत्र है जहां विधानसभा चुनाव से पहले ‘मोदी तुझसे बैर नहीं-वसुंधरा तेरी खैर नहीं’ का नारा सियासी फिजा में तैरा था. यहां के मतदाताओं ने इस नारे को सही साबित करते हुए वसुंधरा राजे से बैर निकाल लिया. झुंझुनूं की आठ विधानसभा में से सिर्फ दो पर कमल खिला. बीजेपी का आकलन है कि वसुंधरा से नाराज लोगों का गुस्सा निकल चुका है. लोकसभा चुनाव में मोदी के नाम से वोट मिलेंगे.
बीजेपी ने झुंझुनूं की सांसद संतोष अहलावत का टिकट काटकर मंडावा विधायक नरेंद्र खींचड़ को मौका दिया है. खींचड़ विशेष रूप से तैयार करवाए गए ‘मोदी रथ’ पर सवार होकर जनता से वोट मांग रहे हैं. प्रचार के दौरान बीजेपी प्रत्याशी वोटर्स से कह रहे हैं कि पीएम भी नरेंद्र हैं और तुम्हारा प्रत्याशी भी नरेंद्र है. यदि दिल्ली में मोदी की सरकार बनानी है तो झुंझुनूं में नरेंद्र को चुनिए.
आपको बता दें कि झुंझुनूं सैनिक, कारोबारी, किसान और सरकारी कर्मचारी बाहुल्य वाला जिला है. लिहाजा रिटायर्ड सैनिक और उनका परिवार मोदी, राष्ट्रवाद और वन रैंक-वन पेंशन के आधार पर बीजेपी के पक्ष में झुका दिखाई दे रहा है. हालांकि कई रिटायर्ड फौजी मोदी के सर्जिकल स्ट्राइक पर सियासत करने से खुश भी नहीं हैं, लेकिन फिर भी वो मोदी को हीरो मान रहे हैं. झुंझुनूं की सियासत किसान और जवानों की धुरी पर ही घुमती है, जहां राष्ट्रवाद औऱ कर्ज माफी दो बड़े चुनावी मुद्दे बनते दिखाई दे रहे हैं.
भीतरघात दोनों दलों के लिए सिरदर्द
बात करें अंदरूनी कलह की तो झुंझुनूं सीट पर भीतरघात दोनों प्रत्याशियों के लिए सिरदर्द साबित हो रही है. बीजेपी ने मौजूदा सांसद संतोष अहलावत का टिकट काटकर नरेंद्र खीचड़ को मैदान में उतारा है. ऐसे में अहलावत और उनके संबंधी पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी नरेंद्र की राह में रोड़ा साबित हो सकते हैं. उधर कांग्रेस ने पहली बार ओला परिवार को दरकिनार करते हुए 5 बार विधायक रहे श्रवण कुमार को इस बार टिकट दिया है. इससे विधायक बृजेंद्र ओला और फतेहपुर विधायक हाकिम अली पर सबकी नजरें बनी हुई हैं.
जानकारों की मानें तो बृजेंद्र ओला ने अपने समर्थकों को गुपचुप जो संदेश देना था, वो दे दिया है. हाकिम अभी चुप हैं. वे चाहकर भी मुस्लिम वोट कांग्रेस से दूर नहीं करवा पाएंगे. उनकी एक मजबूरी यह भी है कि ऐसा करने का प्रयास करते ही अगले चुनाव में उनके टिकट और जीत, दोनों पर संकट के बादल मंडरा जाएंगे. हालांकि फतेहपुर से बाकी जातियों के वोट बटोरना भी श्रवण कुमार के लिए चुनौती है. मंडावा से खुद नरेंद्र विधायक हैं इसलिए उनको लीड मिलने की पूरी संभावना है.
इसके अलावा, यहां यह भी चर्चा है कि नरेंद्र से हारने वाली कांग्रेस प्रत्याशी रीटा चौधरी भी चाहती हैं कि नरेंद्र चुनाव जीत जाए क्योंकि फिर उपचुनाव होने से रीटा को मौका मिल सकता है. पूर्व पीसीसी चीफ चंद्रभान भी अभी तक श्रवण के समर्थन में प्रचार करते नहीं नजर आए हैं. सूरजगढ़ से श्रवण कुमार चुनाव हारे थे. यहां से बीजेपी विधायक सुभाष पूनिया के लिए बढ़त बनाए रखना जरूरी हो गया है. बाकी सभी विधायक जेपी चंदेलिया, जितेंद्र कुमार और राजकुमार पूरी तरह से श्रवण के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं. वहीं, बसपा विधायक राजेंद्र गुढा भी अंदरखाने कांग्रेस के साथ दिखाई दे रहे हैं.
