राज्यवर्धन राठौड़ ने जयपुर ग्रामीण से दाखिल किया नामांकन

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‘ओलंपिक मैन’ राज्यवर्धन सिंह राठौड़ आज नामांकन दाखिल कर दिया है. उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी जगरूप सिंह यादव को नामांकन सौंपा. उनका प्रचार और समर्थन करने खुद आध्यात्मिक गुरू बाबा रामदेव भी जयपुर पहुंचे हैं. नामांकन से पहले राज्यवर्धन मोती डूंगरी स्थित गणेश मंदिर पहुंचे और बप्पा का का आशीर्वाद लिया. राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी हैं. वह दूसरी बार इसी सीट से चुनावी मैदान में हैं. उनके सामने कांग्रेस की कृष्णा पूनिया हैं. नामांकन के समय किरोडी मीणा, सतीश पूनिया व राव राजेंद्र सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे. राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने देश को ओलंपिक गेम्स में रजत पदक जीत सम्मान दिलाया है. … Read more

लोकसभा चुनाव के रण में राजस्थान की इस सीट पर मोदी के भरोसे राहुल

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केंद्र में एक बार फिर सत्ता बनाने में जुटे नरेंद्र मोदी के लिए देशभर में भले ही अनुकूल परिस्थितियां मानी जा रहीं हों, लेकिन पश्चिमी राजस्थान की अधिकांश सीटों पर पेंच फंसता नजर आ रहा है. इसका कारण न तो मोदी है और न ही उनकी पार्टी की नीतियां. कारण है तो सिर्फ सांसद और उनकी कार्यशैली. इस​ बीच, ये कहना भी गलत नहीं होगा कि प्रत्याशी सांसद ने जिन नेताओं को पहले पीछे करने की कोशिश की थी, अब वो ही सब मिलकर सांसद को हराने में जुटे हैं. चूरू लोकसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी राहुल कस्वां अपने पारिवारिक राजनीतिक इतिहास के दम पर एक बार फिर टिकट ले … Read more

योगी-माया के बाद आजम-मेनका पर चुनाव आयोग का चाबुक, प्रचार पर प्रतिबंध

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चुनाव आयोग ने सपा नेता आजम खान और मेनका गांधी पर आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में चाबुक चलाया है. आयोग ने आजम खान पर 72 घंटे और मेनका गांधी पर 48 घंटे तक चुनाव प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह अवधि मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू होगी. आपको बता दें कि आजम खान सपा के टिकट पर यूपी की रामपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. जबकि मोदी सरकार की मंत्री मेनका गांधी यूपी की सुल्तानपुर सीट से मैदान में हैं. उन्होंने एक सभा के दौरान वोट नहीं देने पर काम नहीं करने की बात … Read more

टोंक-सवाई माधोपुर सीट पर कितना असरदार साबित होंगे कर्नल बैंसला?

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लोकसभा चुनाव के रण में कोई जातिगत समीकरणों के भरोसे है तो कोई जाति के झंडाबरदारों के भरोसे. राजस्थान की टोंक-सवाई माधोपुर सीट पर भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है. बीजेपी ने यहां सुखबीर सिंह जौनपुरिया को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने नमोनारायण मीणा को टिकट दिया है. बीजेपी और कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक के अलावा जहां जौनपुरिया को गुर्जर वोटों पर भरोसा है, वहीं नमोनारायण को मीणा मतदाताओं से उम्मीद है.

