राजनीति चमकाने के लिए युवाओं को उकसा रहे कुछ लोग, ये हरकतें बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार- गहलोत

राजनीति चमकाने के लिए युवाओं को उकसा रहे कुछ लोग
4 Oct 2021
Politalks.News/Rajasthan. REET परीक्षा 2021 में लगे धांधली के आरोपों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि, 'हमने तो बहुत अच्छे ढंग से मैनेज किया है परीक्षा के पूरे प्रोसेस को, लेकिन कुछ लोग नेता बनने के लिए कई तरह की अफवाहें चला रहे हैं. सीएम गहलोत ने कहा सच्चाई लाओ, हमारे सामने लाओ, सच्चाई एसओजी को दो, हम वादा करते हैं कि किसी को नहीं बख्शा जाएगा और बख्शना चाहिए भी नहीं क्योंकि आप लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हो, सरकार किसी कीमत पर नहीं बख्शेगी उनको, ये मानकर चलो'. विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि, 'भड़काने का काम छोड़ो आप लोग, अगर सच्चाई है, मालूम हुआ एक सेंटर पर, दो सेंटर पर मान लो पेपर आउट हो गया, तो आपको अधिकार है बताने का, हम पता कर रहे हैं कि इस एक सेंटर पर, दो सेंटर पर बात पहुंच गई है, पेपर आउट हो गया है, हम वहां वापस एग्जाम करवा देंगे. लेकिन उसकी आड़ में आप चाहो कि पूरे लाखों लोगों को वापस बुलाओ, उनको परीक्षा दिलवाओ, ये कहां की समझदारी है, ये समझ के परे है'. https://www.youtube.com/watch?v=ELpzYBHLfC4 'जहां शिकायत मिलेगी वहां करवा देंगे पेपर, लेकिन लाखों युवाओं को बुलाना ठीक नहीं' मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि, 'इसलिए अगर कोई शिकायत मिलेगी, सच्चाई होगी, तो जिन एक-दो सेंटर्स पर गड़बड़ी हुई है हम वहां वापस पेपर करवा देंगे उन सेंटर्स पर जहां पर ये शिकायत हुई है. लेकिन उसकी आड़ में आप लाखों लोगों को कैसे ये उम्मीद कर सकते हो कि सरकार उसके लिए वापस एग्जाम करवाएगी. सीएम गहलोत ने कहा कि ये जो तमाम हरकतें चल रही हैं, वो अच्छी नहीं हैं और सरकार बर्दाश्त भी नहीं करेगी'. यह भी पढ़े: मुंबई में बोले पायलट जो जिम्मेदारी मिलेगी निभाऊंगा, ड्रग्स-लखीमपुर कांड पर मोदी सरकार को घेरा कोरोना की मार झेल चुके प्रदेशवासियों ने बनाया एक इतिहास सीएम गहलोत ने कहा कि, 'रीट की परीक्षा में जो कुछ माहौल बना राजस्थान के अंदर और राजस्थानवासियों ने, प्रदेशवासियों ने जिस तरीके से आगे बढ़कर के एक इतिहास बनाया कि जो हमारे नौजवान साथी हैं, कोरोना की मार झेल चुके हैं, पूरे प्रदेशवासी झेल चुके हैं. कोरोना के वक्त में भी आपने देखा होगा कि कोई भूखा नहीं सोए, हमने कहा था तो लोगों ने, एनजीओ ने, एक्टिविस्ट्स ने, धर्मगुरुओं ने, सभी पार्टियों के लोगों ने मिलकर कोई कमी नहीं रखी सेवा करने में और हमने एप्रिशिएट किया सबको'. 'ऐतिहासिक आयोजन और सख्ती नहीं पच रही है विपक्ष को' मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि, 'बीजेपी का राज हो चाहे कांग्रेस का राज हो, पेपर आउट होने की खबरें आती रहती हैं. हमने इस बार ज्यादा कड़ाई बरती कि जहां शिकायत मिलेगी हम बर्खास्त कर देंगे नौकरी से, स्कूलों की मान्यता समाप्त कर देंगे, कार्रवाई करेंगे'. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि, रीट में करीब 16 लाख से ज्यादा छात्र और नौजवान थे, उनके लिए सरकार ने आह्वान किया कि परीक्षा के लिए एक दिन पहले जाना पड़ता है, कहां रुकेंगे, कहां खाना खाएंगे. सरकार के आह्वान करने मात्र से पब्लिक ने, एनजीओ ने, एक्टिविस्ट्स ने, जनप्रतिनिधियों ने पलक-पावड़े बिछा दिए उनके लिए, चाहे वो यूपी के आए हों, मध्यप्रदेश के आए हों, चाहे और किसी राज्य के लोग आए हों और जिस प्रकार से उनके खाने-पीने की व्यवस्था की, राम रसोड़े खोल दिए खिलाने के लिए उनको गर्म भोजन, पैकेट बना दिए उनके लिए, ऐसा मैं समझता हूं कभी इतिहास में आज तक कभी नहीं हुआ, राजस्थान में और देश में कहीं नहीं हुआ. ये नई परंपरा एक प्रकार से राजस्थान की जो महान परंपराएं रही हैं, उसी का एक रूप था ये जो हमें देखने को मिला'. यह भी पढ़े: अब राजभवन में अटका मैरिज रजिस्ट्रेशन बिल, बाल विवाह को बढ़ावा देने का हवाला, पहले ही अटके कई बिल 'लोगों ने जिस तरह बढ़ चढ़कर लिया हिस्सा इनके नहीं हो रहा डायजेस्ट' मुख्यमंत्री गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'रीट में जो अच्छा काम हुआ ये हमारे विपक्ष के साथियों को पच नहीं रहा है क्योंकि जिस प्रकार से लोगों ने जिंदाबाद के नारे लगाए वहां पर सरकार के और समाजसेवियों के, एक्टिविस्टों के, सबके वो कुछ लोगों को डायजेस्ट नहीं हो रहा इसलिए कुछ लोग ऐसे हैं इस समाज के अंदर, वो इसको भड़का रहे हैं'. सीएम गहलोत ने प्रदर्शन के लिए भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि, '33 हजार युवाओं को नौकरी मिलेगी जो बहुत बड़ी बात है. मैं एक समझता हूं कि बड़ी संख्या में हमने एक अवसर दिया. उनको लगता है कि ये 33 हजार पदों की जो नौकरी लगेगी, तो बाकियों की तो लगेगी ही नहीं, तो भड़काने में आसानी रहती है. अच्छा, आज कल पेपर ऐसे आते हैं ओएमआर शीट से कि उसी वक्त बच्चे को मालूम पड़ जाता है बेरोजगार को कि मैं पास होऊंगा या फेल होऊंगा. तो जो मालूम है कि अगर मेरा नंबर नहीं आने की संभावना है और ऐसी स्थिति बन गई कि मैं पास नहीं हो पाऊंगा तो वो लोग इनके भड़काने में आ जाते हैं'. 'लोगों की भड़काने की परंपरा नहीं रही है अच्छी' मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रदर्शनकारियों को उकसाने वालों के लिए कहा कि, 'ऐसे लोगों को आप भड़काओ कि पेपर तो आउट हो गए थे, तो आप कितनी ही भीड़ इकट्ठी कर लो, उनको भड़काने का काम कर लो, ये अच्छी परंपरा नहीं है. इससे तो अगर भर्तियां रुक गईं, सालभर, दो साल, फिर कोई कोर्ट में चला गया, फिर हाई कोर्ट, फिर सुप्रीम कोर्ट तक जाओ, पहले भी गए हैं, हमें तो कई बार सुप्रीम कोर्ट से केस विड्रॉ करना पड़ा है तो ये अलग परंपरा रहीं'. सीएम गहलोत ने कहा कि, 'मैं समझता हूं कि आगे भर्तियां कैसे होंगी? तो ये विपक्ष को समझना चाहिए कि ऐसी गलती नहीं करें क्योंकि उनके शासन के अंदर भी, जब भारतीय जनता पार्टी का शासन था तब भी पेपर आउट कई बार हुए हैं'. यह भी पढ़े: लखीमपुर जा रहे प्रियंका-हुड्डा समेत कई नेता हिरासत में, भड़के CM गहलोत-पायलट ने बताया तानाशाही आपको बता दें, बीजेपी से राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने REET, JEN और SI परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए तीन दिन तक जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दिया था. किरोड़ी लाल मीणा का कहना था कि, पेपर रद्द किए जाएं और मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए, क्योंकि इस मामले में तार CMO और लक्ष्मणगढ़ से जुड़े हुए हैं'.