बीजेपी एक बार खोल सकी खाता
शेखावाटी की झुंझुनूं सीट वैसे तो कांग्रेस का मजबूत किला रही है, लेकिन पिछली बार मोदी लहर में यहां पहली बार बीजेपी का कमल खिल गया. संतोष अहलावत ने शीशराम ओला की पुत्रवधू राजबाला ओला को करीब 2 लाख 34 हजार वोटों से चुनाव हराया. इस बार भी बीजेपी की यहां से जीत होती है तो सिर्फ मोदी मैजिक के बलबूते ही होगी जहां मुकाबला फिलहाल काफी रोचक होने की उम्मीदें है. श्रवण कुमार ने विधायक के तो चुनाव खूब लड़े हैं, लेकिन सांसद का चुनाव पहली बार लड़ रहे हैं इसलिए उन्हें जीतने के लिए बहुत ज्यादा जोर लगाना होगा. सियासी उठापठक में माहिर श्रवण कुमार के दांव-पेंचों पर सबकी नजर है.
झुंझुनूं के अन्य सियासी समीकरण
झुंझुनूं भी राजस्थान की राजनीति का जाट लैंड है, इसीलिए दोनों ही दलों ने जाट उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. ऐसे में जाटों के वोट आधे-आधे दोनों उम्मीदवारों के जाने के आसार है. मुस्लिम मतदाता यहां पर काफी निर्णायक है लेकिन एससी और जनरल वर्ग का झुकाव बीजेपी के पक्ष में दिखाई दे रहा है. जानकार मानते है कि जातियों के आधार पर किसी का पलड़ा भारी होने का अनुमान नहीं लगाया जा सकता क्योंकि यहां कि जनता बेहद समझदार और पढ़ी-लिखी है. यहां का मतदाता सोच-समझ कर अपना वोट इस्तेमाल करता है.
एक नज़र पिछले आंकड़ों पर भी
बात करें साल 2014 के लोकसभा चुनावों की तो झुंझुनूं सीट पर बीजेपी के संतोष अहलावत 4 लाख 88 हजार 182 वोट लेकर विजयी रहे. कांग्रेस प्रत्याशी राजबाला ओला को 2 लाख 54 हजार 347 वोट मिले और वे चुनाव हार गईं. 2009 के चुनावों में कांग्रेस के शीशराम ओला ने जीत दर्ज की थी. ओला को 3 लाख 6 हजार 330 वोट मिले. बीजेपी के दशरथ शेखावत को 2 लाख 40 हजार 958 मतों के साथ हार का सामना करना पड़ा. 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नज़र डालें तो यहां की कुल 8 सीटों में से 5 पर कांग्रेस का कब्जा है और दो सीटें बीजेपी के पास है जबकि 1 सीट बसपा के खाते में गई. झुंझुनूं, नवलगढ़, पिलानी, खेतड़ी व फतेहपुर पर कांग्रेस प्रत्याशी विजयी रहे तो सूरजगढ़ व मंडावा सीट पर बीजेपी ने बाजी मारी. उदयपुरवाटी सीट पर बसपा प्रत्याशी जीतकर विधानसभा पहुंचे.
लोकसभा चुनाव: तीसरे चरण का मतदान आज, 15 राज्यों की 116 सीटों पर वोटिंग
लोकसभा चुनावों का तीसरा चरण आज से शुरू हो गया है. 17वीं लोकसभा के लिए होने वाले चुनावों में 14 राज्यों की 115 सीटों पर मतदान होगा. इन सीटों पर 1612 प्रत्याशियों की किस्मत दाव पर लगी है. 142 महिला उम्मीदवार भी मैदान में हैं. मतदाना सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक अपने मत का इस्तेमाल कर सकेंगे. त्रिपुरा की एक सीट पर भी वोटिंग होगी. इस सीट पर दूसरे चरण में वोटिंग रद्द कर दी गई थी. इन राज्यों की निम्न सीटों पर होंगे मतदान गुजरात – 26 केरल – 20 कर्नाटक – 14 महाराष्ट्र – 14 उत्तर प्रदेश – 10 छत्तीसगढ़ – 6 ओडिशा – 6 … Read more