बीजेपी उम्मीदवार की बात करें तो 2014 के चुनाव में टोंक-सवाई माधोपुर सीट से आसानी से जीत दर्ज करने वाले सुखबीर सिंह जौनपुरिया गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के बीजेपी में शामिल होने से उत्साहित हैं. उन्हें उम्मीद है कि बैंसला के पार्टी में आने से गुर्जरों के एकमुश्त वोट उनको मिलेंगे. बैंसला राजस्थान में हुए गुर्जर आरक्षण आंदोलन के सबसे बड़े चेहरे रहे हैं. उनकी अगुवाई में ही गुर्जरों ने कई दौर का आंदोलन किया. गुर्जर जाति पर उनकी पकड़ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

ऐसे में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के बीजेपी में शामिल होने के बाद लोगों के जहन में एक ही सवाल उठ रहा है कि उनकी घर वापसी से पार्टी को कितना फायदा होगा. टोंक-सवाई माधोपुर उन सीटों में शामिल हैं, जहां के सियासी समीकरणों पर बैंसला असर डाल सकते हैं. वैसे गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान बीजेपी प्रत्याशी सुखबीर सिंह जौनपुरिया भी खासे सक्रिय रहे थे. चाहे आंदोलन में मारे गए गुर्जरों को परिजनों को आर्थिक सहायता देने की बात हो या कोटपूतली में स्मारक बनाने का मामला, जौनपुरिया हमेशा आगे रहे.

जौनपुरिया गुर्जर शहीद सम्मान रैली में हजारों की भीड़ इकट्ठी कर चर्चा में आए. इससे पहले पुष्कर मेंं हुई अखिल भारतीय गुर्जर संघर्ष समिति की बैठक में उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. इसी दौर में जौनपुरिया कर्नल बैंसला के संपर्क में आए. उन्होंने टोंक-सवाई माधोपुर में अपने लिए सियासी संभावना तलाशने के लिए गंगापुर सिटी विधायक मान सिंह गुर्जर और देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर से मेलजोल बढ़ाया.

सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने 2009 के चुनाव में टोंक-सवाई माधोपुर से टिकट मांगा था, लेकिन बीजेपी ने उन्हें यहां से मौका नहीं दिया. पार्टी ने यहां से कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला को मैदान में उतारा. उनके सामना कांग्रेस के नमोनारायण मीणा से हुआ. इस मुकाबले में बैंसला महज 313 वोटों से चुनाव हारे. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार के दबाव में राज्य निर्वाचन आयोग ने गड़बड़ी कर मीणा को जिताया. बैंसला ने चुनाव परिणाम को कोर्ट में भी चुनौती दी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.

कुछ समय बाद किरोड़ी सिंह बैंसला ने बीजेपी को अलविदा कह सक्रिय राजनीति से नाता तोड़ लिया. लोकसभा चुनाव से पहले उनके कांग्रेस में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे. वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिले भी, लेकिन आखिर में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया. दस साल बाद किरोड़ी सिंह बैंसला एक बार फिर टोंक-सवाई माधोपुर की सियासत में चर्चा के केंद्र में हैं, लेकिन उम्मीदवार की हैसियत से नहीं, बल्कि संरक्षक की भूमिका में.

इलाके की राजनीति को जानने वालों की मानें तो जौनपुरिया और बैंसला के गठजोड़ से बीजेपी उन गुर्जर वोटों में सेंध लगा सकती है जो सचिन पायलट की वजह से कांग्रेस में चले गए थे. यदि सुखबीर सिंह जौनपुरिया गुर्जर वोटों को साधने में कामयाब हो जाते हैं तब भी उनकी राह आसान नहीं है. उन्हें पार्टी के भीतर खेमेबंदी और गुटबाजी से जूझना पड़ रहा है. पूर्व विधायक दीया कुमारी चुनाव लड़ने के लिए राजसमंद कूच कर चुकी हैं.

पूर्व मंत्री प्रभूलाल सैनी और मालपुरा विधायक कन्हैया लाल चौधरी उनके साथ नहीं लग रहे. वहीं, उनियारा नगर पालिकाध्यक्ष राकेश बढ़ाया, मालपुरा में उप जिला प्रमुख अवधेश शर्मा, आत्मज्योति गुर्जर और छोगालाल विधानसभा चुनावों में ही कांग्रेस ज्वाइन कर चुके हैं. अब सुखबीर सिंह जौनपुरिया के सामने कांग्रेस उम्मीदवार के निपटने के अलावा अपनी पार्टी में जारी खेमेबंदी और गुटबाजी से पार पाना बड़ी चुनौती है. चुनाव में हार-जीत इस बात पर काफी निर्भर करेगी कि जौनपुनिया इन सबसे कैसे निपटते हैं.

