लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 66 फीसदी मतदान, जम्मू-कश्मीर में सबसे कम

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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 95 संसदीय सीटों के हुए गुरूवार को केवल 66 फीसदी मतदाताओं ने अपने वोट का इस्तेमाल किया. हिंसा की छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक हुआ. सर्वाधिक मतदान पं.बंगाल में हुआ है. यहां 76.43 फीसदी मतदान हुआ है. सबसे कम जम्मू-कश्मीर में हुआ. यहां केवल 45.28 फीसदी वोटिंग हुई है. मणिपुर में 76.15 फीसदी और असम में 76.14 फीसदी मतदान हुआ है. इनके अलावा, पुडुचेरी में 75.15, छत्तीसगढ़ में 66.50, तमिलनाडू में 72 फीसदी, ओडिशा में 64, बिहार में 65.52, उत्तर प्रदेश में 62.3 और महाराष्ट्र में 62 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले. ​कर्नाटक में 61.80 … Read more

BJP के केंद्रीय नेतृत्व के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी जोधपुर सीट

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लोकसभा चुनाव के रण में ज्यादा से ज्यादा सीट जीतने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने पूरा जोर लगा रखा है. राजस्थान में दोनों ही पार्टियां ‘मिशन-25’ के साथ मैदान में हैं. इसे हासिल करने के लिए दिग्गज नेता जमकर पसीना बहा रहे हैं. वैसे तो दोनों पार्टियों की सभी सीटों पर नजर है, लेकिन जोधपुर सीट पर फोकस सबसे ज्यादा है. जोधपुर से बीजेपी ने मोदी सरकार के मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को टिकट दिया है जबकि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को मौका दिया है. अब तक के चुनाव प्रचार में यह माना जा रहा था कि यह सीट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए प्रतिष्ठा … Read more

ग्राउंड रिपोर्ट: ज्योति और हनुमान में से किसे चुनेगी नागौर की जनता?

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नागौर के बारे में कहा जाता है कि जिस पर ना करें कोई गौर, वो है नागौर, लेकिन राजस्थान की इस सीट पर इन दिनों सबकी नजर है. कांग्रेस ने यहां से ज्योति मिर्धा को मैदान में उतारा है जबकि बीजेपी ने गठबंधन के तहत यह सीट राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी यानी आरएलपी को दी है. आरएलपी के मुखिया हनुमान बेनीवाल खुद नागौर से ताल ठोक रहे हैं.

आपको बता दें कि हनुमान ने पहले कांग्रेस से हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी तो बीजेपी से राष्ट्रवादी इश्क हो गया. बेनीवाल इधर बीजेपी के साथ हुए और उधर चुनाव आयोग ने आरएलपी से बोतल चुनाव चिन्ह छीन लिया. आयोग ने आरएलपी को चार टायरों की जोड़ी का चुनाव चिन्ह आवंटित किया है. बेनीवाल इन टायरों पर सवार होकर दिल्ली पहुंचने का दावा कर रहे हैं.

बाबा यानी नाथूराम मिर्धा की पोती ज्योति मिर्धा और हनुमान बेनीवाल के बीच अदावत पुरानी है. ज्योति मिर्धा लगातार तीसरी बार यहां से चुनाव लड़ रही हैं जबकि बेनीवाल दूसरी बार मैदान में हैं. दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. ज्योति ने हनुमान को कलयुगी भाई और बहरूपिया तक करार दे दिया है जबकि बेनीवाल कह रहे है कि ज्योति पर्यटक प्रत्याशी हैं और वे हार क डर से मानसिक संतुलन खो चुकी हैं.

काबिलेगौर है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बेनीवाल ने निर्दलीय लड़ते हुए डेढ लाख से ज्यादा वोट लेते हुए ज्योति को हराने में अहम भूमिका निभाई थी,  लेकिन इस बार बीजेपी और आरएलपी का गठबंधन ज्योति को फायदा पहुंचाता हुआ दिख रहा है. इलाके की राजनीति के जानकार यह मानते हैं कि बेनीवाल के चुनाव लड़ने से गैर जाट जातियां, खासतौर पर राजपूत ज्योति मिर्धा की ओर रुख कर सकते हैं.

