वीडियो खबर: कायम है सिंधिया महाराज का जलवा

एक दिन के दौरे पर इंदौर (Indore) पहुंचे कांग्रेस के दिग्गज नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अपने राजनीतिक कौशल की सियासी चाल से मध्यप्रदेश की राजनीति को फिर से गरमा दिया. सिंधिया ने उनके प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले सुरेश पचौरी , दिग्विजयसिंह और कमलनाथ गुट के नेताओं से अलग-अलग उनके घर जाकर मुलाकात की और साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से वन टू वन मुलाकात कर एक तरह से शक्ति प्रदर्शन भी किया. जिसके बाद से मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के राजनीतिक गलियारों में भी हलचलें तेज हो गई.

वीडियो खबर: इंदौर में क्या बोल गए ज्योतिरादित्य सिंधिया

ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अपनी ही सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि अगर अवैध खनन का कारोबार नहीं रुका तो वह आगे आने को मजबूर होंगे. उन्होंने रेत के अवैध खनन और कारोबार में लगे लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.

सिंधिया ने इंदौर में दिखाया राजनीतिक कौशल, कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त क्रेज

कहते हैं सत्ता के लिए जो बन पड़े वो कम है, अपने एक दिन के दौरे पर इंदौर (Indore) पहुंचे कांग्रेस (Congress) के दिग्गज नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अपने राजनीतिक कौशल की सियासी चाल से मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की राजनीति को फिर से गरमा दिया. रविवार को इंदौर में सिंधिया ने उनके प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले सुरेश पचौरी (Suresh Pachouri), दिग्विजयसिंह (Digvijay Singh) और कमलनाथ (Kamalnath) गुट के नेताओं से अलग-अलग उनके घर जाकर मुलाकात की और साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से वन टू वन मुलाकात कर एक तरह से शक्ति प्रदर्शन भी किया. जिसके बाद से मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी हलचलें तेज हो गई.

मध्यप्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिक्स में इन दिनों राजनीतिक रस्साकस्सी का दौर लगातार जारी है. इसी बीच इंदौर में रविवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का मालवा की सियासत में एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. एक दिन के दौरे पर इंदौर पहुंचे कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी अलग राजनीतिक चाल से सभी को चौंका दिया. कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल ज्योतिरादित्य सिंधिया का इंदौर पहुंचने पर कार्यकताओं ने जमकर स्वागत किया. सिंधिया ने इंदौर में पार्टी के तमाम खेमों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की.

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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंदौर पहुंचते ही अलग-अलग गुटों के नेताओं के घर पर जाकर मुलाकात की. एयरपोर्ट से सबसे पहले सिंधिया सीधे सुरेश पचौरी के गुट से आने वाले विधायक संजय शुक्ला के घर पहुंचे और करीब एक घंटे तक सिंधिया ने संजय शुक्ला के साथ चर्चा की. ना सिर्फ चर्चा की बल्कि इस दौरान सिंधिया ने नाश्ता भी किया. इसके बाद सिंधिया इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत शशिन्द्र जलधारी के घर वालों से मिलने उनके घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया.

इसके बाद सिंधिया यहां से सीधे एमएलए विशाल पटेल से मिलने उनके घर पहुंचे. विशाल पटेल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के काफी करीबी माने जाते हैं, ऐेसे में सिंधिया और विशाल पटेल की मुलाकात भी जमकर चर्चाओं में रही. मुलाकात का दौर यहीं खत्म नहीं हुआ बल्कि सिंधिया ने इसके बाद इंदौर से सांसद का चुनाव लड़ चुके पंकज संघवी और मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी कहे जाने वाले इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल से भी घर जाकर मुलाकात की.

इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इंदौर मेरा घर है और मालवा से मेरा खास लगाव है. मध्य प्रदेश और देश में कांग्रेस संगठन को पुनर्जीवित करना बहुत जरूरी है. हांलाकि अलग-अलग गुटों के नेताओं से मिलने के पीछे की वजह क्या थी, इसका सिंधिया ने जवाब नहीं दिया. सिंधिया ने कहा कि इंदौर से उनका अलग लगाव है ऐसे में वे कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए पहुंचे हैं. लोगों की परेशानी और उनकी आवाज़ को शासन, प्रशासन और सरकार तक हम पहुंचाएंगे.

