



अपने इस बयान में सरयू राय ने केंद्रीय नेतृत्व और खास तौर पर नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह को भी अपने निशाने पर रखा. सरयू राय के मुताबिक उनका टिकट काटने में जहां अमित शाह ने सक्रिय भूमिका निभायी, वहीं नीतीश कुमार से उनकी दोस्ती को भी एक मुद्दा बनाया गया. (Jamshedpur East) राय की नाराजगी इस बात पर भी है कि जब भी उन्होंने बिहार या झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई या घोटालों का पर्दाफ़ाश करना चाहा तो भाजपा को इसका जबरदस्त लाभ मिला, इसके बावजूद उनसे न केवल किनारा किया गया, बल्कि भ्रष्टाचार के आरोपी भानु प्रताप शाही जैसे व्यक्ति को पार्टी में शामिल कर उन्हें तुरंत टिकट भी दे दिया गया. खुद रघुबर दास ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत भानु प्रताप के विधानसभा क्षेत्र से की. यह भी पढ़ें: झारखंड: पिछले विधानसभा चुनावों में कई दिग्गजों को जनता ने दिया था नकार अब रघुबर दास को इस गलती का अहसास कराने के लिए ही सरयू राय ने अपनी सेफ सीट जमशेदपुर पश्चिमी के साथ-साथ रघुबर दास की सीट जमशेदपुर पूर्वी (Jamshedpur East) से भी बतौर निर्दलीय पर्चा भरा है. यहां उनके समर्थन में सैंकड़ों की भीड़ मौजूद रही. अब रघुबर दास को इस बात का डर सता रहा है. हालांकि झारखंड सीएम अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं लेकिन राय के नामांकन में भारी संख्या में समर्थकों की उपस्थिति चिंता का सबब बन गई है. यह बड़ी भीड़ रघुबर दास के विधानसभा क्षेत्र में उनके ही कार्यकर्ताओं की भीतरघात का अंदेशा स्पष्ट तौर पर दर्शा रही है जो रघुबर दास पर भारी पड़ सकती है. इसी सीट पर (Jamshedpur East) कांग्रेस ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और हाल में नेशनल सेलिब्रिटी बनकर फेम में आए गौरव वल्लभ को मैदान में उतारा है. गौरव तब सुर्खियों में आए जब भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा से एक टीवी चैनल पर ‘ट्रिलियन में कितने जीरो’ वाला सवाल पूछा था. गौरव बल्लभ राजस्थान के जोधपुर जिले के पीपाड़ गांव के रहने वाले हैं. उनकी स्कूली शिक्षा पाली जिले से हुई है. गौरव लंबे समय से कांग्रेस के प्रवक्ता के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं. हालांकि इस सीट पर गौरव का रसूख रघुबर दास और सरयू राय जितना नहीं है लेकिन एक नेशनल सेलिब्रेटी होने के नाते वे रघुबर दास का काम मुश्किल जरूर करेंगे. यह भी पढ़ें: भाजपा के जी का जंजाल बनी सहयोगी पार्टियां, पहले महाराष्ट्र, अब झारखंड में बढ़ी पार्टी की मुश्किलें अपने ही सरकार के मंत्री से मुकाबला यूं तो प्रदेश के सबसे सफल मुख्यमंत्री के तौर पर रघुबर दास के लिए इतना मुश्किल नहीं है लेकिन बार बार भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाना और अपनी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करना सरयू राय की शैली रही है. ऐसे में उनका कद जमशेदपुर पूर्वी क्षेत्र में रघुबर दास के समकक्ष नहीं तो उससे कम भी नहीं है. इसका अहसास तो इसी बात से ही हो जाता है कि जमशेदपुर पश्चिमी सीट पर बतौर निर्दलीय उनकी जीत तय मानी जा रही है. साफ छवि वाले नेता होने के बावजूद उनका टिकट काटे जाने से कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की सहानुभूति भी सरयू राय के साथ है. ऐसे में भीतरघात तो साफ तौर पर दिख रहा है. झामुमो और झाविमो से भी अलगाव रघुबर दास की जीत के रास्ते को कठिन करने का काम करेगा. इसी सीट पर कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ रहे गौरव वल्लभ कुछ उलटफेर करने में सफल हो जाएं तो उनका कद भी पार्टी में बढ़ जाएगा, इसमें कोई संदेह नहीं है.ये हैं भाजपा के बाग़ी उम्मीदवार सरयू राय जो अब रघुबर दास के ख़िलाफ़ चुनाव मैदान में हैं । उनके अनुसार ‘ रघुबर दाग़ को मोदी डिटर्जेंट और साह लॉंड्री भी नहीं साफ़ कर पायेगी ‘ ।दास को उन्होंने पहले ही कह दिया है कि भविष्य में उनके कारण जेल जाने वाले चौथे पूर्व मुख्य मंत्री होंगे । pic.twitter.com/KDtZeMZIEv
— manish (@manishndtv) November 18, 2019