ऐसे में नागौर का चौधरी कौन होगा, इसका फैसला जाट मतदाता करेंगे.  अब देखना रोचक होगा कि जाट हनुमान बेनीवाल के साथ जाते हैं या फिर ज्योति मिर्धा के साथ. फिलहाल दोनों के बीच मुकाबला बराबरी का है. विश्लेषकों के अनुसार नागौर सीट पर मुकाबला कांटे का है. जीत-हार का अंतर 25  से 50 हजार तक रहने की संभावना है.

हनुमान बेनीवाल और ज्योति मिर्धा ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रखी है. दोनों को भीतरघात का सामना करना पड़ रहा है. ज्योति को महेंद्र चौधरी, चेतन डूडी और रिछपाल मिर्धा की नाराजगी भारी पड़ सकती है तो हनुमान को सीआर चौधरी,  यूनुस खान और गजेंद्र सिंह खींवसर से खतरा है.

नागौर में सीएम अशोक गहलोत के नामांकन सभा में बेनीवाल को लेकर दिए गए बयान की खूब चर्चा हो रही है. गहलोत ने कहा था कि  मैंने हनुमान को खूब समझाया पर वो कहां मानने वाला था. हमारे साथ आता तो मंत्री भी बन सकते थे, लेकिन अब उन्हें जीवनभर पछताना होगा.’  ज्योति मिर्धा के लिए ससुराल पक्ष हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा और रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने पूरा जोर लगा रखा है.

पूरे नागौर में चर्चा टक्कर होने की हो रही है.  हालांकि दोनों के समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं. ऐसे में परिणाम को लेकर कयास ही लगाया जा सकता है. दोनों के लिए मुकाबला करो या मरो जैसा है.  हनुमान के लिए खोने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है, क्योंकि वे विधायक हैं. यदि ज्योति मिर्धा चुनाव हारीं तो उनकी सियासी लौ ही बुझ जाएगी.

लोकसभा चुनाव: आज थम जाएगा दूसरे चरण के चुनावी प्रचार का शोर

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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 13 राज्यों की 97 सीटों पर चुनावी प्रचार का शोर आज शाम पांच बजे थम जाएगा. दूसरे चरण के चुनावी में तमिलनाडु की 39, कर्नाटक की 14, महाराष्ट्र की 10, यूपी की आठ, बिहार और ओडिशा की पांच-पांच, छतीसगढ़ की तीन, जम्मू-कश्मीर की दो और मणिपुर, त्रिपुरा और पुडुचेरी की एक-एक सीट पर मतदान होगा. बता दें, देश में कुल सात चरणों में लोकसभा चुनाव संपन्न होंगे. पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को हो चुका है. बड़े नेताओं की किस्मत का होगा फैसला चुनाव के दूसरे चरण में देश के बड़े नेताओं की किस्मत दांव पर है. मोदी सरकार के चार मंत्रियों की … Read more

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, योगी-मायावती नहीं कर सकेंगे प्रचार

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चुनाव आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती पर प्रचार पर रोक लगाने को कहा है. 16 अप्रैल को सुबह 6 बजे से शुरू होने वाली चुनाव आयोग ये रोक योगी आदित्यनाथ के लिए 72 घंटे और मायावती के लिए 48 घंटे के लिए लागू होगी. आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग ने यह सख्त कदम उठाया है. इस दौरान योगी आदित्यनाथ और मायावती ना ही कोई रैली को संबोधित कर पाएंगे, ना ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पाएंगे. इसके अलावा दोनों नेता किसी को इंटरव्यू भी नहीं दे पाएंगे. बता दें … Read more

यूपी में अधपके चावल दे रहे राजनीति के मंझे खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर

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इस बार का लोकसभा चुनाव कई मायनों में पिछले चुनावों के मुकाबले दिलचस्प होगा. इसकी वजह है कि उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में कई ऐसी सीटें हैं, जहां नए खिलाड़ी राजनीति में मंझे दिग्गजों को टक्कर देते नजर आ रहे हैं. सियासी दंगल के ये नए खिलाड़ी कहीं तो राजनीति की लंबी पारी खेल चुके खिलाड़ियों को चुनौती देंगे तो कहीं उनके आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. हालांकि चुनावी परिणाम में थोड़ा समय शेष है लेकिन मुकाबला कहीं मायनों में मजेदार हो गया है. आइए जानत हैं ऐसी ही कुछ लोकसभा सीटों के बारे में … आजमगढ़ मुलायम सिंह यादव की इस परम्परागत सीट पर फिर … Read more