इसके बाद बारी आई सिंधिया के शक्ति प्रदर्शन की, इंदौर के रंगून गार्डन में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने करीब दो घंटे तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सिलसिलेवार मुलाकात की. इसके लिये बनाए गए विशाल पंडाल में सिंधिया की तस्वीरों के अलावा, उनके दिवंगत पिता माधवराव सिंधिया और सूबे के मुख्यमंत्री कमलनाथ के पोस्टर प्रमुखता से लगाये गये थे. सिंधिया से मुलाकात के लिए समर्थकों और नेताओं का जमावड़ा लगा. खास बात तो यह थी कि इंदौर ही नहीं मालवा और निमाड़ के कई सिंधिया समर्थक भी इस कार्यक्रम में मुलाकात के लिए बेताब नजर आए.

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इस दौरान सिंधिया ने मंच पर ही एक-एक कार्यकर्ता से वन टू वन मुलाकात शुरू की. सिंधिया जब मंच पर मौजूद थे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी स्टेज पर चढ़ने की होड़ लग गई, मंच पर चढ़ने के लिए कार्यकर्ता बेकाबू हो गए और हंगामा शुरू कर दिया. देखते ही देखते बात कुर्सियां उछालने तक जा पहुंची. कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर कुर्सियां उछालनी शुरू कर दीं. ज्योतिरादित्य सिंधिया कार्यकर्ताओं की इस हरकत से नाराज हो कर मंच से उतर गए और कार्यक्रम से चले गए.

बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं से ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस मुलाकात को राजनीतिक के जानकार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल सिंधिया के शक्ति प्रदर्शन के तौर देख रहे हैं. कार्यक्रम के बाद सिंधिया ने संवाददाताओं से कहा, “मैंने करीब 3,000 कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आज सीधी मुलाकात की, अपना खून-पसीना बहाकर सूबे में कांग्रेस की सरकार बनवाने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं की आन-बान-शान कायम रखना मेरा फर्ज है. केवल मध्यप्रदेश में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कांग्रेस संगठन को फिर से जीवित करना अति महत्वपूर्ण है. इस काम के लिये सभी कांग्रेस नेताओं ने संकल्प लिया है.” वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर दावेदारी के सवाल पर सिंधिया ने कहा,‘‘पार्टी आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, वह उन्हें स्वीकार होगा.’’

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की आहट के बीच अपने-अपने नेता को अध्यक्ष बनवाने के लिए गुटबाजी तेज हो गई है. राजधानी भोपाल से लेकर दिल्ली तक रस्साकस्सी चल रही है. ऐसे में मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज सुरेश पचौरी, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ गुट से जुड़े नेताओं से उनके घर जाकर अलग-अलग मुलाकात करने का सिंधिया का ये खास अंदाज राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा. पचौरी गुट से ताल्लुक रखने वाले विधायक संजय शुक्ला के घर सिंधिया पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया. हालांकि बाद में संजय शुक्ला सफाई देते नजर आए और कहा कि उनको (सिंधिया) को बुलाया नहीं था वो उनकी मां की तबीयत पूछने घर पहुंचे थे. सिंधिया पार्टी के बड़े लीडर हैं ऐसे में वो घर आए तो उनका स्वागत किया गया.

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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया की इंदौर में हुई इस लंच डिप्लोमेसी को लेकर बीजेपी ने भी पलटवार कर दिया है. बीजेपी के सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि सिंधिया ये सब पीसीसी चीफ की कुर्सी पाने के लिए कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी और प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के आगे कांग्रेस में किसी की नहीं चलती, ये बात सिंधिया को भी समझनी चाहिए.

गौरतलब है कि कमलनाथ को राज्य विधानसभा चुनाव से करीब सात महीने पहले अप्रैल 2018 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था. अभी हाल ही में कमलनाथ ने दिल्ली में अपने एक बयान में कहा था कि मुख्यमंत्री बनने के ठीक बाद उन्होंने पार्टी आलाकमान के समक्ष प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश की थी. बहरहाल, मध्य प्रदेश कांग्रेस में सत्ता और संगठन के बीच जो खींचतान चल रही है उसके बाद सिंधिया की इस लंच डिप्लोमेसी के कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं. अब आने वाले दिनों में सिंधिया का ये खास अंदाज कौन से राजनीतिक समीकरणों को जन्म देता है यह देखना दिलचस्प होगा.