आप-कांग्रेस गठबंधन पर राहुल का ट्वीट, केजरी पर लगाया यू-टर्न मारने का आरोप

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन पर चुप्पी तोड़ी है. अपने ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर यू-टर्न मारने का आरोप लगाया है. राहुल गांधी ने ट्वीट में कहा, ‘दिल्ली में आप-कांग्रेस गठबंधन का मतलब है बीजेपी को मात. पार्टी आम आदमी पार्टी को चार सीटें देने के लिए तैयार है लेकिन केजरीवाल ने दूसरा यू-टर्न मार लिया. हमारे सभी द्वार खुले हुए हैं लेकिन समय लगातार गुजर रहा है.’ An alliance between the Congress & AAP in Delhi would mean the rout of the BJP. The Congress is willing to give up 4 Delhi seats to the AAP to … Read more

यूपी के दूसरे चरण में आलू बड़ा मुद्दा, गन्ना की तरह रहेगा हावी !

लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ स्थानीय मुद्दे भी अक्सर छाए रहते हैं, क्षेत्रिय समस्याओं को लेकर स्थानीय लामबंद होकर एक स्वर में कई बार ऐसे मुद्दों को उठाते रहे हैं और इन मुद्दों ने राजनीतिक हवा बदलने के साथ-साथ चुनावी नतीजों पर भी असर डाला है. बात करते हैं यूपी में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के पहले चरण की, तो यहां गन्ना एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा और विभिन्न राजनितिक पार्टियों के उम्मीदवारों ने भी इसे ध्यान में रखा. अब यूपी में 18 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में आठ लोकसभा सीटों में आलू बड़ा चुनावी मुद्दा हो सकता है. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इन … Read more

बदले समीकरण के साथ बीजेपी को झटका देने की तैयारी में छतीसगढ़ !

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11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के साथ ही देश में चुनावी दंगल की शुरुआत हो चुकी है. पहले चरण में 18 राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 91 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है. छतीसगढ़ की नक्सल प्रभावित बस्तर लोकसभा सीट भी इसमें शामिल है. अब प्रदेश की तीन सीटों पर मतदान 18 अप्रैल और 7 सीटों पर 23 अप्रैल को वोट पड़ेंगे. 2014 के लोकसभा चुनाव में छतीसगढ़ भी पूर्णतया मोदी लहर पर सवार था. प्रदेश की 10 सीटों पर बीजेपी ने कब्जा किया था. कांग्रेस के हाथ केवल एक सीट लगी थी जिसपर ताम्रध्वज साहु ने कब्जा जमाया था. कयास लगाए जा … Read more

यूपी में बीजेपी ने आठ सीटों पर खोले पत्ते, अभिनेता रवि किशन गोरखपुर प्रत्याशी

देश में चुनावी रंग लगातार और गहरा होता जा रहा है, जैसे-जैसे विभिन्न सीटों पर विभिन्न चरण में मतदान होने वाली तारिखें नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक पार्टियां अपने पत्ते खोलकर घोड़े दौड़ाने में लग चुकी हैं. इसी क्रम में बीजेपी ने उत्तरप्रदेश में पूर्वांचल की आठ सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. जिसमें योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर लोकसभा सीट पर एक बार फिर ब्राह्मण दांव खेला है. यहां से भोजपुरी फिल्म स्टार रवि किशन को प्रत्याशी बना मैदान में उतारा है. वहीं अब तक क्यास लगाये जा रहे थे कि गोरखपुर से मौजूदा सांसद प्रवीण निषाद को फिर मौका दिया जाएगा. लेकिन … Read more

हुड़ला कुछ नहीं, वसुंधरा के इशारे पर हुआ मेरा विरोध: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा

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दौसा के टिकट पर बीजेपी के भीतर हुए दंगल पर राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पॉलिटॉक्स से खुलकर बातचीत की. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधते हुए पार्टी उम्मीदवार जसकौर मीणा के लिए प्रचार करने की बात कही. कई दिनों तक चले संस्पेंस के बाद बीजेपी ने जसकौर मीणा को दौसा सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया है. इस सीट पर राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा अपनी पत्नी गोलमा देवी, भाई जगमोहन मीणा या अपनी पसंद के किसी दूसरे नेता को टिकट दिलवाना चाहते थे जबकि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे विधायक ओमप्रकाश हुड़ला की पत्नी को उम्मीदवार बनाने के पक्ष में थीं. दोनों में से किसी को पीछे नहीं हटता देख पार्टी ने जसकौर मीणा को प्रत्याशी बनाया है. इस मामले पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पॉलिटॉक्स के साथ खुलकर बातचीत की. पेश हैं संपादित अंश-

-दौसा सीट पर बीजेपी ने आपकी पसंद से उम्मीदवार नहीं उतारा.
– अपना पराया कोई नहीं होता. पार्टी ने अब जो तय कर दिया है, वो ही हमारी उम्मीदवार है. पार्टी का निर्णय ही अहम होता है.

– लेकिन आपकी जिद के चलते ही टिकट घोषणा काफी देरी से हुई.
– हां, यह सही है. मैंने मेरी राय रखी थी. सारे समीकरण बताए थे पार्टी के आला नेताओं को. यह पार्टी की मर्जी थी किसे टिकट दी गई और किसे नहीं दी गई.

– पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की चली दौसा टिकट वितरण में तो.
– वसुंधरा राजे दस साल राजस्थान की सीएम रही हैं. पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. उनकी क्यों नहीं चलेगी? चलनी भी चाहिए उनकी. दौसा के टिकट में उन्हीं की चली है.

– वसुंधरा राजे के बारे में आप फिर खुलकर बयानबाजी करने लगे हैं.
– मैंने कहा था कि विधानसभा चुनाव से पहले वसुंधरा राजे को फेस घोषित करना गलता था, क्योंकि सत्ता विरोधी लहर बहुत थी. ऐसे में राजे को चेहरा घोषित करने पर भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा. राजे खेमे के लोगों ने मेरे नाम को लेकर दुष्प्राचर किया कि मेरे कहने पर 17 से 22 टिकटें विधानसभा चुनाव के दौरान बांटी गईं, लेकिन सच्चाई है कि कोई टिकट मेरे कहने पर नहीं बांटी गई. गोलमा ने भी मना किया था चुनाव लड़ने के लिए. मैं साजिश का शिकार हुआ हूं.

– अब जसकौर और पार्टी का प्रचार करना ही होगा आपको.
– बिल्कुल मैं जसकौर का प्रचार करुूंगा. उनके लिए वोट भी मांगूगा. साथ ही सात-आठ सीटों पर भी प्रचार करने जाऊंगा. जहां पार्टी कहेगी वहां प्रचार के लिए जरूर जाऊंगा.

– क्या केंद्र में मोदी फिर से आएंगे?
– पूरे देश में भाजपा के पक्ष में माहौल है. लोग चाहते है कि मोदी जी एक बार फिर देश के पीएम बनें.

– फिर राजस्थान में विधानसभा चुनाव क्यों हारी भाजपा?
– राजस्थान में विधानसभा चुनाव के दौरान यह देखने को मिला कि लोग मोदी और पार्टी से नाराज नहीं थे, बल्कि जो भी नाराजगी थी वो वसुंधरा राजे से थी.

– ओमप्रकाश हुड़ला को लेकर क्या कहना है आपको.
– हुड़ला क्या है? वो तो कुछ भी नहीं है. मैं उसकी चर्चा तक नहीं करना चाहता. हुड़ला तो वसुंधरा राजे का एक पैदा किया गया विरोध था महज.

– आप अपने समर्थकों को चुप रहने और राष्ट्र प्रथम की घुट्टी पिला रहे हैं.
– बिल्कुल, मेरे लिए सबसे पहले है राष्ट्र है, फिर आती है पार्टी और लास्ट में मेरे लिए है मेरा समाज.