सैम पित्रोदा का यू-टर्न: विवादित बयान ने बीजेपी को दिया बड़ा हथियार, बैकफुट पर कांग्रेस

sam pitroda big statement before bihar elections 2025
20 Sep 2025
बिहार विधानसभा चुनाव के ऐन मौके पर कांग्रेस के ओवरसीज विभाग प्रमुख सैम पित्रोदा (Sam Pitroda) का बयान सियासत का नया बवंडर खड़ा कर गया है. पित्रोदा ने पाकिस्तान को ‘घर जैसा बताते हुए रिश्तों की सहजता की बात कही, लेकिन यह बयान भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस पर हमला बोलने का बड़ा मौका दे गया. विवाद बढ़ते ही पित्रोदा ने यू-टर्न लिया और सफाई दी कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है. उन्होंने कहा कि बयान का मकसद सिर्फ आपसी रिश्तों की सहजता दिखाना था. मगर चुनावी माहौल में उनकी सफाई से ज्यादा बयान का असर चर्चा में है. https://www.youtube.com/shorts/_-HKBQS6K7c बीजेपी को मिला मुद्दा इससे पहले सैम पित्रोदा ने अपने एक बयान में कहा, 'मैं पाकिस्तान गया, मुझे वहां घर जैसा महसूस हुआ. मुझे ऐसा लगा ही नहीं कि मैं विदेशी धरती पर हूं.' इस बयान ने बीजेपी को बैठे बिठाए मुद्दा दे दिया और बीजेपी ने इसे  सेना के अपमान से जोड़ दिया. यह भी पढ़ें: दिल्ली में पक रही बिहार की सियासी खिचड़ी, सीएम फेस के फेर में कांग्रेस ने राजद को फंसाया बीजेपी ने इस बयान को तुरंत लपक लिया और कांग्रेस पर पाकिस्तान-प्रेमी होने का आरोप लगाते हुए तीखे हमले शुरू कर दिए. पार्टी के नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के बीच यह बयान कांग्रेस की असली सोच को उजागर करता है. बीजेपी इसे राष्ट्रवाद बनाम तुष्टिकरण की लड़ाई के रूप में पेश करने की कोशिश में है. बीजेपी ने कहा कि ये बयान सैम पित्रोदा का नहीं, बल्कि राहुल-सोनिया-वाड्रा परिवार का पाकिस्तान प्रेम झलक रहा है. बीजेपी ने इस संबंध में सैम पित्रोदा और राहुल गांधी से सेना से माफी मांगने की मांग की है. विपक्ष पर बढ़ गया है दबाव कांग्रेस के लिए यह बयान सिरदर्द बन गया है. राहुल गांधी की यात्रा से जिस नैरेटिव को गढ़ने की कोशिश हो रही थी, उस पर पानी फिरता दिख रहा है. यही नहीं, इंडिया ब्लॉक और महागठबंधन के सहयोगी दल भी असहज स्थिति में हैं और बचाव की मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं. बिहार में पड़ सकता है चुनावी असर बिहार जैसे संवेदनशील राज्य में, जहां जातीय समीकरणों के साथ-साथ राष्ट्रवाद और सुरक्षा का मुद्दा भी अहम है, पित्रोदा का बयान कांग्रेस की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकता है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस बयान को चुनावी प्रचार में बड़े हथियार की तरह इस्तेमाल करेगी और विपक्ष को रक्षात्मक बनाए रखेगी.