वीडियो खबर: हिन्दी दिवस पर सीएम गहलोत का मोदी पर पंच

राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने हिन्दी दिवस (Hindi Diwas) पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का विदेशों में सम्मान कांग्रेस की देन है. उन्होंने कहा कि मोदी राज में जो बोलता है, उसको देशद्रोही कहा जाता है… अगर बोलना गलत है तो मैं देशद्रोही हूं.

प्रियंका गांधी ने क्रिकेट मैच से समझाया अर्थव्यवस्था का गणित

प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने पिछले कुछ दिनों से अर्थव्यवस्था (Indian Economy) पर मोदी सरकार और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को आड़े हाथ लिया हुआ है. सोशल मीडिया (Social Media) पर तीखे ट्वीट के सहारे प्रियंका के मोदी 2.0 सरकार पर लगातार हमले आक्रामक होते जा रहे हैं. इस बार प्रियंका गांधी ने एक क्रिकेट मैच का वीडियो लगाकर मोदी सरकार और देश में अर्थव्यवस्था संकट पर निशाना साधा. ट्वीट में उन्होंने लिखा कि जैसे एक सही कैच पकड़ने के लिए गेंद पर बराबर नजर रखनी पड़ती है वैसे ही राजनीति में भी करना पड़ता है. लेकिन सरकार अपना सारा दोष गणित, ओला-उबर और इधर-उधर की बातों पर मढ़ … Read more

वीडियो खबर: हिन्दी दिवस पर अमित शाह का दमदार भाषण

हिन्दी दिवस (Hindi Diwas) के मौके पर देशवासियों को बधाई देते हुए देश के गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने एक राष्ट्र-एक भाषा के फॉर्मूले को अपनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि ‘देश की एक भाषा हो’ इसी को याद रखते हुए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने राजभाषा की कल्पना की थी और इसके लिए हिंदी को स्वीकार किया. मौजूदा समय में जरूरत है कि देश की एक भाषा हो, जिसके कारण विदेशी भाषाओं को जगह न मिले.

रियल एस्टेट सेक्टर के लिए वित्तमंत्री सीतारमण ने किए बड़े एलान

लगातार आ रही आर्थिक मंदी की खबरों से परेशान केन्द्र सरकार (Central Government) अब इससे निपटने के हर सम्भव प्रयास कर रही है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmla Sitharaman) ने शनिवार को दिल्ली में अपनी तीसरी प्रेसवार्ता (Press Conference) कर सरकार के प्रयासों से अवगत करवाया. वित्तमंत्री ने अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग को लेकर कई बड़े एलान किए. इसके तहत 60 फीसदी तक पूरे हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट, जो अभी बन्द या अधूरे पड़े हैं उनको अब सरकार पूरा करेगी. हालांकि इसके लिए एक शर्त है कि हाउसिंग प्रोजेक्ट पर एनपीए यानी नॉन परफोर्मिंग ऐसेट न हो और एनसीएलटी यानी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में उस प्रोजेक्ट … Read more

‘मोदी का विदेशों में सम्मान कांग्रेस की देन’, हिन्दी दिवस पर बोले गहलोत

आज हिन्दी दिवस (Hindi Diwas) है. हिन्दी दिवस और राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी (Rajasthan Hindi Granth Academy) के 50 साल पूरे होने के अवसर पर प्रदेश की राजधानी जयपुर के बिड़ला सभागार में शनिवार को राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी का स्वर्ण जयंती समारोह (Golden Jubilee Celebrations) मनाया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने शिरकत की. विशेष गणमान्य अतिथियों में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, मंत्री सुभाष गर्ग ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. इस अवसर पर राज्य के विभिन्न हिंदी ग्रंथ लेखकों और साहित्यकारों का सम्मान किया गया.

