नया चुनावी चिन्ह ‘तुतारी’ मिलते ही शरद पवार का पीएम मोदी पर फूटा गुस्सा

sharad pawar on narendra modi
24 Feb 2024
अगर आपमें जोश हो, हुनर हो और कुछ करने का जज्बा हो तो उम्र केवल एक नंबर साबित होती है. शरद पवार के लिए यह कहावत एकदम फिट बैठती है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में टूट के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और थके हारे कार्यकर्ताओं में फिर से जोश फूंकते हुए एक नयी पार्टी खड़ी कर दी. एनसीपी-शरद चंद्र पवार पार्टी को चुनाव आयोग की तरफ से नया 'तुतारी' सिंबल मिल गया है. नए सिंबल में एक व्यक्ति को 'तुरहा' बजाते हुए देखा जा सकता है. महाराष्ट्र में इसे 'तुतारी' बोलते हैं. नया पार्टी सिंबल मिलने पर 'एनसीपी शरद चंद्र पवार' ने कहा कि ये हमारे लिए गर्व की बात है. वहीं शरद पवार ने पीएम मोदी पर भी अपना गुस्सा निकाला है. https://www.youtube.com/watch?v=o53EwvV7ZBo शरद पवार ने तंज कसते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संसद से गैर हाजिर रहने का आरोप लगाया है. पवार ने दावा किया है कि राज्यसभा में जब आम लोगों के मुद्दों पर चर्चा होती है और नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं तो पीएम केवल 20 मिनट के लिए आते हैं. पवार ने पीएम के संसद के दरवाजे पर झुकने के कदम को भी एक नाटक बताया. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि सत्र की शुरूआत में प्रधानमंत्री संसद के दरवाजे पर झुकते हैं, यह एक नाटक है. आज पार्टी के लिए गौरव का विषय वहीं पार्टी को नया सिंबल मिलने पर शरद पवार ने कहा कि ये हमारे लिए गर्व की बात है. पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र के इतिहास में दिल्ली की गद्दी के कान खड़े करने वाले छत्रपति शिवराय का शौर्य आज 'राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी - शरद चंद्र पवार' के लिए गौरव का विषय है. यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की सभी 25 सीटों पर खिलेगा कमल पार्टी ने कहा कि महाराष्ट्र के आदर्श, फुले, शाहू, आंबेडकर, छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रगतिशील विचारों के साथ, यह 'तुतारी' शरद पवार के साथ दिल्ली के सिंहासन को हिलाने के लिए एक बार फिर से बिगुल बजाने के लिए तैयार है. शरद पवार गुट के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि हमारे कैंडिडेट इसी चुनावी सिंबल के साथ मैदान में उतरेंगे. SC ने दिया चुनाव आयोग को आदेश 6 फरवरी को चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को असली एनसीपी करार दिया था और पार्टी का नाम एवं घड़ी का सिंगल अजित पवार गुट को सौंप दिया था. शरद पवार गुट ने पार्टी के लिए तीन नाम चुनाव आयोग को दिए थे. इसमें से चुनाव ने 'एनसीपी शरद चंद्र पवार' पर मुहर लगाई है. चुनाव आयोग ने तब पार्टी के सिंबल पर फैसला नहीं दिया था. चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ शरद पवार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. 19 फरवरी को कोर्ट ने आदेश दिया था कि चुनाव आयोग एक हफ्ते के भीतर सिंबल आवंटित करे और अब जाकर पार्टी को 'तुतारी' सिंबल मिला है. पिछले साल जुलाई में टूट गई थी पार्टी गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई में एनसीपी में बड़ी टूट हुई थी. अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ एनडीए में शामिल हो गए और डिप्टी सीएम बन बैठे. उनके साथ आठ विधायक भी एनडीए गठबंधन का हिस्सा बने. पार्टी में फूट के बाद अजित पवार ने एनसीपी पर दावा ठोक दिया. मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा और चुनाव आयोग की तरफ से अजित पवार के पक्ष में फैसला दिया गया. इसके बाद एनसीपी विधायकों की अयोग्यता को लेकर महाराष्ट्र के विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने भी सुनवाई की. राहुल नार्वेकर ने चुनाव आयोग के फैसले का जिक्र करते हुए अजित पवार गुट को ही असली एनसीपी करार दिया. अब शरद पवार नए सिंबल पर लोकसभा और आगामी विधानसभा चुनावों में अजित पवार गुट के सामने अपनी ताल ठोकते हुए नजर आएंगे.