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75वीं जयंती वर्ष के बैनर तले मनाए जाने वाले इस अति विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक समय है. एक ओर गांधीजी की 150वी जयंती मनाई जा रही है वहीं दूसरी तरफ राजीव गांधी की 75वी जयंती मना रहे हैं जिन्होंने देश में कंप्यूटर और मोबाइल की नीव रखी. यह भी एक खुशी का अवसर है कि हिन्दी ग्रंथ अकादमी इस साल स्वर्ण जयंती मना रही है. उन्होंने कहा कि राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी लेखकों को प्रोत्साहित करने और सम्मान स्वरूप ऑनलाइन पेमेंट करने का काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी.

हिन्दी दिवस पर मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हमारे देश मे विभिन्न भाषाएं है. ये हमारी ताकत है. हिन्दी राष्ट्रभाषा के रूप में और अधिक विकसित होनी चाहिए, ऐसा मेरा मानना है. हिन्दी का देश की आजादी में भी अहम योगदान रहा जिसे महात्मा गांधी ने भी माना था. गहलोत ने आगे कहा कि जब मैं 20 साल पहले मुख्यमंत्री बना तो मैंने पत्रकार और साहित्यकार कोष शुरू किया. मेरी सोच थी कि लेखकों और कलाकारों को सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है जितना काम हिन्दी को आगे बढ़ाने के लिए होने चाहिए, वे अभी तक हुए नहीं है जबकि इस भाषा के लिए अलग से विभाग भी बने हुए है. उन्होंने लेखकों से अपील की कि हिन्दी को आगे बढ़ाने में मदद कीजिए, सरकार आपके साथ है.

बड़ी खबर: मोदीजी ने ऐसा माहौल बनाया कि जैसे चार महीनों में ही हम मंगल पर पहुंच गए

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हिन्दी के लिए एक आयोजन करने की कोशिश की जैसी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में होती है. अगर इस तरह का कार्यक्रम हिन्दी के लिए प्रदेश में हो तो मैं उसमें जरूर सहयोग करूंगा. साथ ही प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाते हुए कहा है आपने मुझे तीसरी बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया, इसके लिए मैं आभारी हूं. मेरी कोशिश रहेगी जितना काम हो सके, मैं आपके लिए कर सकूं.

मोदी का विदेशों में सम्मान कांग्रेस की देन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज मोदीजी का विदेशों में सम्मान होता है तो इसके पीछे हमारी 70 साल की मेहनत है. आज देश का जो मान सम्मान बढ़ा है, उसके पीछे 70 साल की मेहनत है. पाकिस्तान के खिलाफ हम सरकार के साथ है.

वहीं अनुच्छेद 370 और अर्थव्यवस्था पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि देश का लोकतंत्र महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और मौलाना आजाद जैसे अनेक लोगों की देन है जिन्होंने 70 साल तक लोकतंत्र को मजबूत किया. आज मोदीजी प्रधानमंत्री बने उसके पीछे केवल लोकतंत्र है. मोदीजी इसरो में गए जिसकी स्थापना नेहरू जी ने की थी. आज जहां से उपग्रह छोड़े जा रहे है. ऐसा नहीं है कि प्रधानमंत्री बनने के 4 महीने के अंदर ये उपग्रह छोड़े जा रहे हैं. इसके पीछे कई लोगों की मेहनत लगी हुई है.

अर्थव्यवस्था पर पलटवार करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि मोदी राज में अर्थव्यवस्था की हालत खराब है. नौकरी मिलना दूर की कोड़ी बनता जा रहा है. जम्मू कश्मीर में 40 दिन से लोग घरों में बंद है जो गलत है. जो बोलता है उसको देशद्रोही कहा जाता है. अगर बोलना गलत है तो मैं देशद्रोही हूं. केंद्र सरकार का धर्म के नाम पर राजनीति करना लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है.

वीडियो खबर: सत्ता की लड़ाई पहुंची दिल्ली दरबार

राजधानी दिल्ली (Delhi) में हुई AICC बैठक के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) 10, जनपथ स्थित कांग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के आवास पर पहुंचे. वहां कई मुद्दों सहित प्रदेश में लचर कानून व्यवस्था पर भी बातचीत हुई. गहलोत के वहां से निकलने के बाद डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) भी वहां पहुंचे और कांग्रेस अध्यक्ष से वार्ता की.